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देश में पहली बार हिंदुस्तान जिंक द्वारा भूमिगत खनन में बैटरी से चलने वाले वाहन का उपयोग

ईवी क्रांति के लिये वेदांता की कंपनी हिंदुस्तान जिंक का महत्वपूर्ण कदम

 

भारतीय खनन क्षेत्र में अपनी तरह की महत्वपूर्ण पहल कर वेदांता समूह की कंपनी, हिंदुस्तान जिंक ने अपने भूमिगत खनन कार्यों में नॉर्मेट एजिटेटर स्मार्टड्राइव ईवी संचालन हेतु उपयोग कर अभूतपूर्व कदम उठाया है। कंपनी जल्द ही नॉर्मेट के एक्सप्लोसिव चार्जर और कंक्रीट स्प्रेयर के साथ बैटरी वाहनों का उपयोग कर इसका विस्तार करेगी। 

हिंदुस्तान जिंक ईवी क्रांति में शामिल होने पहली खनन कंपनी है, जो अपने भूमिगत संचालन के लिए लगातार बदलाव कर इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन कर रही है। कंपनी ने अगले पांच वर्षों में सभी डीजल से चलने वाले 900 खनन वाहनों को बैटरी से चलने वाले वाहनों में बदलने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए 1 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक का निवेश निर्धारित किया है।

हिंदुस्तान जिंक ने फिनिश टेक्नोलॉजी कंपनी नॉर्मेट ग्रुप ओए के साथ मिलकर बैटरी से चलने वाले सर्विस इक्विपमेंट और यूटिलिटी व्हीकल्स को अंडरग्राउंड माइनिंग में शामिल किया है ताकि माइनिंग इंडस्ट्री में पर्यावरणीय स्थिरता में सुधार और डीकार्बोनाइज करने में सहायता मिल सके। प्रत्येक नॉर्मेट स्मार्टड्राइव ईवी एक मॉड्यूलर बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल आर्किटेक्चर पर आधारित है जिसे टनलिंग अनुप्रयोगों सहित भूमिगत खनन में ऊर्जा खपत और प्रदर्शन को अनुकूलित करने हेतु डिजाइन किया गया है। 

स्मार्टड्राइव ईवी उच्च उत्पादकता, कम परिचालन लागत, और सबसे महत्वपूर्ण, शून्य उत्सर्जन को सक्षम बनाता है। बीईवी को कंपनी की सिंदेसर खुर्द खदान में शामिल किया गया है, जो अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाओं और श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ मशीनीकरण के साथ विश्व स्तरीय चांदी की समृद्ध खदान है।

इस अवसर पर, हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अरुण मिश्रा ने कहा, “हमारा उद्देश्य भूमिगत खनन में क्रांति लाना, उत्पादकता को बढ़ावा देना, भूमिगत सुरक्षा मानकों को बढ़ाना और स्थायी संचालन समाधान प्रदान करना है। पर्यावरण की दृष्टि से सस्टेनेबल संचालन और शुद्ध शून्य उत्सर्जन के लिए हमारी अटूट प्रतिबद्धता के लिए हमने हमेशा नवीन और पर्यावरण के अनुकूल समाधानों को अपनाया है। मेरा मानना है कि हिंदुस्तान जिंक के भूमिगत खनन कार्यों में बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरूआत से इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और जिम्मेदार खनन के लिये देश का महत्वपूर्ण और बड़ा कदम होगा।

नॉर्मेट इंडिया के प्रबंध निदेशक, शुभाशीष मोहंती ने कहा कि, “हमें हिन्दुस्तान जिंक की भूमिगत खदानों में नॉर्मेट स्मार्टड्राइव® बीईवी की हमारी परिकल्पना को साकार कर, अपनी ईएसजी प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए हिंदुस्तान जिंक के साथ साझेदारी करके प्रसन्नता हो रही है। हमारा सहयोग भारतीय खनन क्षेत्र में स्थिरता और डीकार्बोनाइजेशन पर सामान्य लक्ष्यों के संचालन, भूमिगत खदान में परिवर्तन लाने और हमारे सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य का निर्माण करने के लिए महत्वपूर्ण रहा है।

हिंदुस्तान जिंक को नॉर्मेट स्मार्टड्राइव ईवी को अपनाने से काफी लाभ मिलेगा, जिसमें महत्वपूर्ण बचत एचएसडी और वाहन रखरखाव शामिल है। ये स्मार्टड्राइव इलेक्ट्रिक वाहन 90 किलोवाट लिथियम-आयन बैटरी द्वारा संचालित होते हैं और बहुत सारी उन्नत तकनीकों से लैस हैं जैसे कि ऊर्जा रिकवरी तकनीक, अतिरिक्त ब्रेकिंग पावर प्रदान करने के लिए हाइड्रोलिक डुअल-सर्किट ऑयल-इमसर््ड ब्रेक आदि। वाहनों से वातावरण में शून्य उत्सर्जन का लाभ भी होता है। ऑपरेटिंग, उपकरणों से जुड़े काफी शोर और कंपन में कमी के साथ ही, बीईवी उच्च दक्षता वाली ड्राइवलाइन के साथ आते हैं और डीजल वाले की तुलना में कम किलोवाट या किलोमीटर की खपत करते हैं।

हिंदुस्तान जिंक इस क्षेत्र में अग्रणी है, स्थायी खनन की खोज में लगातार परिवर्तनकारी और सतत प्रौद्योगिकियों को अपना रहा है। ईवीएस की शुरूआत हिन्दुस्तान जिंक द्वारा सस्टेनेबल और स्मार्ट संचालन लक्ष्यों के लिए सदैव नवीनतम तकनीक, नवाचार और प्रौद्योगिकियों के प्रभुत्व वाले क्षेत्र में एक और निर्णायक कदम है। स्थिरता और पर्यावरण के अनुकूल समाधानों के लिए हिंदुस्तान जिंक की स्थायी प्रतिबद्धता, इसे 2025 तक 0.5 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में कमी करने के अपने सतत विकास लक्ष्य एसजीडी को प्राप्त करने की ओर अग्रसर करती है।