सचिन होंगे ‘पायलट’ या बरकरार रहेगा गहलोत का ‘जादू’

अब आलाकमान पर निर्भर करता है की वह सूबे में सचिन को बनाएंगे 'पायलट' या अशोक गहलोत के 'जादू' से प्रभावित होकर सूबे की कमान फिर से एक बार उनके हाथ में थमाएंगे। चूँकि पार्टी राज्य में जीती ज़रूर है लेकिन बहुमत के लिहाज़ से बहुत अधिक सहज नहीं है लिहाज़ा सभी को साथ लेकर चलने की बात है तो दावा गहलोत का ही मज़बूत है। क्योंकि 2008 में भी कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था 2008 में कांग्रेस की गाड़ी 95 पर अटक गई ऐसे में बसपा और निर्दलीय के सह

 

सचिन होंगे ‘पायलट’ या बरकरार रहेगा गहलोत का ‘जादू’

तीनो राज्यों के विधानसभा चुनाव में विजय प्राप्त करने वाली कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में कमलनाथ के नाम पर मुहर लगा दी है। जबकि राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अभी पेंच फंसा हुआ है। राजस्थान में मामला अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच फंसा हुआ है। राजस्थान में सस्पेंस बना हुआ है कौन संभालेगा सूबे की कमान। हालाँकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों ही नेताओ ने आलाकमान पर फैसला छोड़ दिया है।

अब आलाकमान पर निर्भर करता है की वह सूबे में सचिन को बनाएंगे ‘पायलट’ या अशोक गहलोत के ‘जादू’ से प्रभावित होकर सूबे की कमान फिर से एक बार उनके हाथ में थमाएंगे। चूँकि पार्टी राज्य में जीती ज़रूर है लेकिन बहुमत के लिहाज़ से बहुत अधिक सहज नहीं है लिहाज़ा सभी को साथ लेकर चलने की बात है तो दावा गहलोत का ही मज़बूत है। क्योंकि 2008 में भी कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था 2008 में कांग्रेस की गाड़ी 95 पर अटक गई ऐसे में बसपा और निर्दलीय के सहारे पूरे पांच साल तक गहलोत सरकार चला चुके है। वैसे चर्चा में एक नाम सीपी जोशी का भी चल रहा है। मुख्यमंत्री पद के अन्य दावेदार रामेश्वर डूडी और गिरिजा व्यास अपना चुनाव हारकर चर्चा से बाहर हो चुके है।

उधर छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल और टी एस सिंहदेव के नामो पर चर्चा चल रही है। राज्य के एकमात्र सांसद ताम्रध्वज साहू भी यहाँ दावेदार है। हालाँकि सबसे मज़बूत दावा भूपेश बघेल का ही है। इन चुनावो में कांग्रेस को प्रचंड बहुमत दिलाने में सबसे अधिक पसीना भूपेश बघेल ने बहाया है।

मध्यप्रदेश में कमलनाथ के नाम पर सहमति बन गई है। यहाँ पर मुख्यमंत्री पद के मज़बूत दावेदार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ही कमलनाथ के नाम का प्रस्ताव रखा है। पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह भी कमलनाथ पर अपनी सहमति जता चुके है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के पुत्र और राजपूत चेहरा अजय सिंह चुरहट से अपना चुनाव हारकर रेस से पहले ही बाहर हो चुके है।

From around the web