जहाँ होती है बुल्लेट मोटरसाइकिल की पूजा

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ओम बन्ना, राजस्थान के मारवाड़ इलाके में कम ही लोग हैं जो इस नाम से परिचित न हों। ओम बन्ना उर्फ ओम सिंह राठौड़। लोग उन्हें उनकी बुलेट मोटरसाइकिल की वजह से जानते हैं और वो भी मौत के बाद। ये बात जितनी हैरतअंगेज है उतनी ही सच भी। पाली से तकरीबन 20 किलोमीटर दूर एक मोड़ है, जहां पर लगातार दुर्घटनाएं होती थीं। पिता हमेशा नसीहत देकर अपने जवान बेटे को भेजते थे और पत्नी शुभकामनाएं देकर। क्योंकि यह मोड़ उनके [आगे पढ़ें…]

क्या फेसबुक का अधूरा ज्ञान हमें भारी पढ़ रहा है?

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किसी छोटे बच्चे के हाथ में कोई बहुत ही अजीब खिलौना लग जाए तो क्या होगा? बच्चा निः संकोच उसके साथ खेलने की कोशिश तो करेगा पर हो सकता है इस चक्कर में या तो वह खिलौना टूट जाये या फिर बच्चा उसका इस्तेमाल खुद अपने तरीके से करने लगे जो गलत भी हो सकता है। आज फेसबुक भी कुछ ऐसा ही खिलौना साबित हो रहा है जिसका अधूरा ज्ञान भारी पढ़ रहा है आम जनता पर। क्या शेयर करना है, क्या लिखना है, किससे दोस्ती करनी है, किससे नहीं और [आगे पढ़ें…]

कभी तू ही मुझे रूलाती है

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शिवेन्दु पुरोहित प्यार कहने को एक बहुत छोटा सा शब्द है पर जब आप इसमे पूरी तरह से डूब जाते हो तब इसके मायने समझ आते है। आपकी एक अलग दुनिया बन जाती है।  आपका दिन वही से शुरू होता है और रत भी वही आ कर ख़त्म होती है  अगर आपका प्यार आपके साथ है  तो सब कुछ हसीन लगता है पर अगर वो नही तो कुछ नही। कभी तू ही मुझे रूलाती है  तो कभी तू ही मुझे हसाती भी है ... कभी खुद बेवजह रूठ जाती है  मुझसे तो कभी तू ही आके मुझे मनाती भी है [आगे पढ़ें…]

राजस्थान में आदिवासियों का महाकुंभः बेणेश्वर मेला

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अखिल विश्व में अपनी अनूठी लोक संस्कृति व गीत संगीत के लिए पहचान स्थापित करने वाली वीर प्रसविनी धरा राजस्थान के दक्षिणांचल में मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान की सीमाओं पर स्थित वागड़ क्षेत्र डूंगरपुर, बांसवाड़ा जिला सदैव से अपनी मनमौजी परंपराओं सांस्कृतिक धार्मिक मेलों एंव हाट बाजारों के कारण देश प्रदेश में ख्यात रहा है। इसी वागड़ में आदिम संस्कृति की अगाध आस्थाओं से जुड़ा देश का सबसे बड़ा [आगे पढ़ें…]

पं. दीनदयाल उपाध्याय: आधुनिक राजनीति में सिद्धान्तनिष्ठता व शुचिता के राजदूत

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राजनीति ने राष्ट्र-जीवन में कुछ ऐसे दोष उत्पन्न कर दिये है जो हमारे लिये अभिशाप बन गये हैं। जातिवाद, सिद्धान्तहीनता, पदलोलुपता, वैमनस्यता और अनुशासनहीनता सर्वत्र फैलती जा रही है। इन दोषों से छुटकारा पाने का एकमेव उपाय है कि राजनीति की बागडोर ऐसे व्यकितयों के हाथ में हो जिनके सबल पग न तो मोह में फंस सकें और न कठिनार्इयों में डगमगा सकें वरन दृढ़ता से एक ऐसा मार्ग प्रशस्त करते चलें। जो जनता के लिये [आगे पढ़ें…]

