राजस्थान आबकारी एवं मद्यसंयम नीति 2024-25

राजस्थान आबकारी एवं मद्यसंयम नीति 2024-25

पारदर्शिता व प्रक्रियाओं के सरलीकरण का लाइसेंसी को मिलेगा लाभ- आबकारी आयुक्त

 
excise dept

उदयपुर 1 मार्च 2024। आबकारी आयुक्त अंशदीप के अनुसार राजस्थान आबकारी एवं मद्यसंयम नीति वर्ष 2024-25 के तहत सरलीकरण, पारदर्शिता के साथ मदिरा दुकानों का बंदोबस्त, आपूर्ति की व्यवस्था सहित सभी प्रकार के लाइसेंस जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा जारी करने एवं ऑनलाईन स्वतः स्वीकृति की व्यवस्था की गई है। प्रक्रियाओं के सरलीकरण (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) की व्यवस्था करते हुए आबकारी शुल्क, लाइसेंस फीस की दरों में वर्ष 2024-25 में कोई वृद्धि नही की गई है जिसका लाभ लाइसेंसी अथवा अनुज्ञाधारियों का मिल रहा है।

आबकारी आयुक्त ने बताया कि मदिरा दुकानों के बंदोबस्त को पारदर्शी व सरल किया गया है जिसके तहत दुकानों को चालू वर्ष की वार्षिक गारंटी राशि के आधार पर ही आगामी वर्ष की वार्षिक गारंटी राशि या आरक्षित राशि के निर्धारण की व्यवस्था है। मदिरा के खुदरा विक्रेताओं द्वारा ऑनलाईन डिमाण्ड प्रस्तुत करने के साथ निर्माताओं से सीधे आपूर्ति की व्यवस्था है। 

उन्होंने बताया कि दुकानों के लिए गारंटी के मासिक उठाव तथा किसी माह में अधिक उठाव पर आगामी महिनों में समायोजन का प्रावधान किया है। देशी मदिरा की गारंटी में राजस्थान निर्मित मदिरा व आरएसजीएसएम द्वारा निर्मित मदिरा के उठाव की वैकल्पिक व्यवस्था है। दुकानों के अनुज्ञाधारियों द्वारा अपनी गारंटी पूर्ति करने हेतु अन्य अनुज्ञाधारी को हस्तांतरण की अनुमति के साथ प्रत्येक दुकान के लिए 2 गोदाम स्वीकृत करने का प्रावधान रखा गया है। अवैध मदिरा की रोकथाम के लिए लाइसेंसधारियों के निरीक्षण की भी रेंडमाईज्ड व्यवस्था की गई है। आरएसजीएसएम व आरएसबीसीएल द्वारा खुदरा विक्रेताओं को मदिरा परिवहन के लिए पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।

आबकारी आयुक्त अंशदीप के अनुसार आपूर्ति व्यवस्था के तहत उद्यमियों को राहत के साथ नियंत्रित मूल्य वृद्धि का प्रावधान है। बोटलिंग प्लांट्स को देशी मदिरा निर्माण के लिए प्रतिवर्ष प्रति इकाई 3 लाख बल्क लीटर तक रियायती आयात फीस पर ईएनए अन्य राज्यों के क्रय कर लाने की अनुमति है। निर्माण इकाईयों को लाइसेंस नवीनीकरण नही करा पाने पर आगामी वर्ष उस वर्ष की पूर्ण फीस के स्थान पर 25 प्रतिशत फीस के साथ लाईसेंस नवीनीकरण का प्रावधान है। इसी क्रम में स्वयं की डिस्टिलरी या वाइनरी नही होने पर भी हेरिटेज मदिरा, वाइन आरएसजीएसएम की हेरिटेज डिस्टलरी तथा वाइनरी में अनुबंध के आधार पर निर्माण की अनुमति है। पर्यटन की दृष्टि से जैसलमेर व कुंभलगढ क्षेत्र में होटल बार लाइसेंस फीस में कमी का प्रावधान किया है।

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