आशूरा पर मातमी जुलुस निकाला, दिन भर शहादत की याद में आंसू बहे

दाउदी बोहरा समुदाय ने कल अपने इमाम, इस्लाम के पैगम्बर मुहम्मद साहब (स.अ.व.) के नवासे, हजरत अली (अ.स.) और सैय्यदा फातिमा (अ.स.) के बेटे इमाम हुसैन की शहादत की याद में यौम ए आशूरा मनाया। 10 मुहर्रम (9 सितम्बर) को इमाम हुसैन की शहादत की याद में हर वर्ष निकलने वाला अजादारी जुलुस बोहरवाड़ी स्थित मोहियतपुरा मस्जिद से जोहर अस्र की नमाज के बाद दो बजे निकला और वजीहपुरा मस्जिद पर समाप्त हुआ।

 

आशूरा पर मातमी जुलुस निकाला, दिन भर शहादत की याद में आंसू बहे

उदयपुर 10 सितम्बर 2019 दाउदी बोहरा समुदाय ने कल अपने इमाम, इस्लाम के पैगम्बर मुहम्मद साहब (स.अ.व.) के नवासे, हजरत अली (अ.स.) और सैय्यदा फातिमा (अ.स.) के बेटे इमाम हुसैन की शहादत की याद में यौम ए आशूरा मनाया। 10 मुहर्रम (9 सितम्बर) को इमाम हुसैन की शहादत की याद में हर वर्ष निकलने वाला अजादारी जुलुस बोहरवाड़ी स्थित मोहियतपुरा मस्जिद से जोहर अस्र की नमाज के बाद दो बजे निकला और वजीहपुरा मस्जिद पर समाप्त हुआ।

आशूरा पर मातमी जुलुस निकाला, दिन भर शहादत की याद में आंसू बहे

दाऊदी बोहरा जमात के प्रवक्ता मंसूर अली ओड़ावाला ने बताया की जुलुस में इमाम हुसैन के भाई मौला अब्बास के अलम निकाले गए। जुलुस में मार्ग के दोनों ओर समज की महिलाये आँखों में अपने इमाम का गम लिए हुए खड़ी हुई थी। वहीँ छोटे छोटे मासूम बच्चे भी ‘या हुसैन’ ‘या अली’ पुकार के मातम कर रह रहे थे। जुलुस में असरार जावरिया वाला एन्ड पार्टी, मुजम्मिल मुजाहिर एन्ड पार्टी, मुश्ताक जरीवाला एंड पार्टी मातमी नौहा पढ़ते हुए चल रहे थे। जुलुस के संचालन को अंजुमन ए फिदायने हुसैनी के कार्यकर्ताओ ने अंजाम दिया।

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दाउदी बोहरा जमात के सचिव जाकिर हुसैन पंसारी ने बताया की जुलुस के फौरन बाद वजीहपुरा मस्जिद में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियो की शहादत मुल्ला अली असगरसाहब द्वारा वजीहपुरा मस्जिद में पढ़ी गई। मजलिस की सदारत मुल्ला पीर अली साहब ने की। आशूरा के दिन सामूहिक इफ्तारी का आयोजन भी किया गया। मगरिब ईशा की नमाज के बाद सामूहिक नियाज का भी आयोजन किया गया। आशूरा पर मातमी जुलुस निकाला, दिन भर शहादत की याद में आंसू बहे

शाम ए गरीबां का रात को

आशूरा पर मातमी जुलुस निकाला, दिन भर शहादत की याद में आंसू बहे

आज रात को शाम ए गरीबां की मजलिस का आयोजन वजीहपुरा मस्जिद में किया गया।,जिनमे इरफान अल्वी मस्जिद में बत्ती गुल कर अँधेरे में शाम ए गरीबां का मंजर पेश किया गया।। जबकि असरार अहमद जावरिया वाला सलाम ए आखिर किया।

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शिया दाउदी बोहरा समाज

पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के नवासे मौला इमाम हुसैन आपके 18 साल के नौजवान बेटे मौलाना अली अकबर , आपके 6 महीने के शहजादे मौलाना अली असगर, आपके भाई सक्का-ए-कर्बला मौलाना अब्बास अलम्बरदार आपकी बहन मौलातिना जैनब के दो शहजादे मौलाना ओन व मोहम्मद, आपके भाई इमाम हसन के शहजादे मौलाना कासिम व मौलाना अब्दुल्लाह , आपके तमाम अहलेबैत व अस्हाब-ए-वफादार की शहादत की याद में सोमवार 9 सितम्बर को यौम-ए-आशूरा मनाया गया ।

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समाज प्रवक्ता डा. बी. मूमिन ने बताया किं स्थानीय फतहपुरा स्थित बुरहानी मस्जिद,बोहरावाडी स्थित मोईयदपुरा मस्जिद, सैफी हाॅल एवं सैयदी खान्जीपीर स्थित लुकमानी मस्जिद में 1 सितम्बर रविवार से 8 सितम्बर तक मौला इमाम हुसैन एवं कर्बला के शहीदों की याद में हर रोज प्रातः 9.30 बजे से वायज के सामूहिक नियाज के आयोजन हुए। मगरिब व इशा की नमाज के बाद मजलिस-ए-अजा-ए हुसैन के अन्तर्गत मातमी नौहे पढे जाते थे एवं रात्रि में भी सामूहिक नियाज के आयोजन हो रहे थे।

आशूरा पर मातमी जुलुस निकाला, दिन भर शहादत की याद में आंसू बहे इमाम हुसैन की शहादत के जिक्र के बाद दुआये मांगी गई विषेशरुप से 53 वें दाई-उल-मुतलक हीज हाॅलीनेस डा. सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की उम्र दराजी के लिये , 52 वे दाई-उल-मुतलक मुकद्दस सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन साहब की रुह के सवाब के लिये दुआये मांगी गई ।

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