मौसमी बीमारियों को देखते हुए एक्टिविटी बढ़ाई जाए-संयुक्त निदेशक


मौसमी बीमारियों को देखते हुए एक्टिविटी बढ़ाई जाए-संयुक्त निदेशक

जिला फ्लोरोसिस मिटिगेशन कमिटी की त्रैमासिक बैठक

 
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उदयपुर 27 जून 2024। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शंकर एच बामनिया ने बताया कि आज जिला कलेक्टर महोदय की अनुमति से जिला परिषद सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई जिसमें अध्यक्षता संयुक्त निदेशक, उदयपुर डॉ जेड ए काजी ने की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा विभाग में जारी सभी योजनाओं को समय पर पूर्ण करें। 

अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रागिनी अग्रवाल ने बताया कि ई केवाईसी द्वारा बनाए गए आयुष्मान भारत कार्ड बनाने और वितरण में झाड़ोल की प्रगति कम पायी गई हैं इस पर विशेष ज्ञान देने के लिए कहा गया। अन्य क्षेत्रों में वितरण कार्य संतोषजनक पाया गया।

आर सी एच ओ डॉ गजानंद गुप्ता ने बताया कि जहां कम डिलीवरी हो रही है उन स्थानों पर सुविधाएं बढाकर डिलीवरी को बढ़ाया जाये। जीरो डिलीवरी वाले संस्थानों को विशेष ध्यान देकर अपने यहां डिलीवरी बढ़ाने का प्रयास करने के निर्देश दिए।महिला के गर्भवती होने से लेकर बच्चों के टीकाकरण तक सभी को सिस्टम में लाया जाए। एक वर्ष में सौ डिलीवरी से कम वाले 6 सीएचसी को डिलीवरी बढ़ाने के निर्देश दिए।

डॉ मोहन धाकड़ ने बताया कि राज्य सरकार की निशुल्क दवा योजना एवं जांच योजना में उदयपुर की रैंकिंग पिछड़ने लग गई है उसे सुधार कर उदयपुर जिले को फिर से टॉप पर लाया जाए। सभी संस्था अपने द्वारा समय पर रोगी पर्ची की ऑनलाइन एंट्री करें एवं विभाग द्वारा दिए गए 8 पॉइंट पर सभी गतिविधियां पूर्ण करें तो हम राज्य में प्रथम स्थान पर आ जाएंगे।

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अंकित जैन ने बताया कि बारिश के मौसम में मौसमी बीमारियां बढ़ जाती है इसके लिए सभी संस्थानों पर एक रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाए । एंटी लार्वा और एंटी एडल्ट एक्टिविटी करवाई जाए।

डॉ बामनिया ने कहा कि इसकी हर 15 दिन में समीक्षा की जाए। संयुक्त निदेशक डॉ जेड ए काजी ने शहरी क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जगदीश चौक,माछला मगरा और मादड़ी क्षेत्र में जहां मलेरिया के केस सामने आयें है वहां एक्टिविटी करवाई जाए। गिर्वा के सवीना और चांसदा गांवों में सीएमएचओ और बीसीएमओ द्वारा मोनिटरिंग की जाए।

डॉ अंकित जैन ने बताया कि डोमेस्टिक रिडिंग चेकर के माध्यम से एक्टिविटी करवाई जाएंगी और मरुधरा ऐप से कार्मिक का भुगतान किया जायेगा। सिकल सेल एनिमीया की जांच बढ़ा कर शेष बचे लोगों की स्क्रीनिंग जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।

डब्ल्यू एच ओ से डॉ अक्षय व्यास ने बताया कि 30 जून को पल्स पोलियों टीकाकरण अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियों की दवा पिलाई जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर शंकर एच बामणिया ने निर्देशित किया कि  जिले में कार्यरत सभी नीम हकीमों पर योजना बनाकर तुरंत कार्रवाई की जाए। 

सभी संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणीकरण हेतु अपनी कार्य क्षमता को बढ़ाकर एन क्यू ए एस की चेक लिस्ट के अनुसार सभी कार्य किया जाए। जो संस्थान लक्ष्य कार्यक्रम में सर्टिफाइड हो गये है उनका एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन करवाया जाये। सीएचसी नाई को पुनः एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन करवाना होगा।

