विश्व गौरेया दिवस का रंगारंग आयोजन

वन विभाग एवं विश्व प्रकृति निधि के संयुक्त तत्वावधान में जैविक उद्यान सज्जनगढ़ उदयपुर में विश्व गौरेया दिवस का रंगारंग आयोजन सम्पन्न हुआ। विशेषकर शहरी वातावरण में गौरेया की लगभग अनुपस्थिति से पूरा विश्व चिंतित है एवं गौरेया तथा शहरी वातावरण को पसंद करने वाले पक्षियों के संरक्षण को लेकर विश्वभर में 20 मार्च को विश्व गौरेया दिवस मनाये जाने का निर्णय हुआ है।

 
विश्व गौरेया दिवस का रंगारंग आयोजन

वन विभाग एवं विश्व प्रकृति निधि के संयुक्त तत्वावधान में जैविक उद्यान सज्जनगढ़ उदयपुर में विश्व गौरेया दिवस का रंगारंग आयोजन सम्पन्न हुआ। विशेषकर शहरी वातावरण में गौरेया की लगभग अनुपस्थिति से पूरा विश्व चिंतित है एवं गौरेया तथा शहरी वातावरण को पसंद करने वाले पक्षियों के संरक्षण को लेकर विश्वभर में 20 मार्च को विश्व गौरेया दिवस मनाये जाने का निर्णय हुआ है।

इसके तहत उदयपुर शहर के कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विभिन्न पक्षियों के रंग-बिरंगे वेशभूषा पहनकर गौरेया एवं अन्य पक्षियों के संरक्षण के लिए सभी को संदेश दिए एवं प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रतियोगिता में दो वर्ग रखे गए थे पहले वर्ग में कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थी एवं दूसरे वर्ग में कक्षा 4 से 8 तक विद्यार्थी शामिल किए गए।

प्रथम वर्ग में प्रथम स्थान पर अंकित पब्लिक सीनियर सैकण्डरी स्कूल की सविता मेघवाल, द्वितीय स्थान पर रीना कुमारी राव एवं तृतीय स्थान पर विद्या भवन सीनियर सैकण्डरी स्कूल की कनिष्का राठौड़ रही। द्वितीय वर्ग में प्रथम स्थान पर दिल्ली पब्लिक स्कूल की कात्यायनी पण्डित, द्वितीय स्थान पर विद्या भवन सीनियर सैकण्डरी स्कूल की कृष्णा डांगी एवं तृतीय स्थान पर अंकित पब्लिक सीनियर सैकण्डरी स्कूल की हेमा कुंवर सिसोदिया रही।  इन सभी विजेता प्रतिभागियों को मोमेन्टों, बर्ड प्रतीक चिह्न एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन विश्व प्रकृति निधि के उदयपुर हेड के अरूण सोनी एवं उनकी टीम सुश्री केन्द्रिका, सुश्री कनिष्का एवं श्री उत्कर्ष द्वारा किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, मुख्य वन संरक्षक, उदयपुर सुश्री शिखा मेहरा ने गौरेया एवं अन्य पक्षियों के संरक्षण की आवश्यकता एवं महत्ता पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव राहुल भटनागर, इन्द्रपाल सिंह मथारू, उप वन संरक्षक डॉ. टी. मोहनराज, सुहेल मजबूर एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका सेवानिवृत डी.एफ.ओ. वी.एस. राणा एवं पी.एस. चुण्डावत ने निभाई। अंत में सहायक वन संरक्षक शैतान सिंह देवड़ा ने धन्यवाद जताया।

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