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गायत्री परिवार का 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ 3 से 6 नवंबर तक 

गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ प्रणव पंड्या सहित देशभर से आएंगे साधक , कई आकर्षण होंगे

 

उदयपुर। हम बदलेंगे युग बदलेगा हम सुधरेंगे युग सुधरेगा इस भावना से समाज में कार्यरत अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की जिला एवं संभाग की कई गायत्री शक्तिपीठ द्वारा उदयपुर में उदयपुर संभाग सहित पड़ोस के 2 जिलों के गायत्री परिवार से जुड़े सैकड़ों परिवारों के लिए आगामी 3 से 6 नवंबर तक 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ उदयपुर की फतेह उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कर रहा है।

108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दौरान नव युवकों महिलाओं एवं संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ एवं संस्कारों के कई विशिष्ट आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए आज हुई कार्यकर्ता साधक साथियों की संगोष्ठी को डॉक्टर आलोक व्यास ललित पानेरी योगेश पानेरी केसी व्यास हेमंत श्रीमाली सुषमा दीदी रितु दीदी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
 

आयोजन समिति के प्रवक्ता हेमंत श्रीमाली ने बताया कि 3 से 6 नवंबर तक होने वाले इस गायत्री महायज्ञ एवं विभिन्न अनुष्ठानों के आयोजन को लेकर आज उदयपुर जॉन एवं राजसमंद जॉन से जुड़े जिलों तहसील एवं खंड स्तर के गायत्री परिवार से जुड़े कार्यकर्ताओं साधक साधिका ओं का तैयारी सम्मेलन सर्वित विलास स्थित गायत्री शक्ति पीठ सभागार में संपन्न हुआ। सभागार में उदयपुर जॉन एवं राजसमंद जॉन से जुड़े उदयपुर बांसवाड़ा डूंगरपुर चित्तौड़ प्रतापगढ़ राजसमंद भीलवाड़ा सिरोही पाली एवं इनके आसपास से संबंधित गायत्री परिवार के साधक साधिका ओं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया जिन्हें आयोजन की विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई तथा साधक साधिका व कार्यकर्ताओं को सम्मेलन के बारे में विस्तार से बताया।
 

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ आलोक व्यास ने बताया कि आयोजन को लेकर 20 कमेटियों का गठन किया गया जिसमें संबंधित कमेटियों के संयोजक और उनके साथ काम करने वाले सदस्यों को विधिवत जिम्मेदारियां सौंपी गई। प्रवक्ता हेमंत श्रीमाली ने बताया कि चार दिवसीय विशिष्ट महायज्ञ सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी सहित दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के कई दिग्गज हस्तियों को आमंत्रित किया गया है।
 

यह रहेंगे आकर्षण का केंद्र

अखिल भारतीय गायत्री परिवार शांतिकुंज के वेदमाता गायत्री ट्रस्ट प्रमुख शैलबाला पंड्या अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख आदरणीय डॉ प्रणव पंड्या गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार महिला प्रकोष्ठ प्रमुख श्रीमती शेफाली दीदी एवं कुलपति देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के डॉ चिन्मय पंड्या चारों दिन उदयपुर में रहेंगे और विभिन्न आयोजनों में भाग लेकर साधक साधिका उसे संवाद करेंगे।
 

कार्यक्रम इस प्रकार रहेंगे
 

गुरुवार 3 नवंबर 2022 को प्रातः 9:00 बजे सद्गुरु ज्ञान ग्रंथ एवं कलश शोभायात्रा के साथ इस 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ का आगाज होगा इसके बाद दोपहर 2:00 बजे संगठनात्मक स्वरूप पर कार्यकर्ता संगोष्ठी होगी और रात्रि 8:00 बजे संगीत एवं प्रवचन के आयोजन होंगे कलश यात्रा में पहली बार 2501 महिलाएं कलश के साथ गायत्री परिवार के साहित्य पोथियो के रूप में सिर पर लेकर पारंपरिक वेशभूषा में शिरकत करेंगे जो देश में पहली बार देखने को मिलेगा।
 

शुक्रवार 4 नवंबर को ध्यान साधना एवं प्रज्ञा योग का आयोजन होगा जिसमें देवा वाहन के साथ देव पूजन गायत्री महायज्ञ एवं विभिन्न संस्कारों के विधिवत अनुष्ठान किए जाएंगे दोपहर 2:00 बजे राज्य स्तरीय कार्यकर्ता गोष्टी राजस्थान जोन के प्रभारी डॉ ओम प्रकाश जी अग्रवाल के सानिध्य में आयोजित होगी और शाम 4:00 बजे पहली बार संगीत के साथ 5000 युवाओं को लेकर युवा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा जिन्हें देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति डॉ चिन्मय जी पंड्या संबोधित करेंगे।
 

शनिवार 5 नवंबर 2022 को प्रातः ध्यान साधना एवं प्रज्ञा योग का आगाज होगा वही इनके साथ गायत्री महायज्ञ एवं विभिन्न संस्कार आयोजित किए जाएंगे दोपहर 2:00 बजे कार्यकर्ता संगोष्ठी आओ गढे संस्कारवान पीढ़ी विषय पर होगी तत्पश्चात थाय 6:00 बजे श्री वेदमाता गायत्री ट्रस्ट प्रमुख शैलबाला पंड्या जी गायत्री परिवार प्रमुख प्रणव पंड्या के सानिध्य में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं प्रबंध संस्कार एवं दीप यज्ञ का अनुष्ठान होगा। चार दिवसीय 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के अंतिम दिवस प्रातः 6:00 बजे ध्यान साधना एवं प्रज्ञा योग के साथ आयोजन की शुरुआत होगी 8:00 बजे गुरु दीक्षा प्रणव पंड्या के नेतृत्व में विभिन्न संस्कारों के साथ 108 गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति का महा अनुष्ठान होगा तत्पश्चात समापन समारोह का आयोजन होगा।
 

भारतीय वेशभूषा में शामिल हो सकेंगे
आयोजन समिति में इस महा अनुष्ठान में भाग लेने वाले सभी साधक साध्वी शहरवासी पर्यटक एवं गायत्री परिवार में निष्ठा रखने वाले महिला पुरुष युवक-युवतियों को प्रवेश के समय धोती कुर्ता एवं बहनों के लिए साड़ी तथा सलवार सूट ड्रेस कोड के रूप में रखा है वही सम्मेलन चारों दिवस के अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया है।