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विद्या प्रचारिणी सभा के त्रे- वार्षिक चुनाव सम्पन्न

सारंगदेवोत कार्यवाहक अध्यक्ष, आगरिया आठवीं बार मंत्री,एवं राठौड़ तीसरी बार प्रबन्ध निदेशक निर्वाचित

 

उदयपुर। दो दिन पूर्व 16 फ़रवरी को विद्या प्रचारिणी सभा, भूपाल नोबल्स संस्थान की आम सभा प्रताप चौक संस्थान परिसर में सम्पन्न हुई। जिसमे कार्यवाहक अध्यक्ष के पद पर प्रो. शिवसिंह कच्छेर (सारंगदेवोत) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए भगवत सिंह नेतावल को 74 मतो से, मंत्री पद पर डॉ. महेन्द्र सिंह आगरिया ने देवेन्द्र सिंह पिपलाज को 30 मतो के अन्तर से निर्वाचित होकर लगातार आठवीं बार मंत्री बने। उपमंत्री एवं प्रबन्ध निदेशक पद पर मोहब्बत सिंह रूपाखेड़ी ने दिलीप सिंह लुणदा से 28 मतो के अन्तर से तीसरी बार इस पद पर निर्वाचित हुए। 

उपाध्यक्ष के दो पद पर डॉ. दरियाव सिंह 100 मत, डॉ. जब्बर सिंह टाड़ावाला को 94 मत प्राप्त कर विजित हुए। संयुक्त मंत्री पद पर राजेन्द्र सिंह ताणा ने 50 मतों के अन्तर से विजय प्राप्त की जबकी वित्त मंत्री पर शक्ति सिंह कारोही विजयी घोषित हुए। 

कार्यकारिणी 9 सदस्य के पद पर क्रमशः हनुवंत सिंह बोहेडा, नवल सिंह जूड़, नकुल सिंह मुरोली, कमलेश्वर सिंह कच्छेर, भंवर सिंह कोठारिया, सुरेन्द्र प्रताप सिंह रूद, करण सिंह उमरी, महेन्द्र सिंह पाखण्ड, पुष्पेन्द्र सिंह भीन्डर निर्वाचित हुए। 

कार्यकारिणी में भूतपूर्व छात्रसंघ प्रतिनिधि के 4 पदों पर डॉ. युवराज सिंह बेमला, राजेन्द्र सिंह पिपलान्त्री, कुलदीप सिंह ताल एवं महेन्द्र सिंह पाटिया पूर्व प्रक्रिया में निर्विरोध निर्वाचित हुए। 

इससे पूर्व मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह आगरिया द्वारा वर्ष पर्यन्त का लेखा- जोखा रखा गया एवं आम सभा में संस्थान उत्थान के व्यापक विचार - विमर्श हुए, तत्पश्चात् संस्थान की कार्यकारिणी के त्रे- वार्षिक चुनावों  की समग्र प्रक्रिया उपरान्त चुनाव अधिकारी डॉ. प्रेमसिंह रावलोत द्वारा चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न हुई। जिसमें कुल 212 मतदाताओं में से 195 मतदाताओं द्वारा मतदान करने पश्चात चुनाव परिणाम घोषित किये गये।

इस अवसर पर नवनिर्वाचित कार्यवाहक अध्यक्ष कर्नल प्रो. शिवसिंह कच्छेर जो कि जर्नादनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ, डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलपति भी है, ने कहा की मैं अपनी इस मातृ संस्थान में सेवा का अवसर पाकर गौरवान्वित हूँ। यह संस्थान मेवाड़ में शैक्षणिक धरोहर के रूप में राज्य की एक पौराणिक (हेरिटेज) शिक्षण संस्थाओं में अग्रणी है। मैं अपनी सेवा साधना के अन्तर्गत शोध, शैक्षणिक नई गुणवत्ता और रोजगारोन्मुखी तकनिकी पाठ्यक्रमों, प्लेसमेन्ट जैसी अत्याधुनिक वस्तुस्थिति का संस्थान में प्रमुखता के साथ क्रियान्वयन में लायेंगें।