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जीवन की दिशा को मोड़नें वाली संदेशपरक कहानियों से प्रेरित हो रहे दर्शक
 

अंतर्राष्ट्रीय स्टोरी टेलिंग महोत्सव का दूसरा दिन 
 
सामाजिक कुरीतियों पर चोट करती व प्यार से जुड़़ी कहानियों की हुई प्रस्तुतियां

उदयपुर 22 फरवरी 2020। मां माय एंकर फाउण्डेशन द्वारा आयोजित उदयपुर टेल्स के तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय स्टोरी टेलिंग महोत्सव के दूसरे दिन कई शानदार परफॉर्मेंस हुए जिनमें विभिन्न शैलियों में कहानियां सुनाई गई। 

यहां तीन मंचों पर हो रहे इस महोत्सव में पहला ड्रीम टाइम्स मंच जो बच्चों के लिए, दूसरा जमघट जो सभी वर्ग के लिए और तीसरा शू चांग जो युवाओं और वयस्कों के लिए है। बाहर से आए मेहमान जहां स्थानीय लोग कथाओं से कई तरह के संदेश बच्चों को दे रहे हैं वही बच्चें भी संदेशपरक कहानियां और अपने प्रोग्राम देकर सबको सम्मोहित कर रहे हैं। कहानियो के प्रति मनुष्य का आकर्षण स्वाभाविक है। यही कारण है कि संरक्षण एवं स्थाई कथन बहुत अधिक मायने रखता है।  

इस अवसर पर जहाँ मुक्ता बैंड ने अपनी परफॉर्मेंस दी, वहीँ मिराण्डे शाह ने लोक कला में अपना प्रदर्शन किया। इस आयोजन में वास्तविक जीवन के नायक जैसे गंगेश खेतान पूर्व राष्ट्रीय गोल्फ चैंपियन ने भी अपनी कहानी बयां की। इस आयोजन में दुनिया भर की आकर्षक कहानियों को पेश किया गया और देश दुनिया से आए श्रोताओं ने इन कहानियों का आनंद लिया।

शनिवार प्रातः ड्रीमटाइम की शुरुआत हुई, इसमें बच्चों ने गजब का प्रस्तुतिकरण दिया। इस आयोजन में उषा वेंकटरमन की कहानी सबसे आकर्षण का केंद्र रहीं। यह पेशेवर कथाकार है जिनके पास बच्चों और वयस्कों के लिए पारंपरिक कहानियों के भंडार हैं तथा लोक कथा और काल्पनिक कथाओं को नये अंदाज़ में कहने का 23 सालों का अनुभव है। यह अंतरराष्ट्रीय स्टोरी टेलर के साथ ही क्लासिकल गायक भी है।

इनके बाद आधुनिक एवं अनुभव आत्मक कथाकार एवं अंतर्राष्ट्रीष्य स्टोरी टेलर सीमा वाही मुखर्जी की प्रस्तुति हुई है। ये अच्छे खिलौने भी डिजाइन भी करती हैं। 

मां माय एंकर फाउण्डेशन की संस्थापक सुष्मितासिंह ने बताया कि दोपहर में शू चांग मंच पर राधिका बगदी द्वारा चित चोर कहानी का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने काफी सराहा एवं उन्होंने खूब तालियां बटोरी। इसके बाद कोरिया से आई चेमसूल ने कोरियन कहानियां एवं लोक कथाओं को सुनाया। उन्होंने कोरियन फॉक तथा लोक कथाएं मिस्टर मून एंड मिसेज सन का प्रस्तुतीकरण दिया। यह कोरियन कहानी एक लव स्टोरी पर आधारित थी। 

कहानी के अनुसार दो छोटे भाई बहन जंगल मे जा रहे थे। रास्ते में उन्हें एक शेर मिला। शेर ने उस बच्ची को उसकी मां समझ लिया और शेर उसके पीछे भागा लेकिन वह दोनों भाई बहन एक रस्सी के सहारे चढ़ते हुए सीधे आकाश में पहुंच गए। वहां जाकर दोनों मिस्टर मून एंड मिशन के नाम से जाने गये। इस कहानी को सुन सभी रोमांचित हुए। 

सलिल भण्डारी ने बताया कि इनके साथ ही शेख साहिल ने भी अपना प्रस्तुतीकरण दिया। इनके बाद मंच पर आए कथाकार एवं दास्तंगोई कला में ख्याति प्राप्त सैयद साहिल आगा ,मिराण्डे शाह ने सूफी और फोक गानों की मनमोहक प्रस्तुति दी। यह प्रस्तुति श्रोताओं पर इस कदर हावी थी कि सब मंत्रमुग्ध होकर इन्हें सुनते रहे और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ पांडाल को गुजाते रहे।

इस कार्यक्रम के बाद हुई जमघट की शुरुआत जिसमें म्यूजिकल प्रस्तुतीकरण हुआ। भारती दीक्षित की कहानी लव इन मांडू को काफी सहाराना मिली। बाज बहादुर ने म्यूजिकल हिस्टोरिकल कहानी रूपमती की कहानी का प्रस्तुतीकरण दिया। इस कहानी के माध्यम से उन्होंने समाज में फैली हुई कुप्रथाओ के ऊपर करारी चोट की। उन्होंने इस लव स्टोरी में बताया कि प्यार से बढ़कर दुनिया में कोई चीज नहीं होती। प्यार किसी से भी कहीं पर भी हो सकता है। प्यार न उम्र देखता है ना समाज देखता है प्यार को किसी बंधन में बांधना गलत है। 

दक्षिण अफ्रीका से आई बोगिस्वा कोट्टा रामूशवना ने अफ्रीकन लोक कथा और कहानियों के माध्यम से खुशियां बांटने का प्रयास किया। इनके बाद में शुभम मेहता और सचिन भंडारी ने अपनी प्रस्तुतियां दी। भंडारी एक अच्छे कलाकार होने के साथ ही शार्ट फिल्में मेकर भी है। इन्होंने रहोगी तुम वहीं... कहानी सुनाकर खूब लोगों की तालियां बटोरी। करदम त्रिवेदी ने म्यूजिकल प्रस्तुतीकरण दिया। 

उसके बाद शाम को पुनः शू चांग मंच पर सैयद साहिल आगा और काबूकी का खन्ना द्वारा दास्तान एक आना का प्रस्तुतीकरण दिया। इसके बाद गगन मुद्गल ने प्रस्तुति दी।  साउथ अफ्रीकन बोगिस्वा कोट्टा रमुशवना एवं मुक्ता बैंड की प्रस्तुतियों के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ। शाम को कलाकार पियूष मिश्रा की गगन मुद्गल के साथ वार्ता तथा संजुक्ता सिन्हा की कत्थक की मंत्रमुग्ध कर देने वाली शानदार प्रस्तुति हुई। 

रविवार को होगा समापन- रविवार को पूरे दिन विभिन्न आयोजन के साथ ही शाम को खानाबदोश बैंड की प्रस्तुति, दास्तान ए अन्ना, फितरती चोर जश्न-ए-कल्म के साथ आयोजन का समापन होगा।