वर्ष 2022 के लिए 6 क्रिप्टो ट्रेडिंग सम्बन्धित भविष्यवाणियाँ


वर्ष 2022 के लिए 6 क्रिप्टो ट्रेडिंग सम्बन्धित भविष्यवाणियाँ

बिटकॉइन अब बाजार में एक दशक से अधिक समय बिता चुका है और इसकी उन्नति-अवनति सभी देख चुके हैं।

 
Future of Bitcoin and Crypto Trading in India

क्रिप्टो ट्रेडिंग के भय से उबरकर अब लोग इसमें अधिक रूचि दिखाने लगे हैं। शेयर बाजार में अधिक निवेश में विश्वास करने वाले लोग भी अब बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोमुद्राओं की ओर मुड़ रहे हैं। कारण यह है कि बिटकॉइन अब बाजार में एक दशक से अधिक समय बिता चुका है और इसकी उन्नति-अवनति सभी देख चुके हैं।

यदि आप भी बिटकॉइन या अन्य डिजिटल मुद्राओं में निवेश करते हैं, तो यह वर्ष आपके लिए अच्छा सिद्ध होगा। और यदि आपने अभी तक बिटकॉइन में निवेश नहीं किया है परन्तु इसके इच्छुक हैं, तो bitcoin-loophole.io वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करके आप अपनी बिटकॉइन ट्रेडिंग यात्रा आज से ही आरम्भ कर सकते हैं।

दोनों ही सन्दर्भों में क्रिप्टो ट्रेडिंग के क्षेत्र में 2022 में होने वाली घटनाओं के बारे में पहले से पता होने पर आपको अन्यों से अधिक लाभ हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए नीचे दी गयी 6 भविष्यवाणियाँ पढ़ें।

  1. इंट्रा-डे ट्रेडिंग का प्रचलन बढ़ेगा

जो लोग स्टॉक बाजार में इंट्राडे (एक-दिवसीय) ट्रेडिंग को वरीयता देते हैं, वो भी क्रिप्टो मुद्राओं में अधिक दिनों तक निवेश करने में विश्वास रखते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि क्रिप्टोकरेंसियों की अनिश्चितता ट्रेडरों के मन में "कुछ और रुक कर देखते हैं" जैसे विचार भर ही देती है।

इस तथ्य का एक अन्य पहलू यह भी है कि शेयर या स्टॉक विशेषज्ञों के समान सटीक विश्लेषण क्रिप्टो के सम्बन्ध में करना असंभव है। इसीलिए बाजार के गिरने का पता पहले से नहीं चल पाता है और लोग दीर्घकालिक निवेश किये रहते हैं। इस वर्ष यह परिस्थिति बदलेगी।

बिटकॉइन और ईथर जैसी डिजिटल मुद्राओं के कई वर्षों तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने से क्रिप्टोकरेंसियों में लोगों का विश्वास बढ़ा है। बिटकॉइन पाई चार्ट जैसे टूलों का प्रयोग भी अब अधिक लोग कर रहे हैं, तो जनसामान्य में क्रिप्टो के बारे में जानकारी भी बढ़ी है।

इसका परिणाम यह होगा कि समान दिवस पर निवेश और निकासी करने वाले ट्रेडरों की संख्या बढ़ेगी।

भारत में अभी 10 करोड़ लोग किसी--किसी क्रिप्टो मुद्रा में निवेश कर चुके हैं। इंट्राडे ट्रेडिंग करने वालों की बढ़ती संख्या के साथ इस आँकड़े में भी अच्छी वृद्धि देखी जाएगी।

  1. मीम कॉइन होंगे पटल से गायब

यदि 2021 की बात करें तो शीबा इनु से लेकर डौगी मार्स जैसे अनेकों क्रिप्टोकॉइन बाजार में आये। जहाँ डौगी कॉइन अभी भी प्रगति की ओर अग्रसर है, वहीं स्क्विड कॉइन 230,000% की वृद्धि के बाद अपने आरम्भिक मूल्य से भी नीचे पहुँच गया। इसी प्रकार बहुत-से मीम कॉइनों में निवेश करने से लोगों ने बहुत क्षति झेली।

उपरोक्त घटनाओं के कारण अब ट्रेडर मीम कॉइनों से दूरी बना रहे हैं।

वर्ष 2022 में हम यह मान सकते हैं कि मीम कॉइन कम-से-कम आएँगे और यदि आएँगे भी, तो लोग उनमें पहले जैसी रूचि नहीं दिखाएँगे। यह वर्ष बिटकॉइन और टेथर जैसे विश्वनीय कॉइनों की ट्रेडिंग का ही रहेगा।

  1. प्रतिबंधों, स्वीकार्यता और विनियमन का वर्ष

भारत और अमेरिका जैसे देशों की सरकारों ने बिटकॉइन अन्य क्रिप्टोकरेंसियों की ओर देखना और इस बाजार में रूचि लेना चालू कर दिया है। यूरोपियन संघ ने भी क्रिप्टो ट्रेडिंग में वैध-अवैध का कानूनी वर्गीकरण आरम्भ कर दिया है।

