उदयपुर की साहित्यकार आशा पांडेय ओझा को “श्रीमती गीता श्रीवास्तव कवि लोक शक्ति सम्मान“

उदयपुर, 11 जुलाई 2019 लखनऊ में कविलोक संस्था व “नवाब“ शाहाबादी परिवार द्वारा आयोजित “नवाब“ शाहाबादी स्मृति संध्या में इस वर्ष डॉ. श्याम सखा “श्याम“ (पंचकूला) को कविलोक गौरव सम्मान तथा श्रीमती आशा पाण्डेय “ओझा (उदयपुर) को कविलोक शक्ति सम्मान से अलंकृत कर समादरित किया गया। इस अवसर पर श्रीमती पांडेय को 5000 राशि व स्मृति चिन्ह, शॉल, श्रीफल व प्रशस्तिपत्र प्रदत्त कर भावपूर्ण सम्मान किया गया।

 

उदयपुर की साहित्यकार आशा पांडेय ओझा को “श्रीमती गीता श्रीवास्तव कवि लोक शक्ति सम्मान“

उदयपुर, 11 जुलाई 2019 लखनऊ में कविलोक संस्था व “नवाब“ शाहाबादी परिवार द्वारा आयोजित “नवाब“ शाहाबादी स्मृति संध्या में इस वर्ष डॉ. श्याम सखा “श्याम“ (पंचकूला) को कविलोक गौरव सम्मान तथा श्रीमती आशा पाण्डेय “ओझा (उदयपुर) को कविलोक शक्ति सम्मान से अलंकृत कर समादरित किया गया। इस अवसर पर श्रीमती पांडेय को 5000 राशि व स्मृति चिन्ह, शॉल, श्रीफल व प्रशस्तिपत्र प्रदत्त कर भावपूर्ण सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में “नवाब“ शाहाबादी के गजल संग्रह -“ये अन्दाजे-बयाँ“ (द्वितीय संस्करण) का लोकार्पण भी किया गया। उल्लेखनीय है कि “नवाब“ शाहाबादी के परिजन उनकी स्मृति में हर वर्ष एक पुस्तक प्रकाशित करवा कर समारोह में लोकार्पित करवाने के साथ-साथ उनके व उनकी पत्नी श्रीमती गीता श्रीवास्तव के नाम पर स्थापित पुरस्कारों से क्रमशः एक वरिष्ठ साहित्यकार व एक वरिष्ठ महिला साहित्यकार को उनके द्वारा स्थापित संस्था कविलोक के माध्यम से तथा उनके द्वारा संरक्षित रही संस्था चेतना साहित्य परिषद के सक्रिय सहयोग से सम्मानित करते आ रहे हैं।

इस अवसर पर एक सरस कवि गोष्ठी का आयोजन भी रखा गया। समारोह के अध्यक्ष चेतना साहित्य परिषद के अध्यक्ष लखनऊ के वरिष्ठ कवि जगमोहन नाथ कपूर “सरस“, मुख्य समागत वरिष्ठ चिन्तक, समाज सेवी व साहित्यकार दाऊजी गुप्त (पूर्व महापौर, लखनऊ) तथा संचालक कविलोक के सचिव राजेश राज (गोरखपुर) थे। दीप प्रज्वलन “नवाब“ शाहाबादी की पत्नी श्रीमती मंजुला सहाय ने आगंतुक अतिथियों के साथ मिल कर किया।

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कार्यक्रम का शुभारम्भ सरस्वती वंदना तथा कविलोक गीत से हुआ। अतिथियों का स्वागत संस्था के सचिव व कार्यक्रम के संचालक राजेश राज ने किया। प्रथम चरण में सारस्वत सम्मान समारोह व पुस्तक लोकार्पण सम्पन्न हुआ तथा द्वितीय चरण में एक सरस काव्य गोष्ठी भी सम्पन्न हुई। जिसमें आमंत्रित स्थानीय व बाहर से पधारे अतिथि कवियों ने अपनी भागीदारी की। “नवाब“ शाहाबादी की शाइरी की खूबियों का तआरुफ जनाब संजय “शौकव ने करवाया और उन के गजल संग्रह पर जनाब अनिल अनवर (जोधपुर) ने पर्चा पढ़ा।

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