इसरो द्वारा आयोजित सेमिनार में छात्रों में भारी उत्साह

5 चरणो में आयोजित इस सेमिनार के प्रथम चरण में डॉ. मुन्जाल ने इसरो के विभिन्न प्रोजेक्टस के दौरान कार्य करते समय अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए छात्रों को बताया कि कैसे सभी वैज्

 
इसरो द्वारा आयोजित सेमिनार में छात्रों में भारी उत्साह

स्पेस सोसायटी ऑफ मेकेनिकल इंजिनियर्स (SSME), भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) अहमदाबाद तथा अरावली इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज, उमरड़ा उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में Emerging New Trends In Space Technology विषय पर सेमिनार का आयोजन अरावली केम्पस में किया गया। राजस्थान में पहली बार आयोजित इस बहुप्रतीक्षित सेमिनार में इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बी. एस. मुन्जाल, प्रेसिडेन्ट, एस.एस.एम.ई., इसरो एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री आर. एम. शाह, इसरो, अहमदाबाद, सचिव श्री हेमन्त अरोडा, एस.एस.एम.ई., इसरो अहमदाबाद, वैज्ञानिक श्री आशिष सोनी, वैज्ञानिक श्री जिगर शाह उपस्थित थे। पांच चरणों मे आयोजित इस सेमिनार के उद्घाटन सत्र में राजस्थान तकनीकि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. पी. कौशिक ने पधार कर इस भव्य सेमिनार की गरिमा को बढाया व इस सेमिनार के सफलता की शुभकामनाए दी। अरावली ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के पेट्रोन श्री. ओमप्रकाश अग्रवाल व सचिव श्री एन. एल. खेतान ने सर्वप्रथम सभी विशिष्ठ अतिथियों का माल्यार्पण व मेवाडी पगड़ी से स्वागत किया। प्रो. कौशिक ने अपने उद्बोधन में फ्रुगाल इंजिनियरिंग के बारे मे बताया। प्रोफेसर कौशिक केे अनुसार किसी भी विशिष्ट कार्य की सफलता के लिए तीन बिन्दु आवश्यक हैः पहला सकारात्मक विचार, दुसरा इन विचारो का क्रियान्वय करना व तीसरा नकारात्मक विचारो को नष्ट करना। 5 चरणो में आयोजित इस सेमिनार के प्रथम चरण में डॉ. मुन्जाल ने इसरो के विभिन्न प्रोजेक्टस के दौरान कार्य करते समय अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए छात्रों को बताया कि कैसे सभी वैज्ञानिक प्रकृति से सीख लेकर कार्य करते है। मधुमक्खी के छत्ते में जैसे सभी मक्खियां समानान्तर एक उचित क्रम में एकता के साथ में कार्य करती है ठीक उसी तरीके से इसरो के सभी वैज्ञानिक, अधिकारी व एग्जीक्युटिव साथ मिल कर किसी मिशन पर कार्य करते है।इसी का नतीजा है कि इसरो ने इस देश को एक के बाद एक विभिन्न मिशन जैसे मार्स मिशन, जी-सेट, कई कम्यूनिकेशन सेटेलाइट्स के माध्यम से हमारे देश को गौरवान्वित किया है।

द्वितिय चरण में वरिष्ट वैज्ञानिक श्री. आर. एम. शाह ने छात्रों को क्वालिफिकेशन ऑफ सेटेलाइट सब सिस्टम फॉर स्पेस एप्लीकेशन पर विस्तार से बताया।साथ ही श्री. शाह ने कहा कि ज्ञान में ताकत है यह सत्य है परन्तु केवल ज्ञान होना ही ताकत नही है वरन ज्ञान को लागू करना वास्तविक्ता में ताकत है।

तृतीय चरण में एस.एस.एम.ई., इसरो के सचिव श्री हेमन्त अरोड़ा ने मार्स मिशन के बारे में विडियों प्रजेन्टेशन के माध्यम से विस्तार से बताया। इस सेमिनार के चेयरमेन डॉ. हेमन्त धाभाई के अनुसार सम्भागं के कुल 527 प्रोफेसर्स, इजिनियर्स, इण्डस्ट्रियलिस्ट तथा विद्यार्थियों ने इस सेमिनार में भाग लिया।सेमिनार के अवसर पर अरावली के छात्रों द्वारा विभिन्न प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसे कुलपति महोदय प्रो. एन. पी. कौशिक व इसरो से पधारे समस्त वैज्ञानिको ने सराहा। सभी अतिथियो द्वारा सेमिनार मे उपस्थित सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गए। अन्त मेें इस सेमिनार के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी श्री प्रकाश बहरानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

From around the web