इसी के साथ क्रिप्टो ट्रेडिंग के नियम, इस पर विभिन्न प्रकार के प्रतिबन्ध, इसके विभिन्न बिंदुओं की आधिकारिक रूप से स्वीकार्यता आदि का चक्र चल पड़ा है। 2022 इन देशों के साथ ही अन्य देश भी अब क्रिप्टो ट्रेडिंग और बाजार के विनियमन पर ध्यान देंगे।

इन समाचारों से हम यह समझ सकते हैं कि भले ही आयकर के कारण ट्रेडरों को क्रिप्टो पर कमाए कुछ लाभ में से कुछ अंश देना पड़े, पर इससे आपको अचानक प्रतिबन्ध, भटकाने वालो प्लेटफार्मों में निवेश से क्षति आदि समस्याओं से छुटकारा मिला अवश्य मिल जाएगा।

  1. राष्ट्रीय डिजिटल मुद्रा का पर्दार्पण होगा

कुछ ही दिनों पूर्व आये बजट में भारत की वित्तमत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने घोषणा की कि देश अगले वित्तीय वर्ष में एक डिजिटल मुद्रा का पर्दार्पण कर सकता है। यह मुद्रा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा बाजार में उतारी जाएगी। हालाँकि, इस बारे में कोई अन्य जानकारी अभी नहीं दी गयी है।

इस घोषणा के बाद से क्रिप्टो ट्रेडिंग पर वित्त मंत्रालय द्वारा विनियमन और आयकर सम्बन्धी निर्देशिका आने की सम्भावनाएँ भी बढ़ गयी हैं। जिस गति से भारत सरकार इस दिशा में काम कर रही है, उससे लगता है कि राष्ट्रीय डिजिटल मुद्रा इसी वर्ष के अंत तक ट्रेडरों के प्रयोग के लिए उब्लब्ध हो जाएगी।

  1. बिटकॉइन का मूल्य एस एंड पी के अनुरूप बढ़ेगा-घटेगा

S&P 500 एक प्रकार की स्टॉक मार्केट इंडेक्स है जो कि बाजार की 500 शीर्ष कंपनियों का आकलन करके स्टॉक बाजार की वार्षिक वृद्धि की दर बताती है। पिछले वर्ष जहाँ बिटकॉइन 60 प्रतिशत बढ़ा वहीं S&P 500 में भी 27% की वृद्धि देखी गयी।

इस वर्ष ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है बिटकॉइन और S&P 500 दोनों ही वृद्धि करेंगे, पर यह वृद्धि समानुपाती रहेगी। इसका तात्पर्य यह है कि S&P 500 में अधिक बढ़त दिखाई देती है, तो बिटकॉइन उससे भी अच्छी गति से बढ़ेगा। हालाँकि, यदि यह वर्ष S&P 500 के लिए अच्छा नहीं रहता है, तो बिटकॉइन धीमे-धीमे आगे बढ़ेगा। दोनों ही परिस्थिति में बिटकॉइन में निवेश करना आपके लिए लाभदायक रहेगा।

  1. बिटकॉइन में ट्रेडरों को लाभ ही होगा

बिटकॉइन ने वर्ष 2021 में 60 प्रतिशत की उत्कृष्ट वृद्धि की, परन्तु इसका ये अर्थ बिलकुल नहीं है कि यह क्रिप्टोकरेंसी अपने सर्वश्रेष्ठ मूल्य पर पहुँच चुकी है या अब इसमें और वृद्धि की सम्भावनाएँ कम हो गयी हैं। इसके विपरीत, जानकार इस वर्ष भी बिटकॉइन के मूल्य में अच्छे उछाल की आशा संजोये बैठे हैं।

अनुमान है कि बिटकॉइन का मूल्य इस वर्ष भी बढ़ेगा और हमें पिछले वर्ष से कम उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे। तो यदि आप क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का विचार कर रहे हैं, तो बिटकॉइन आज भी इसके लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प है।

सारांश

क्रिप्टो ट्रेडरों के लिए 2022 कुल-मिलाकर अच्छा रहने वाला है। हालाँकि इसके लिए आप नयी मुद्राओं और मीम मुद्राओं से हटकर बिटकॉइन, ईथर आदि जैसी पारम्परिक मुद्राओं पर निवेश करें, तो अच्छा रहेगा। साथ ही, ध्यान रखें कि अपना ट्रेडिंग प्लेटफार्म चुनने में पूर्ण सावधानी बरतें जिससे आप बिना किसी समस्या इंट्राडे भी कर पाएँ और क्रिप्टोकरेंसियों/क्रिप्टोप्लेटफार्मों संबंधों सरकारी नियमों के आने पर अपने पैसे को फँसा हुआ ना पाएँ।

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