एम्यूज़मेंट पार्क बाजार के लिये प्रोत्साहन पैकेज की मांग

इण्डियन एसोसिएशन ऑफ एम्यूज़मेंट पार्कस एण्ड इन्डस्ट्रीज ने सरकार से आजीविका के लिये लगायी गुहार
 | 

उदयपुर। लाॅक डाउन के बाद से एम्यूज़मेंट बाजार काफी बदहाली की राह पर चल रहा है। ऐसे में इण्डियन एसोसिएशन ऑफ एम्यूज़मेंट पार्कस एण्ड इन्डस्ट्रीज ने सरकार से एम्यूज़मेंट पार्क बाजार के लिये प्रोत्साहन पैकेज की मांग की है ताकि इस क्षेत्र में कार्य करने वाले हजारों लोगों की आजीविका पर आये संकट से उन्हे बचाया जा सकें।  
 
भारत के एम्यूजमेंट पार्कस, थीम पार्कस, वॉटर पार्कस और इनडोर एम्यूजमेंट सेंटर के तहत में काम करनें वाली देश की इस सर्वोच्च संस्था ने एम्यूजममेंट पार्क बाजार के लिए प्रोत्साहन पैकेज दिए जानें की मांग की है ताकि इस बाजार में कार्यरत में लगभग 80 हजार लोगों को प्राप्त सीधे रोजगार पर आये संकट को टाला जा सकें।  

एसोसिएशन के चेयरमेन अजय सरीन ने बताया कि यह एम्यूजमेंट बाजार सामाजिक सुविधाओ का निर्माण करता है जिस से राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया जाता है। मध्यमवर्गीय और निम्न मध्यम वर्ग के बच्चों, युवा और परिवारों को सक्रीय आऊटडोर मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती है। 

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के श्रम और रोजगार मत्रालय के सचिव आईएएस  हरीलाल सामरिया द्वारा जारी सूचना के अनुसार उन्होंने आईएएपीआई के सदस्यों से अपील की है कि वें कमचारियों को काम से ना निकाल और स्थायी तथा अनुबंधित कमचारियों के वेतन में मार्च 2020 तक कटौती ना कर और इस सूचना पर लॉकडाऊन की अवधि का अमल करें। 

सरीन ने बताया कि बाजार का एक जिम्मेदार हिस्सा होनें के नाते संस्था ने सरकार तथा स्थानीय प्रशासन के निर्णय की पालना करते हुए कोविड-19 का प्रसार रोकनें के लिए सभी एम्यूजमेंट पार्कस तत्काल प्रभाव से बंद कर दिये। ऐसे वातावरण में व्यवसाय करना कठिन हो गया है तथा बाजार अब खुद को बचाने के लिए प्रयास कर रहा है। बाजार ने अपनें सबसे प्रमख पीक सीजन (गर्मी की छुट्टीयों) को खो दिया है, साधारण तौर पर इस मौसम में 45 से 55 प्रतिशत ईबीआईटीडीए से कमायी होती है। इसके बाद ऑफ सीजन और ठंडी के मौसम के कारण उत्तरी भारत में वॉटर पार्कस बंद हो जाते है। 

लॉकडाऊन के बाद एम्यूजमेंट बाजार को और झटका लग सकता है क्योंकि परिवार भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाना टालेंगे और यात्राओं पर पाबंदी लगने से बच्चें, युवा और परिवारों की संख्या काफी कम होगी। भारतीय एम्यूजमेंट बाजार में आनवालें लोगों में लगभग 75 प्रतिशत लोग मध्यमवर्गीय या निम्न मध्यमवर्गीय से आते है, अब लॉकडाऊन की वजह से इस स्तर के लोगों पर काफी दबाव है। उत्तर भारत में एम्यूजमेंट बाजार को फिर से पटरी पर लान के लिए तथा ग्राहकों को विश्वास जीतनें के लिए कम से कम 10-12 माह का समय लग जाएगा। 

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News