कथक में उदीयमान कलाकारों ने दिखायी अपनी प्रतिभा

शास्त्रीय संगीत विधा एवं इसके उदीयमान कलाकारों को बढावा देने के लिये महाराणा कुम्भा संगीत परिषद एवं डाॅ यशवन्त कोठारी चेरिटेबल पब्लिक ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में सरदारपुरा स्थित महाराणा कुम्भा संगीत परिषद भवन में आयोजित उदीयमान कलाकार शास्त्रीय संगीत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता जुनियर वर्ग में आज पहले दिन प्रतिभा बालक-बालिकओं ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दे कर समारोह में समां बांध दिया।

 

कथक में उदीयमान कलाकारों ने दिखायी अपनी प्रतिभा

उदयपुर 18 अक्टूबर 2019 । शास्त्रीय संगीत विधा एवं इसके उदीयमान कलाकारों को बढावा देने के लिये महाराणा कुम्भा संगीत परिषद एवं डाॅ यशवन्त कोठारी चेरिटेबल पब्लिक ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में सरदारपुरा स्थित महाराणा कुम्भा संगीत परिषद भवन में आयोजित उदीयमान कलाकार शास्त्रीय संगीत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता जुनियर वर्ग में आज पहले दिन प्रतिभा बालक-बालिकओं ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दे कर समारोह में समां बांध दिया।

परिषद के सचिव डाॅ. यशवन्त कोठारी ने बताया कि जूनियर वर्ग में 9 से 17 वर्ष तक बालक बालिकओं ने जिस तरह से कथक जैसी नृत्य विधा में प्रस्तुतियां दी तो सभी ने दांतो तले अंगुलिया दबा ली। आज सभी 24 प्रतिभागियों ने शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीतों पर नृत्य कर अपनी प्रतिभा को निखारनें का प्रयास किया। वह दिन दूर नहीं जब शहर की प्रतिभा देश-विदेश में इस क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगी।

प्रथम दिन प्रियंका गुर्जर ने अर्द्ध नारीश्वर ….., सौम्या मिश्रा ने त्रिलोचनाय…., अर्शा दुगड़, अर्शा च्रक्रवर्ती ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश…, साक्षी संदीप, इनिशा भण्डारी, परिधि सेठी, दिव्या भारती गोस्वामी ने कच्ची डोरियों-कच्ची डोरियों से बांध लें….., दिव्यांशी आचार्य सहित सभी कलाकारों में अपनी प्रतिभा का परिचय देने में होड़ मची रहीं। कार्यक्रम का संचालन डी.पी.धाकड़ ने किया। इस अवसर पर परिषद के डाॅ. प्रेम भण्डारी, दिनेश माथुर सहित अनेक सदस्य मौजूद थे।

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डाॅ. कोठारी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में शास्त्रीय गायन, वादन (वाद्ययन्त्र, हारमोनियम, सितार, तबला, वायलिन आदि) एवं नृत्य  (कथक आदि) तीनों विधाएं शामिल है। इन प्रतियोगिताओं मे पूरे राजस्थान एवं अन्य प्रदेश से प्रतिभागी भाग ले रहे है।

परिषद के उपाध्यक्ष ड़ाॅ. प्रेम भण्ड़ारी के अनुसार प्रतियोगिता मे प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने वाले विद्यार्थी / कलाकारों को क्रमश कुम्भा संगीत रत्न, कुम्भा संगीत गौरव, कुम्भा संगीत कलाश्री अलंकरण शील्ड, प्रशस्ति पत्र एवं भाग लेने वाले सभी प्रतियोगियों को सांत्वना पुरस्कार कुम्भा प्रतिभा सम्मान एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जायेगा। श्रेष्ठ कलाकार को परिषद द्वारा आयोजित आगामी शरद महोत्सव मे अपनी कला प्रदर्शन का अवसर प्राप्त हो सकेगा।

शनिवार को होगी वादन की प्रस्तुति- डी.पी.धाकड़ ने बताया कि शनिवार को वादन की प्रस्तुति होगी। जिसमें कलाकार इस विधा में अपनी प्रस्तुति देंगे।

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