तेज उठती लहरें भी गौरवी के मजबूत हौंसलों को रोक नहीं पायी

गत 23 अगस्त को ब्रिटेन में 13 घन्टे 28 मिनिट में 37 किमी लम्बे इंग्लिश चैनल को पार करने वाली उदयपुर की जलपरी गौरवी सिंघवी आज दूसरों के लिये प्रेरणा बन गई है। गौरवी ने बताया कि जब वह यह चैनल पार करने के लिये रात्रि 3 बजे समुद्र में उतरी तो कड़क ठण्ड,नाव से कूदते ही पैर मुड़ने एंव समुद्र की तेज लहरे चल रही थी लेकिन उन्होंने हौंसले को मजबूत बनायें रखा और अगले दिन 13 घण्टे 28 मिनिट में इसे पार कर विश्व में भारत, राजस्थान एवं उदयपुर का नाम रोशन किया है।

 

तेज उठती लहरें भी गौरवी के मजबूत हौंसलों को रोक नहीं पायी

उदयपुर। गत 23 अगस्त को ब्रिटेन में 13 घन्टे 28 मिनिट में 37 किमी लम्बे इंग्लिश चैनल को पार करने वाली उदयपुर की जलपरी गौरवी सिंघवी आज दूसरों के लिये प्रेरणा बन गई है। गौरवी ने बताया कि जब वह यह चैनल पार करने के लिये रात्रि 3 बजे समुद्र में उतरी तो कड़क ठण्ड,नाव से कूदते ही पैर मुड़ने एंव समुद्र की तेज लहरे चल रही थी लेकिन उन्होंने हौंसले को मजबूत बनायें रखा और अगले दिन 13 घण्टे 28 मिनिट में इसे पार कर विश्व में भारत, राजस्थान एवं उदयपुर का नाम रोशन किया है।

चैनल पार करना आसान कार्य नहीं था लेकिन अपने पिता अभिषेक सिंघवी, माता शुभ सिंघवी, कोच महेश पालीवाल, ब्रिटेन के 3 तैराक का सहयोग तथा दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रो वाइस चेयरमेन गोविन्द अग्रवाल, प्राचार्य संजय नरवरिया व प्रधानाध्यापक राजेश धाभाई, प्रधानाध्यापिका श्रीमती शालिनी सिंह की शुभकामनाओं ने इस कठिन कार्य को आसान कर दिया।

गौैरवी ने बताया कि 47 किमी. की इस समुद्र की यात्रा को पार करने के लिये उदयपुर में 5-7 घंटे प्रतिदिन इसका कड़क सर्दी में भी गहन प्रशिक्षण लिया ताकि वहां के तापमान के अनुरूप स्वयं को ढाल पाउं। यहाँ से जाने से पूर्व 14-14 घण्टे स्वीमिंग की। लंदन जाने के बाद वहां कोच महेश पालीवाल मुझे प्रातः 6 बजे बीच पर ले जाते। वहां 4-7 घण्टे ट्रेनिंग लेती। इंग्लिश चैनल की शुरूआत रोवर पोर्ट से हुई।

फेडरेशन के अनुसार लेण्ड से लैण्ड स्वीमिंग करनी थी। मुझे रात्रि को बोट से ले जाकर समुद्र में कूदने के लिये कहा। कूदी तो चट्टान से टकरायी और पैर मुड़ गया लेकिन हौंसला मजबूत था। इंग्लिश चैनल की टीम और गिनिज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकाॅर्ड की टीम साथ में थी। समुद्री यात्रा के दौरान बीच-बीच में मुझे कार्बोहाईड्रेड पाउडर भी दिया गया लेकिन उसकी मात्रा कुछ ज्यादा हो गयी जिस कारण मुझे उल्टी हो गया और शरीर बिगड़ गया लेकिन फिर भी हिम्म्त नहीं हारी। समुद्र में जैली फिश भी बीच-बीच में आ जाती उनसे बचते हुए इस चैनल को पार करने में सफलता प्राप्त की। समुद्र में उठती लहरों के थपेड़ों ने अनेक बार राह में रूकावट डाली।

