BN यूनिवर्सिटी को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त


BN यूनिवर्सिटी को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त

भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के अंतर्गत वर्ष 2016 के कृषि संकाय खोलने की अनुमति मिली थी

 
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उदयपुर 23 दिसंबर 2022। आज से 100 वर्ष पूर्व 2 जनवरी 1923 को मेवाड़ के तत्कालीन महाराणा एवं राजस्थान व देश के एकमात्र महाराज प्रमुख भूपाल सिंह जी द्वारा स्थापित विद्या प्रचारिणी सभा, भूपाल नोबल्स संस्थान, उदयपुर समर्पित भाव से बहुआयामी शिक्षा योजनाओं को समर्पित हो रही है यह संस्थान उत्तरोत्तर प्रगति करते हुए वर्ष 2016 में विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित हुई। 

भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय अपने सेवाकाल में बहुआयामी विराट स्वरूप प्राप्त कर राष्ट्र और समाज की धरोहर बन गई है। भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के अंतर्गत वर्ष 2016 के कृषि संकाय खोलने की अनुमति मिली थी। 

भूपाल नोबल्स संस्थान के शताब्दी वर्ष के दौरान बीएन कृषि विश्वविद्यालय को 5 वर्ष की अवधि के लिए 2027 तक भारतीय कृषि अनुसंधान, नई दिल्ली (आई सी ए आर) द्वारा मान्यता प्राप्त की गई। प्रारंभ में विद्यार्थियों का प्रवेश 12वीं कक्षा के विज्ञान विषय में मेरिट के आधार पर कर दिया गया था, तत्पश्चात अकादमी वर्ष 2020-21 से राज्य सरकार की स्वीकृति से संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से 60 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। जबकि अकादमिक सत्र 2022 23 में राज्य सरकार द्वारा गठित निरीक्षण समिति द्वारा महाविद्यालय का अवलोकन कर 120 विद्यार्थियों के प्रवेश की सिफारिश की गई थी। उसके आधार पर राज्य सरकार ने वर्तमान अकादमिक सत्र से 120 छात्रों के प्रवेश की अनुमति प्रदान की है। 

भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन प्रदीप कुमार सिंह सिंगोली ने बताया कि विश्वविद्यालय के लिए अपार हर्ष का विषय है कि अल्पकाल में बीएन कृषि विश्वविद्यालय को राज्य सरकार द्वारा 120 विद्यार्थियों को प्रवेश की स्वीकृति एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा 5 वर्ष के लिए मान्यता प्रदान करना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। 

बीएन कृषि महाविद्यालय की उप समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह शक्तावत ने कहा कि यह महाविद्यालय दक्षिण राजस्थान की जनजाति क्षेत्र के किसानों और युवाओं के लिये महती आवश्यकता है। भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर एनबी सिंह ने बताया की प्रदेश में पांच कृषि विश्वविद्यालय हैं और कई निजी कृषि महाविद्यालय भी हैं जिनमें से बहुतों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है।  लेकिन बीएन कृषि महाविद्यालय प्रदेश का दूसरा निजी महाविद्यालय हैं  जिसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त हुई है।   

प्रदेश की जीडीपी में कृषि का योगदान 30% से भी अधिक है जो देश के औसत 20% से अधिक हैं। बीएन कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ दिलीप सिंह ने बताया कि मान्यता प्राप्त होने पर छात्र समुदाय एवं विश्व विद्यालय परिवार  में हर्ष एवं  उल्लास का वातावरण है। बीएन जल्दी  ही प्रगति के इस दौर में बहुत शीघ्र चयनित विषयों में स्नातकोत्तर प्रारंभ करने जा रहे हैं। आज संस्थान में किसान दिवस भी बहुत उल्लास के साथ मनाया गया।

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