कुख्यात अपराधी आज़म पुलिस के हत्थे चढ़ा

पिछले चार साल से फरार 50 से अधिक मामलों में वांछित और कुख्यात अपराधी आज़म खान को आखिरकार उदयपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप सिंह ने बताया की किस प्रकार पुलिस की टीम ने कड़ी मेहनत से इस शातिर कुख्यात अपराधी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की।

 

कुख्यात अपराधी आज़म पुलिस के हत्थे चढ़ा

पिछले चार साल से फरार 50 से अधिक मामलों में वांछित और कुख्यात अपराधी आज़म खान को आखिरकार उदयपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप सिंह ने बताया की किस प्रकार पुलिस की टीम ने कड़ी मेहनत से इस शातिर कुख्यात अपराधी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की।

जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शहर में इस वर्ष मई जून में हुई फायरिंग एवम् शहर के कई अन्य प्रकरणों में विगत लम्बे समय से वांछित आजम खान पुत्र सईद खांन निवासी चुडीघरों का मोहल्ला मुखर्जी चौक थाना धानमंडी की गिरफतारी हेतु एक टीम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री पारस जैन एवम् अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री बृजेश सोनी के निर्देशन में वृत्ताधिकारी (पूर्व) भगवत सिंह हिंगड के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स प्रभारी गोरधन सिंह भाटी मय स्पेशल टीम एवम् थानाधिकारी थाना भुपालपुरा हरेन्द्र सिंह सौदा की टीम गठित की उक्त गठित टीम द्वारा शहर में हुई लगातार फायरिंग के बाद मुख्य अभियुक्त आदित्य उर्फ शुभम को गिरफतार किया।

आदित्य से पूछताछ कर आजम खान के ठिकाने का पता लगाने का प्रयास किया तो सामने आया कि उक्त आजम खान लगातार एक जगह नहीं रूक कभी मुम्बई तो कभी अहमदाबाद तो कभी बडौदा, दिल्ली ईत्यादि जगह घूमता रहता है। इस हेतु उक्त टीम द्वारा संभावित सभी स्थानों पर लगातार पीछाकर निवास का पता लगाने की कोशिश की, तो सामने आया कि आजम खान ने आदित्य की गिरफतारी के तुरंत बाद मुम्बई में अपना ठिकाना बदल कर दिल्ली में कर रखा है। इसकी जानकारी होने पर उक्त टीम द्वारा तत्काल दिल्ली पहुँच आजम के सम्भावित स्थानो पर पता करते हुये उसे दबोचा।

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आजम को दिल्ली से उदयपुर लाकर थाना भुपालपुरा में प्रार्थी लोकेश तलेसरा निवासी दुर्गा नर्सरी रोड को पूर्व में रूपये ऐंठने की धमकी दी थी, उसी प्रकरण में। गिरफ्तार किया जिससे लगातार पुछताछ जारी है। थाना भुपालपुरा के अन्य दो प्रकरणो मे जिनमे एक प्रकरण में अभियुक्त सद्दाम नियारगर को पिस्टल देने मे एवम् दुसरे प्रकरण मे सम्पत मोची को प्रोपर्टी विवाद मे धमकी देने का दर्ज है। थाना भुपालपुरा से आजम खांन की गिरफतारी पर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से ईनाम भी घोषित हो रखा है। आजम सन् 2013-14 में लगभग डेढ वर्ष पुराने मामलो में केन्द्रीय कारागृह उदयपुर रहा था।

आज़म पर करीब 50 केस दर्ज़ है।

आजम अक्टुम्बर 2014 मे जमानत होने के बाद उदयपुर छोड पिछले 4 वर्षों से उदयपुर से बाहर मुम्बई, गुजरात एवम् मध्य प्रदेश में जगह बदल बदल कर रह रहा था। आजम ने इस वर्ष माह मई 28 को सोहनपुरी गोस्वामी पर प्रोपर्टी विवाद मे आदित्य के मार्फत रजिस्ट्री कार्यालय मे फायर करवाया था। इसी तरह जुन 04 को मधुबन मे प्रोपटी व्यवसायी के कार्यालय में जाकर आदित्य ने आजम के कहने पर फायर करने की कोशिश की थी। इसी तरह 7 जुन को सवीना स्थित कालुलाल जैन के ऑफीस पर आदित्य ने आजम के कहने पर ऑफीस के शीशे पर फायर कर दो करोड़ की मांग की थी एवम् जुलाई 16 को आदित्य ने आजम के ही कहने पर बापु बाजार में कन्नू कुमावत पर फायरिंग की थी। इन प्रकरणो मे आदित्य, भीमा, पंकज को पुर्व में ही गिरफतार कर लिया था।

इसके अतिरिक्त आजम थाना अंबामाता में भी ईमरान कुंजडा के छोटे भाई मोहम्मद हुसैन पर हुई फायरिंग में षडयंत्र में भी वांछित है। इसी तरह थाना हिरणमगरी में अभियुक्त सज्जाद उर्फ चीनी को भी अवैध हथियार देशी पिस्टल देने के मामले में भी आजम वांछित है। आजम ने पुर्व में प्रोपर्टी व्यवसायी प्यारेकिशन अग्रवाल, शांतीलाल जैन, प्रमोद छापरवाल और ईकराम कुरेशी को रूपयो के लिये धमकाया था तथा मोतीलाल डांगी’ और ईकराम बाटी निवासी राजनगर पर रूपयो के लिये फायर किया था। उक्त सभी मामले में आजम में मुख्य अभियुक्त था।

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