गौरवी ने कहा कि खेल मेरे जीवन का एक भाग रहा लेकिन उसे कभी पढ़ाई पर हावी नहीं होने दिया। पढ़ाई के लिये जितने समयू की आवश्यकता थी उस समय में पढ़ाई पर पूरा फोकस किया बाकि समय में खेल पर परा ध्यान दिया और दोनों में बराबर बेलेन्स बनायें रखा। इस क्षेत्र में अभी तक मैनें किसी को आइडल नहीं बनाया क्योँकि यह रिकाॅर्ड मैने बनाया और किसी को ध्यान में रखकर लक्ष्य हासिल नहीं किया। इस क्षेत्र में किसी को भी किसी से तुलना नहीं करनी चाहिये।

इस अवसर पर आशीता अग्रवाल, प्रधानाध्यापक राजेश धायभाई, गौरवी के दादा-दादी डाॅ. एम.एस.सिंघवी-उषा सिंघवी,पिता अभिषेक सिंघवी, माता शुभ सिंघवी मौजूद थे। इंग्लैण्ड के डोवर से फ्रांस बाॅर्डर कैले को पार करते हुए भारतीय ध्वज लहराकर प्रसन्नता जाहिर की। इस सुअवसर पर उनके साथ रेस्क्यू बोट में उनके माता-पिता शुभ सिंघवी व अभिषेक सिंघवी व छोटा भाई आहान सिंघवी थे।

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गौरवी ने इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए खेल गाँव स्विमिंग पुल में लगातार 14-14 घंटे का तैराकी अभ्यास किया। तत्पश्चात् वे 7 जुलाई को लंदन के लिए रवाना हुई और वहाँ लगभग 1 माह तक ठण्डे पानी में अभ्यास किया। गत वर्ष भी उन्हें जयपुर में फैलो अचीवर अवार्ड से नवाज़ा गया। ’ब्रेकिंग द बैरियर्स’ थीम पर हुए इस सम्मान कार्यक्रम में देशभर की दस ऐसी महिलाओं को दिया गया था जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया हो।

गौरवी इससे पूर्व भी 17, 37 व 47 किमी की ओपन स्विमिंग की सबसे कम उम्र की तैराक बनने का रिकाॅर्ड बना चुकी है। गत वर्ष मुम्बई में 26 फरवरी 2018 को जूहु से गेट वे आॅफ इण्डिया तक की 47 किमी की दूरी को इन्होंने 9 घण्टे 22 मिनट में पुरा किया और इस उपलब्धि को प्राप्त करने के पश्चात् इन्होंने अपना अगला लक्ष्य इंग्लिश चैनल के लिए दृढ़ निश्चय के साथ जी-तोड़ परिश्रम किया। ओपन वाॅटर स्विमिंग से इनका सफर प्रारंभ हुआ और जब वे लगभग तीन वर्ष की थी तब उन्होंने एक किमी तैर कर प्रथम आकर स्वर्ण पदक जीता तभी से स्विमिंग के लिए इनका जूनुन और रूझान बढ़ता ही चला गया।

गौरवी ने इस सफर में अब तक जिला स्तर, राज्य स्तर व राष्ट्रीय स्तर पर 43 स्वर्ण पदक, 19 रजत पदक व 5 कांस्य पदक हासिल किए। इसके अतिरिक्त टेनिस एंड डीप सी डाइविंग में भी ये बहुत रूझान रखती है। वर्तमान में गौरवी को इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इण्डिया द्वारा डिस्ट्रीक्ट यूथ आईकन के लिए भी नियुक्त किया गया जो कि हमारे लिए अत्यन्त गौरव का विषय है।

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