शिल्पग्राम के कलाकारों की कहानी, उनकी ज़ुबानी

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शिल्पग्राम उत्सव के आते ही सबसे पहले जेहन में आती है लोक कला . वहां जो संस्कृति की अनूठी मिसाल देखने को मिलती है वह कही और नहीं मिलती। हर प्रदेश के लोक नृत्य, लोक गायन व लोक कलाओं का अनूठा संगम है शिल्पग्राम जहां अनेक प्रदेशो के लोक कलाकार इस उत्सव में आते है। हम सभी उनकी कला को देखते और सराहते है पर उस कलाकार के रंगे हुए चेहरे के पीछे उसकी क्या कहानी है कभी सोचा है , उसका जीवन क्या है, उसके हस्ते हुए चेहरे [आगे पढ़ें…]

क्या कारगर सिद्ध होगी नवीन परीक्षा प्रणाली ?

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अशोक माथुर शिक्षा प्रणाली में समय-समय पर आवश्यकतानुसार परिवर्तन वांछनीय होता है। परीक्षा पद्धति शिक्षण प्रक्रिया पर गहरा प्रभाव डालती है अत: इसमें बदलाव और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हाल ही में परीक्षा सुधार प्रक्रिया के अंतर्गत एक पैनल बनाया। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल के चेयरमैन विनीत जोशी की अधयक्षता में कुछ पश्चिमी देशो में प्रचलित परीक्षा प्रणाली का [आगे पढ़ें…]

ज़रूरत है सोच बदलने की, कदम बढ़ाने की

राजधानी दिल्ली में बस में एक लड़की से हुए सामूहिक बलात्कार ने पुरे देश में तहलका मच रखा है। इस ह्रदय विदारक घटना ने लोगों में आक्रोश और क्रोध की ज्वाला भड़का दी है। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती उस लड़की की चिंताजनक स्थिति उन दरिंदो की हेवानियत बयाँ कर रही है। उसकी 5 ऑपरेशन हो चुके है इसके बावजूद भी वो जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है पूरा देश उसके ठीक होने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहा है हर टीवी चैनल, [आगे पढ़ें…]

डॉक्टर पर विश्वास करें, अन्धविश्वास नहीं

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कहते है डॉक्टर भगवान का रूप होता है क्योंकि वो जिंदगी देता है, बात तो सच ही है हर इंसान यही सोचता है। आप और हम भी तो यही सोचते है न। हम अपने आप को डॉक्टर को सोंपकर निश्चिंत हो जाते हैं जैसा डॉक्टर कहता है वैसा ही करते है इस उम्मीद में कि वही हमारी जिंदगी का रक्षक है और अगर वही रक्षक अपनी ज़रा सी लापरवाही की वजह से हमारी जिंदगी का दुश्मन बन जाए तो? ऐसी ही एक घटना मेरी जिंदगी में हुई जो मैं आज आपको बता रही [आगे पढ़ें…]

जन्मदिन विशेष : मेवाड़ के चहुंमुखी विकास के पुरोधा हैं अरविंद सिंह मेवाड़

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आठवीं सदी में बप्पारावल ने अपने गुरू महर्षि हरित राशि के आशीर्वाद से जिस मेवाड़ राजवंश और मेवाड़ राज्य शासन की नींव डाली उसी गौरवशाली वंश की परंपरा में 13 दिसंबर 1944 ईस्वी, बुधवार को श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ का जन्म हुआ। 68वें बसंत में प्रवेश कर रहे बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्रीजी कला के पारखी हैं। बात चाहे भगवान श्री एकलिंगनाथजी की प्रथम आरती की हो अथवा श्रीनाथजी की शयन आरती, गुलाब के पौधे की किस्म से [आगे पढ़ें…]