वार्ड 48 में मतदान के बहिष्कार की चेतावनी

उदयपुर नगर निगम के आगामी चुनाव के लिए वार्डो का पुनर्सीमांकन वार्ड 48 के मतदाताओं को रास नहीं आ रहा है। नये वार्ड सीमांकन से वार्डवासी संतुष्ट नहीं हैं। निगम सीमा क्षेत्र के पुराने वार्ड 39 के नये वार्ड सीमांकन में वार्ड 48 हुआ हैं। वार्डवासियों के अनुसार गलत तरीके से हुए वार्ड सीमांकन के चलते सोमवार को वार्ड 48 के कुम्हारों के भटटे पर स्थित हनुमान चौक पर जमकर प्रदर्शन किया गया और चेतावनी दी गई की यदि सीमांकन, वार्डवासीयों के अनुरूप नही हुआ तो किसी भी राजनैतिक दल के प्रत्याषी को वार्ड 48 के क्षैत्र कुम्हारों के भटटें क्षैत्र में प्रचार नहीं करने देंगे तथा आगामी नगर निगम चुनाव में मतदान का पुर्ण रूप सें अपने मतदान का बहिष्कार किया जायेगा।

 

वार्ड 48 में मतदान के बहिष्कार की चेतावनी

उदयपुर 8 अक्टूबर 2019, उदयपुर नगर निगम के आगामी चुनाव के लिए वार्डो का पुनर्सीमांकन वार्ड 48 के मतदाताओं को रास नहीं आ रहा है। नये वार्ड सीमांकन से वार्डवासी संतुष्ट नहीं हैं। निगम सीमा क्षेत्र के पुराने वार्ड 39 के नये वार्ड सीमांकन में वार्ड 48 हुआ हैं। वार्डवासियों के अनुसार गलत तरीके से हुए वार्ड सीमांकन के चलते सोमवार को वार्ड 48 के कुम्हारों के भटटे पर स्थित हनुमान चौक पर जमकर प्रदर्शन किया गया और चेतावनी दी गई की यदि सीमांकन, वार्डवासीयों के अनुरूप नही हुआ तो किसी भी राजनैतिक दल के प्रत्याषी को वार्ड 48 के क्षैत्र कुम्हारों के भटटें क्षैत्र में प्रचार नहीं करने देंगे तथा आगामी नगर निगम चुनाव में मतदान का पुर्ण रूप सें अपने मतदान का बहिष्कार किया जायेगा।

वार्डवासी महेश चन्द्र गढ़वाल ने बताया कि वार्ड 48 में हनुमान मार्ग, बैरवा बस्ती तथा दर्शनपुरा के तीन चार मकानों को नए वार्ड 35 जो सिख काॅलोनी से प्रारम्भ हो रहा है उस वार्ड 35 में शामिल कर दिया गया है, जबकी वार्ड की अन्य काॅलोनीयों की स्थिति जस की तस है। क्षैत्रवासी कन्हैयालाल खीचीं ने बताया की वार्ड 48 में से इन दो तीन गलियों को ही वार्ड 35 में क्यों शामिल किया जा रहा है। इसी स्थिति में इन दों तीन गलीयों की सुध कौन लेगा। जबकी बैरवा बस्ती और हनुमान मार्ग पर ऐसे परिवार निवासरत है जो अशिक्षित तथा श्रमिक वर्ग से है। ऐसे में उन्हें छोटे मोटे कार्यो के लिए पार्षदों के पास जाना होता है। इसलिए, मांग कि गई हैं कि इन स्थानों को वार्ड 48 में ही रहने दिया जाए।

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इस संबंध में क्षैत्रवासी महेश चन्द्र गढ़वाल, कन्हैयालाल खीचीं के द्वारा 23 सितंबर को निर्वाचन विभाग में लिखित आपत्ति भी दर्ज करवाई गई थी। हाल ही में निर्वाचन विभाग से जब आपत्ति की प्रगति जानी गई तो पता चला कि संबंधित आपत्ति को तहसीलदार को भेज दी गई जो सर्वे के आधार पर इसकी वस्तुस्थिति की रिपोर्ट तैयार की जावेगी। जबकि निकाय चुनाव भी नजदीक आ रहे है इसके चलतें तय किया गया कि यदि चुनाव पुर्व सीमांकन में संशोधन नही किया जाता है तो श्रैत्रवासीयों द्वारा जो लगभग 450 मतदाता न तो मतदान करेगें और न किसी राजनैतिक पार्टी के प्रत्याशी को प्रचार करने देगें।

कन्हैयालाल खीचीं ने बताया की महेश चन्द्र गढ़वाल, मांगीलाल गायरी, शिवलाल गायरी, कुलदीप खीचीं, संजय शर्मा, मनोज प्रजापत, शोभालाल पूर्बिया, मगनलाल खीचीं, रमेश कुमावत, इंद्रलाल गर्ग, मोहनी बाई, शांति बाई, ज्ञानी बाई, पुष्पा बाई आदी क्षैत्र की महिलाए और पुरुषो ने अपना विरोध दर्ज कराया।

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