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परचम कुशाई की रस्म के साथ इमरत रसूल बाबा के 129वें उर्स का आगाज

शहर के ब्रह्मपोल बाहर स्थित दरगाह हजरत इमरत रसूल शाह बाबा के तीन दिवसीय 129वें उर्स का आगाज परचम कुषाई की रस्म के साथ शनिवार को दरगाह परिसर में बाद नमाज अस्र सायं 5 बजे हुआ। दरगाह कमेटी के नायब सदर मोहम्मद रफीक ने बताया कि हजरत इमरत रसूल शाह बाबा के उर्स का आगाज परचम कुशाई की रस्म के साथ हुआ। परचम कुशाई की रस्म दरगाह कमेटी के सदर मोहम्मद युसुफ ने अदा की। परचम अब्दुल हमीद की तरफ से पेश किया गया।

 

शहर के ब्रह्मपोल बाहर स्थित दरगाह हजरत इमरत रसूल शाह बाबा के तीन दिवसीय 129वें उर्स का आगाज परचम कुषाई की रस्म के साथ शनिवार को दरगाह परिसर में बाद नमाज अस्र सायं 5 बजे हुआ। दरगाह कमेटी के नायब सदर मोहम्मद रफीक ने बताया कि हजरत इमरत रसूल शाह बाबा के उर्स का आगाज परचम कुशाई की रस्म के साथ हुआ। परचम कुशाई की रस्म दरगाह कमेटी के सदर मोहम्मद युसुफ ने अदा की। परचम अब्दुल हमीद की तरफ से पेश किया गया।

इस अवसर पर दरगाह के गद्दीनशीन इकबाल हुसैन, मुबारिक हुसैन, जाकिर हुसैन, शब्बीर हुसैन, बाबु भाई, मोहसिन हैदर, मांगु खान, अब्दुल अजीज सिंधी, मोहम्मद सलीम पठान, जफर खान सहित बाबा के सैंकड़ों अकीदतमंद मौजूद थे। परचम कुशाई के बाद अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादर व फुल पेश किए। मोहम्मद सिद्दीक ने सलाम पढा और उसके बाद फातिहा पढी गई व मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे की दुआएं की गई। मगरिब की नमाज के बाद अकीदतमंदों के बीच लंगर तकसीम किया गया।

रात्रि बाद नमाज ईशा 9 बजे से महफिले मिलाद का आयोजन किया गया। जिसमें मल्लातलाई की गरीब नवाज मिलाद पार्टी ने हम्द, नात व मनकबत पेश की। जिसमें ये नाज ये अंदाज हमारे नहीं होते, झोली में अगर टुकडे हमारे नहीं होते व मीरां वलियां के इमाम, गरीब नवाज के शान में उदयपुर के नातख्वां हजरात ने कलाम पेश किए। उर्स के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में सैंकड़ों अकीदतमंदों ने षिरकत की।

आज रात्रि कव्वाली का प्रोग्राम:

रविवार 11 नवम्बर 2018 को रात्रि बाद नमाज ईशा महफिले समां में कव्वाली का प्रोग्राम आयोजित किया जायेगा। जिमसें भोपाल से मुर्करम वारसी, जयपुर से गुलाम हुसैन जयपुरी व जावरा से मुजम्मिल हुसैन फजल हुसैन कव्वाल पार्टी शिरकत करेगी। उर्स की सरपरस्ती पीर मोहम्मद अली हाशमी नागौरी करेंगे।