भ्रष्टाचार पर वयंग्य ‘‘द कमीशन’’

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से आयोजित मासिक नाट्य संध्या रंगशाला में रविवार शाम लखनऊ से आये कलाकारों ने नाटक ‘‘द कमीशन’’ में एक भ्रष्ट इंजीनियर के जरिये भ्रष्टाचार से उपजी परिस्थिति को मार्मिक ढंग से दर्शाया।

 
भ्रष्टाचार पर वयंग्य ‘‘द कमीशन’’

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से आयोजित मासिक नाट्य संध्या रंगशाला में रविवार शाम लखनऊ से आये कलाकारों ने नाटक ‘‘द कमीशन’’ में एक भ्रष्ट इंजीनियर के जरिये भ्रष्टाचार से उपजी परिस्थिति को मार्मिक ढंग से दर्शाया।

लखनऊ की संस्था रंगयात्रा के कलाकारों ने गौरव कृष्ण बंसल द्वारा लिखित तथा रंगकर्मी ज्ञानेश्वर मिश्रा ज्ञानी के निर्देशन में अभिनेताओं ने यह दिखाने की कोशिश की खुद के कर्म कभी कभी खुद के लिये मुसीबत बन जाते है।

भ्रष्टाचार पर वयंग्य ‘‘द कमीशन’’

नाटक में अनुपम एक इंजीनियर है और उसकी पोस्टिंग एक हॉस्पीटल में है। इस हॉस्पीटल में बार-बार बिजली जाने से इलाज में व्यवधान होता है तो डॉक्टर अनुपम से व्यवस्था सुधारने के लिये कहते हैं। तब अनुपम नया यूपीएस खरीदने की बात करता है। वह बार बार जोर देता है क्योकि इस खरीद में उसका भी कमीशन होता है। आखिर यह खरीद पूरी होती है और यूपीएस लगाया जाता है जो कुछ दिन तक तो ठीक चलता है बाद में उसमें फिर से परेशानी शुरू हो जाती है तथा यूपीएस के कारण बार-बार अस्पताल की बिजली चली जाती है।

भ्रष्टाचार पर वयंग्य ‘‘द कमीशन’’

इसी दौरान अनुपम की बीवी जिसे वो बहुत प्यार करता है उसका एक्सीडेन्ट हो जाता है तथा उसे अस्पताल में लाया जाता है जहां उसका ऑपरेशन किया जाता है इस दौरान अस्पताल की बिजली चली जाती है जिसका खामियाजा अनुपम को अपनी प्यारी बीवी की मौत से चुकाना पड़ता है। एक सरल कथा के माध्यम से कलाकारों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने की अच्छी कोशि की। कलाकारों ने अपने अभिनय से प्रस्तुति को सशक्त बनाया।

भ्रष्टाचार पर वयंग्य ‘‘द कमीशन’’

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