चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए सास के मरने का झूठा बहाना बनाया लेकिन पकडे गए

लोकसभा आम चुनाव 2019 में सरकारी कर्मचारी और शिक्षक चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए अजीबो गरीब बहाने तलाशते रहते है। कोई बीमारी का बहाना बना रहा है कोई खुद को अनफिट साबित करने की जुगत में लगा है तो कोई नए नए बहाने गढ़ रहा है। ऐसे ही चुनावी ड्यूटी से बचने के चक्कर में एक शिक्षक महोदय ने तो अपनी सास के मरने का झूठा बहाना बना डाला।

 

चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए सास के मरने का झूठा बहाना बनाया लेकिन पकडे गए

लोकसभा आम चुनाव 2019 में सरकारी कर्मचारी और शिक्षक चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए अजीबो गरीब बहाने तलाशते रहते है। कोई बीमारी का बहाना बना रहा है कोई खुद को अनफिट साबित करने की जुगत में लगा है तो कोई नए नए बहाने गढ़ रहा है। ऐसे ही चुनावी ड्यूटी से बचने के चक्कर में एक शिक्षक महोदय ने तो अपनी सास के मरने का झूठा बहाना बना डाला।

शिक्षक महोदय ने चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए आवेदन किया की “साहब मेरी सास का निधन हो गया है, मै चुनाव ड्यूटी नहीं कर सकता ” जयपुर जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने संदेह होते हुए शिक्षक महोदय की पत्नी को फ़ोन कर उसकी माँ के निधन की सांत्वना दी शिक्षक महोदय महोदय के झूठ का पर्दाफाश हो गया।

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कलेक्टर ने शिक्षक महोदय के आवेदन पत्र पर झूठ लिखने की बात मार्क की और शिक्षक की तय स्थान पर ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया। ड्यूटी से बचने के लिए झूठा बहाना बनाने वाले शिक्षक पर कार्रवाही के लिए भी कहा है।

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