नहीं पता था प्राण पेंशन पाने की आश में हवा हो जाएंगें

भारी भीड-भाड वाले बैंक की लाईन में लगना एक व्यक्ति को फिर भारी पड़ गया, उसे उसके परिजनों को नहीं पता था कि उसके प्राण पेंशन पाने की आश में हवा हो जाएंगें। हुआ युं कि गुरूवार सुबह करीब 8 बजे कोटडा के मालवा का चौरा ग्राम पंचायत स्थित पंजाब नेशनज बैंक की लाईन में लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। लाईन में लगे लोगों एवं परिजनों की जानकारी के अनुसार मृतक यहां पर पेंशन लेने एवं बैंक में अधार लिंक करावाने लिए आया था।

 

नहीं पता था प्राण पेंशन पाने की आश में हवा हो जाएंगें

उदयपुर 17 मई 2019 कोटडाः- भारी भीड-भाड वाले बैंक की लाईन में लगना एक व्यक्ति को फिर भारी पड़ गया, उसे उसके परिजनों को नहीं पता था कि उसके प्राण पेंशन पाने की आश में हवा हो जाएंगें। हुआ युं कि गुरूवार सुबह करीब 8 बजे कोटडा के मालवा का चौरा ग्राम पंचायत स्थित पंजाब नेशनज बैंक की लाईन में लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। लाईन में लगे लोगों एवं परिजनों की जानकारी के अनुसार मृतक यहां पर पेंशन लेने एवं बैंक में अधार लिंक करावाने लिए आया था।

मौके पर पहुंची बेेकरिया पुलिस थानाधिकारी अमराराम मीणा ने लाश को बेकरिया सीएचसी में पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया है।

नहीं पता था प्राण पेंशन पाने की आश में हवा हो जाएंगें

मालवा का चौरा बैंक शाखा पर इतना प्रभार होने के बावजूद यहां पर आम लोगों के लिए अभी भी कोई एटीम की व्यवस्थ नहीं है। पूर्व में डिमांड के अनुसार बैंक में एक एटीम लगाया गया जिसे मैनेजर के ऑफिस में स्थाई कर दिया गया जिसमें बाद में आम लोगों की पहुंच नहीं होने एवं ट्रांज़ेक्शन नहीं कर पाने की स्थिति में वापस भिजवाना पडा। आधार लिंक का लेकर जब खाता धारक बैंक में पहंचता है तो उसे बराबर प्राथमिकता न देकर सरासर कार्मिकों द्वारा मना कर दिया जाता हैं।

नहीं पता था प्राण पेंशन पाने की आश में हवा हो जाएंगें

दो दिन पूर्व की मिडिया रिपोर्ट के अनुसार यह स्थिति साफ हो गई थी की कोटडा की 12 पंचायतों के बीच इस बैंक के करीब 42 हजार खाता धारक है। बैंक तो सुबह 10 बजे खुलता है पर लेन-देन की के लिए लोगों को यहां पर सुबह 6 बजे से लाईन लगानी पड.ती है। और तो और अगर आप लोगों की परेशानियों को जानेंगे तो सामने आएंगा कि अधिकतर लोग पैसा लेने के लिए कई दिनों तक लगातार लाईन में लगने के बाद भी खाली हाथ घर लोटते। भरी गर्मी में बैंक के बाहर लोगों को लाइन लगने के लिए मजबूर होना पड.ता है, यहां पर पीने के लिए पानी और छाव के लिए कत्रित छत की कोई भी व्यवस्था नहीं है ऐसे में यहां पर नागरिकों के जीवन और उनके स्वास्थय पर पड.ने वाले बूरे प्रभाव पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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बैंक में चंद लोगों को छोडकर बाकी सभी लोगों को बाहर घण्टों धूप में इंतेजार करना पड़ता है। दूर-दूर तक करीब 25 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में कोई बैंक नहीं होने के कारण एकमात्र इस बैंक में ये हालात काफी दिनों से चल रहे है। साथ ही बैंक के कर्मियों की ओर से बदलसुकी की जाती है

मामले की गंभीरता को लेकर जब स्थानीय संवाददाताओं ने मैनेजर से कुछ आंकडें मांगने की कोशिश भी नाकाम निकली इस दौरान उचित व्यव्हार नहीं करते हुए खाता धारकों की अब तक संख्या और शाखा पर भार बताने से भी मना कर दिया गया।

नहीं पता था प्राण पेंशन पाने की आश में हवा हो जाएंगें

हर रोज कम से कम 400 से 450 लोग लेन देन के लिए बैंके के बाहर खडे रहते है, जिसमें से करीब 50 लोगों को पापड बेलने के बाद बैंक में घूसने को मौका मिलता हैै। एक ऐसा बैंक जिसमें केवल कर्मियों की मनमर्जी ही काम आती है। बैंक अपने ग्राहको के हितों को भी नजरअंदाज करने लग गया है जिससे यहां पर चक्कर आकर गिर पड़ना आदि समस्याएं आम हो गई है।

बैंक के बाहर लाईने में लगे लोगों के लिए छाव की और पानी पीने की व्यवस्था नहीं है, बैंक प्रभार को देखते हुए पूर्व में कई दफा बैंक के कर्मियों को स्टाफ बढ़ाने के बातचीत की जा चुकी है पर इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। एडवोकेट तोताराम गरासिया 

पैसे निकालने के लिए 4 दिनों से लाईन में लगी हुं पर कई घण्टों तक नंबर नहीं आता है आता है तो बैंक कर्मियों द्वारा पीछे हटने के लिए बोला जाता है। (हरमी बाई गरासिया, 72 वर्षीया वरिष्ठजन)

मालवा का चौरा शाखा के खाता धारकों की संख्या नहीं बता सकता और मामले को लेकर इस तरह की कोई जानकारी मीडिया को नहीं दे सकता, बाइट देने के लिए मैं अधिकृत नहीं हू इसके लिए सर्कल ऑफिसर से बात करनी होगी। असीम यादव (शाखा मैनेजर, मालवा का चौरा)

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