गिट्स द्वारा डूंगरपुर क्षेत्र के सिनियर सैकण्डरी स्कूल के छात्रों का शैक्षणिक भ्रमण
विकास में भागीदारी निभाये इसी उद्देश्य से यह शैक्षणिक भ्रमण कराया गया
किसी भी देश का विकास एवं भविष्य उसके शिक्षा प्रणाली पर निर्भर करता हैं। जिस देश की साक्षारता दल जितनी ज्यादा होती है वह देश उतना ही विकसित एवं समृद्ध होता हैं। आज के बदलते परिवेश में इन्जिनियरिंग शिक्षा का अपना एक विशिष्ट महत्व हैं। इसी इन्जिनियरिंग के महत्व को आज के छात्र छात्राओं को अवगत कराने के लिए डूंगरपुर क्षेत्र के स्कूली छात्राओं का गीतांजली इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज डबोक उदयपुर में शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
संस्थान निदेशक डॉ. एन. एस. राठौड ने शिक्षा के परिवेश में बताते हुए कहा कि वर्तमान जनसंख्या की 57 प्रतिशत जनसंख्या की उम्र 30 वर्ष से कम हैं। इस उम्र की जनसंख्या वालों को स्कूल और कॉलेज होना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य वश केवल 4 प्रतिशत जनसंख्या ही कॉलेज जा पाती हैं।
सबसे दयनीय हालत बेसिक शिक्षा की हैं। जहां आज ही 49 प्रतिशत जनसंख्या स्कूल का मूंह नहीं देख पाती हैं। इसलिए समाज का उत्तरदायित्व बनता है कि बच्चों को शिक्षा की तरफ अग्रसर किया जाये। उससे भी आवश्यक हैं कि उनको इन्जिनियरिंग शिक्षा से रूबरू कराया जाये। क्योंकि इन्जिनियरिंग शिक्षा विज्ञान एवं गणित का उपयोग करके आम समस्याओं की तकनीकी हल प्रदान करती हैं।
आज दुनिया इतनी आगे बढ चुकी है कि हर काम में मशीन, तकनीक और इनोवेशन की जरूरत है। यह चीजे गिट्स में छात्रों को बखुबी सिखाई जाती हैं। इन्जिनियर्स बनकर छात्र-छात्राए देश व दुनिया के विकास में भागीदारी निभाये इसी उद्देश्य से यह शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
कार्यक्रम के संयोजक पी.आर.ओ. मोहित माथुर के अनुसार इस शैक्षणिक भ्रमण में विभिन्न स्कूलों के छात्रों को सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस व विभिन्न ब्रान्च की प्रयोगशालाओं तथा उनमें होने वाले अनुप्रयोगों से अवगत कराते हुए प्रदेश सरकार एवं भारत सरकार से चल रही विभिन्न योजनाओं से वे कैसे लाभान्वित हो सकते हैं इस पर जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही आजकल प्रोजेक्ट डिजाइन में होने वाले नवीनतम सॉफ्टवेयर ए.आर., वी आर, प्रोटीयस, आर्डिनो तथा वेबसाइट डिजाइन सम्बन्धि जानकारी बच्चों को दी गई। जिससे वे अपने प्रोजेक्ट आसानी से डिजाइन कर सके।