लक्ष्य भेदने की कवायद में जुटा आयकर विभाग

लक्ष्य भेदने की कवायद में जुटा आयकर विभाग 
 

4500 करोड़ का लक्ष्य की कवायद में में जुटा आयकर का उदयपुर जोन
 
लक्ष्य भेदने की कवायद में जुटा आयकर विभाग
मुख्य आयकर आयुक्त ने जारी की अपील 15 मार्च तक आयकर की चौथी किस्त का करे भुगतान

उदयपुर, 3 मार्च 2020 । आयकर भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य आयकर आयुक्त आशीष वर्मा ने वर्ष का लक्ष्य पूरा करने पर जोर देते हुए बताया की आयकर विभाग अपने लक्ष्य पूरा करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू करने जा रहा है। जागरूकता अभियान के तहत  इस बार आयकर विभाग का व्यापारियों के साथ शिविर लगाए जा रहे हैं और कार्यालय में भी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। 

वर्मा ने अपील की है कि करदाता अपने लाभ को न छिपाएं। सही गणना कर कर प्रदान करें, उनके द्वारा दिया गया कर ही जनहित और देश की प्रगति में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट, होटल, सर्राफा, चेम्बर ऑफ कॉमर्स उदयपुर संभाग, मार्बल आदि एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ विभाग अलग-अलग बैठक कर रहा है। बुधवार को राजसमंद में भी कार्यक्रम रखा गया है। करदाताओं से कर के भुगतान के लिए अपील करने वाले पोस्टर, बैनर आदि लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग करदाताओं का मित्र है। किसी भी समस्या को लेकर कोई भी बेहिचक उनसे मिल सकता है। 

उल्लेखनीय है की विभाग इस वर्ष अब तक 50% लक्ष्य भी प्राप्त नहीं कर पाया है। विशेषकर उदयपुर जोन में जहाँ जारी वित्तीय वर्ष में 4500 करोड़ राजस्व का टारगेट है, विभाग को 50% आंकड़ा भी प्राप्त नहीं पाया है। ऐसे में अब आयकर विभाग ने व्यापारियों तक पहुंचना शुरू कर दिया है और 15 मार्च तक आयकर की चौथी किस्त का भुगतान करने की अपील की जा रही है।

ज्ञातंव्य रहे की उदयपुर रीजन के अंतर्गत उदयपुर, राजसमंद और चित्तौडग़ढ़ संहित तीन जिले के उदयपुर जोन के को 4500 करोड़ का लक्ष्य दिया गया है। बड़े लक्ष्य की आपूर्ति करने वाला हिदुस्तान जिंक है जो प्रतिवर्ष औसतन 4000 करोड़ का कर प्रदान करता है। लेकिन, इस बार अंतरराष्ट्रीय बाजार गिरने से जिंक के मुख्य उत्पाद और सह उत्पादों के भाव गिरने से में हिंदुस्तान जिंक का लाभ अपेक्षाकृत कम हो रहा है और इसी वजह से अब तक जिंक ने अब तक 1500 करोड़ का राजस्व ही प्रदान किया है। इसके अतिरिक्त मार्बल व्यवसाय और पर्यटन क्षेत्र सहित अन्य व्यवसायों से भी आयकर को कम राजस्व मिल पाया है। 

मुख्य आयकर आयुक्त आशीष वर्मा ने पत्रकारों को बताया की वर्तमान में राजस्व से जुड़े सभी कर विभाग एक-दूसरे से जुड़े हैं और रीजनल इकॉनोमी इंटेलीजेंस कमेटी (आरईआईसी) के बैनर तले कर चोरी, अनियमितताओं के संबंध में जानकारी साझा की जाती है। बिलिंग नहीं किए जाने या कम किये जाने पर उन्होंने बताया की विभाग ने डेटा एनालिसिस के लिए ‘इनसाइट’ नाम का सॉफ्टवेयर बनाया है जो विभिन्न फर्मों के बैंक ट्रांजेक्शन का एनालिसिस कर अनियमितता का संकेत दे सकता है। विभाग ने पिछले दो माह में 20 स्थानों पर आयकर सर्वे भी किए हैं। 

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