पटाखों की ब्रिक्री पर रोक से व्यापारी संकट में


पटाखों की ब्रिक्री पर रोक से व्यापारी संकट में

10 करोड़ का व्यापार प्रभावित 

 
पटाखों की ब्रिक्री पर रोक से व्यापारी संकट में
पटाखा विक्रेताओं का कहना है कि सरकार इस बात को अब 10 दिन पहले बता रही है कि उन्हें पटाखें बेचने नहीं है। जबकि सभी विक्रेताओं ने देशभर से पटाखों की खरीद पहले ही कर ली है। ऐसे में उदयपुर का प्रतिवर्ष होने वाला 8-10 करोड़ का पटाखा व्यापार पूरी तरह प्रभावित हुआ है। 

कोरोना जैसी महामारी के चलते हुए सक्रंमण को फैलने से रोकने के लिए राजस्थान सरकार ने इस बार निर्णय लिया है कि वह दीपावली पर पटाखों की ब्रिक्री रोक लगा देगी। जिससे पटाखों का स्टोर कर चुके उदयपुर के सभी व्यापारी परेशान है। परेशान पटाखा निर्माता और विक्रेता सरकारी आदेश के बीच से कोई रास्ता निकालने की कोशिश में जुटे हुए है। 

पटाखा विक्रेताओं का कहना है कि सरकार इस बात को अब 10 दिन पहले बता रही है कि उन्हें पटाखें बेचने नहीं है। जबकि सभी विक्रेताओं ने देशभर से पटाखों की खरीद पहले ही कर ली है। ऐसे में उदयपुर का प्रतिवर्ष होने वाला 8-10 करोड़ का पटाखा व्यापार पूरी तरह प्रभावित हुआ है। 

उदयपुर के जिला कलेक्टर के अनुसार प्रदेश सरकार के निर्देश पर इस दिवाली शहर के लव कुश स्टेडियम,सीए सर्कल और सेक्टर-4 में पूजा पार्क में लगने वाली अस्थायी पटाखा दुकानों को लाइसेंस नही दिए जाएगें। 

दीपावली के अलावा विवाह समारोह में आतिशबाजी के चलते पटाखों की बिक्री होती है। लेकिन कोरोना काल में समारोह भी औपचारिक तौर पर हो रहे है। जहां पटाखों की जरुरत ही नही पड़ रही है। ऐसे में सालभर चलने वाली खरीद भी रुक गई है। दीपावली पर बिक्री की आस थी उस पर भी सरकार ने रोक लगा दी है। 

उदयपुर के स्थानीय व्यापारी और बरसो से आतिशबाज़ी के कारोबारी एस के फायर वर्क्स के आशिक हुसैन मगर वाला ने बताया की व्यापारी पिछले वर्ष के दिसंबर माह और जनवरी माह की शुरुआत में ही एडवांस में आर्डर दे देते है। हालाँकि इस वर्ष कोरोना के चलते 60 फीसदी व्यापार ही अपेक्षित था लेकिन राज्य सरकार के इस अदूरदर्शी फैसले ने 100 फीसदी इस व्यापार को और व्यापारी को संकट में डाल दिया। 

वहीँ जयपुर के आतिशबाज़ी से संबंद्ध व्यपारियो ने हाई कोर्ट में रिट दायर की है जिसकी सुनवाई 4 नवंबर को होनी है।  जयपुर में ही अनुमानतः व्यापारी 25 करोड़ का इन्वेस्ट कर चुके है। जिसकी भरपाई बैन के चलते मुश्किल होगी। जहाँ लॉकडाउन और कोरोना के चलते व्यवसाय जगत में पहले से निराशा है वही इस प्रतिबंध से न सिर्फ व्यापारियों को नुकसान होगा बल्कि इस व्यवसाय से जुड़े लोगो के रोज़गार पर भी बुरा असर पड़ने वाला है।     
 

Article by Alfiya Khan
 

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