बढ़ी हुई फीस दो नहीं तो टीसी पकड़ो

सरदारपुरा स्थित निजी शिक्षण संस्थान में फीस वृद्धि को लेकर अभिभावक सड़को पर उतर आये है। आज सुबह परेशान अभिभावकों ने जिलाधीश कार्यालय (कलेक्ट्रेट) पर इकट्ठा होकर स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कलेक्टर से हस्तक्षेप कर अनावश्यक रूप से फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग की।

 

बढ़ी हुई फीस दो नहीं तो टीसी पकड़ो

उदयपुर में सरदारपुरा स्थित निजी शिक्षण संस्थान में फीस वृद्धि की लेकर अभिभावक उतरे सड़को पर

उदयपुर 15 जुलाई – आजकल निजी शिक्षण संस्थानों ने शिक्षा को व्यापार बना डाला है। न केवल मनमानी फीस वसूली जा रही है बल्कि स्कूल बैग, कॉपी किताब, स्टेशनरी और ड्रेस भी स्कूल द्वारा निर्धारित दुकानों से अभिभावको को मजबूर किया जा रहा है। अगर कोई अभिभावक विरोध करने की हिम्मत दिखाता है तो स्कूल प्रशासन टीसी पकड़वाने के धमकी देता है। बेचारे अभिभावक अपने बच्चो के भविष्य बिगड़ने के डर से मजबूरी में अपनी जेब खाली करने को विवश है।

सरदारपुरा स्थित निजी शिक्षण संस्थान में फीस वृद्धि को लेकर अभिभावक सड़को पर उतर आये है। आज सुबह परेशान अभिभावकों ने जिलाधीश कार्यालय (कलेक्ट्रेट) पर इकट्ठा होकर स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कलेक्टर से हस्तक्षेप कर अनावश्यक रूप से फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग की।

अभिभावकों ने कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए बताया की स्कूल प्रशासन ने बगैर किसी पूर्व सूचना के स्कूल फीस मे बढ़ोतरी का फरमान जारी कर दिया। अभिभावकों के विरोध करने पर स्कूल प्रशासन ने टके सा जवाब दे दिया की बढ़ी हुई फीस दो अन्यथा टीसी पकड़ो। स्कूल प्रशासन की इस मनमानी के विरोध में अभिभावक सड़क पर उतर आये है।

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कलेक्ट्री पर एकत्र अभिभावकों ने बताया की बढ़ी हुई फीस के अंतर्गत छात्रों की सुविधाओं में किस प्रकार की बढ़ोतरी कर रहे है इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। वहीँ बच्चो की किताबे, ड्रेस इत्यदि भी स्कूल द्वारा निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए अभिभावक मजबूर है।

800 रूपये से 1500 रूपये मासिक फीस की वृद्धि

अभिभावकों का कहना है की इस महंगाई के दौर में स्कूल प्रशासन द्वारा अलग अलग कक्षाओं के लिए निर्धारित फीस में 800 रूपये से लेकर 1500 रूपये की मासिक वृद्धि अभिभावकों के जेब पर डाका डालने जैसा है। अभिभावकों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है।

अभिभावकों का कहना है की कलेक्टर ने उन्हें उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। अभिभावकों ने चेताया कि अगर कोई कार्यवाही नहीं होती है तो वह पुनः एकत्र होंगे और व्यापक आंदोलन करेंगे।

उल्लेखनीय है की कुछ दिनों पूर्व 100 फिट रोड स्थित एक अन्य निजी शिक्षण संस्थान में भी फीस बढ़ोतरी के खिलाफ अभिभावक सड़को पर उतर आये थे।  सवाल यह है की कब तक अभिभावक लुटते रहेंगे। क्या शिक्षा विभाग इन निजी स्कूलों पर लगाम कस पायेगा ?

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