विश्व जनसंख्या रोकथाम पखवाड़ा 27 जून से 11 जुलाई तक मनाया जा रहा है।  जनसंख्या दिवस पर खंड स्तर पर एवं जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर इसे सफल बनाया जाए। दो बच्चों पर नसबंदी के लिए इस पखवाड़े में प्रत्येक आशा और एएनएम एक एक केस करवायें। सभी संस्थानों पर कण्डोम बाक्स लगाया जाये।अंतरा के नये केस बढाये जाये।पीपीआईयूसीडी और आईयूसीडी बढ़ाई जाए।

अनिमीया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम में झाड़ोल की प्रगति कम होने पर नाराजगी जताते हुए प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में जहां रास्ते बंद हो जाते हैं वहां पर रिस्पॉन्स टीम का गठन कर समय पर उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिए।  जेएसवाई और आरएसवाय के पेंडेंसी खत्म करने के निर्देश दिए। एनसीडी में आभा आईडी बनाने की गति बढ़ाने के निर्देश दिये।

सीएमएचओ द्वितीय डॉ जी एम सैयद ने बताया कि जिन ब्लॉक में योजनाओं की प्रगति कम पायी गई है वहां एक ब्लाक नोडल अधिकारी नियुक्त कर मोनिटरिंग की जाए जिससे काम को अच्छे से मेनेज किया जा सके। मौसमी बिमारीया पर समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए।ई केवाईसी जल्द पूरी कर कार्ड्स वितरण करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी और बीसीएमओ, चिकित्सा संस्थानों के प्रभारी उपस्थित थे।

जिला फ्लोरोसिस मिटिगेशन कमिटी की त्रैमासिक बैठक

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शंकर एच बामनिया की अध्यक्षता में आज जिला कलेक्टर सभागार में फ्लोरोसिस मिटिगेशन कमिटी की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई जिसमें पीएचइडी ,जल विकास एवं मृदा संरक्षण,आई सी डी एस ,कृषि विभाग, शिक्षा विभाग के अधिकारीयों ने भाग लिया।

उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अंकित जैन ने  सभी विभागों से अब तक की प्रगति के बारे में पूछा। जिसके अंतर्गत जल विकास एवं मृदा संरक्षण विभाग से अवगत कराया गया कि  प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 95 पंचायत समितियों में स्वीकृत जल संग्रहण परियोजना में जल संरक्षण एवं पौधारोपण का कार्य करवाया गया है। वर्षा जल संग्रहण हेतु पक्के चेकडैम और एनीकेट का निर्माण कार्य किया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग से अवगत कराया गया कि सभी आंगनवाड़ी केन्द्रो पर गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, किशोरी बालिकाओं को फ्लोरोसिस के उपचार एवं बचाव के बारे में बताया जाता है।

शिक्षा विभाग ने बताया कि जिले में सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों की फ्लोरोसिस की नियमित अंतराल से जांच की जाती है। सीएमएचओ डॉ बामनिया ने विद्यार्थियों को खट्टे फल जैसे संतरा, टमाटर, निम्बू, पपीता आदि का सेवन करने और हरी सब्जियों का सेवन करने की जानकारी दी गई है। पीएचइडी विभाग को निर्देश दिए गए कि फ्लोरोसिस प्रभावित क्षेत्रों में 80% सार्वजनिक और 20% घरेलू पानी के सैम्पल टेस्ट किए जाएं। कृषि विभाग ने अवगत कराया कि हर ग्राम पंचायत स्तर पर 30-30 महिलाओं को समूह में 484  प्रशिक्षण दिये गये और फ्लोरोसिस से बचाव की जानकारी दी गई।

जिला फ्लोरोसिस सलाहकार सपना चौधरी ने बताया कि फ्लोरोसिस प्रभावित क्षेत्रों में विशेष कर सराडा और सलुम्बर क्षेत्र में कैम्प लगाकर चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। मावली और भींडर क्षेत्र में कैम्प आयोजित किये जा रहें हैं।

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