मई के पहले सप्ताह में ही शुरु हो सकती है राजस्थान बोर्ड की परिक्षाएं- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. धर्मपाल जारोली

मई के पहले सप्ताह में ही शुरु हो सकती है राजस्थान बोर्ड की परिक्षाएं- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. धर्मपाल जारोली

10वीं और 12वीं छात्रों को यह फायदा होगा कि आधा सिलेबस पढ़ने पर भी प्रश्न पत्र हल कर पाएगा। अब तक प्रश्नपत्र में एक प्रश्न के लिए एक विकल्प ('अथवा') दिया जाता था। कोशिश की जा रही हैं कि एक से अधिक विकल्प ('अथवा') दिए जाएं जहाँ छात्रों को 3 में से एक प्रश्न हल करना होगा।

 
मई के पहले सप्ताह में ही शुरु हो सकती है राजस्थान बोर्ड की परिक्षाएं- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. धर्मपाल जारोली
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. धर्मपाल जारोली ने स्टूूडेंट्स की कक्षा में जाकर जायज़ा लिया और बच्चों को पढ़ाया भी

उदयपुर 27 जनवरी 2021। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. धर्मपाल जारोली ने उदयपुर में राजकीय गुरु गोविंद सिंह सीनियर हायर सैकंडरी स्कूल का जायज़ा लिया। बच्चों को किस तरह की पढ़ाई में परेशानी हो रही है उससे संबधित बच्चों से वार्तालाप की। और साथ ही बच्चों को पढ़ाया भी। 

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. धर्मपाल जारोली ने बताया कि उदयपुर की सस्था, मिट्टी से उनका खास रिश्ता रहा है। आपको बता दे कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. धर्मपाल जारोली  की शिक्षा भी गुरु गोविंद सिंह स्कूल से हुई  है। कॉलेज की शिक्षा उन्होने तत्कालीन उदयपुर यूनिवर्सिटी (वर्तमान में MLSU) से की थी। 2 वर्ष तक उदयपुर में ही लेक्चरर रहे। 

बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. धर्मपाल जारोली का कहा कि मेरा अक्सर जयपुर और अजमेर जाना होता था लेकिन कभी उदयपुर आने का मौका नहीं मिला। उदयपुर आने का मकसद यहीं था कि जिस स्कूल से मेरी शिक्षा हुई है मैं वहां के बच्चों से बातचीत करु और उन्हें किस तरह की परेशानी है। मै किस तरह उनकी मदद कर सकता हूं। 

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को लेकर किस तरह की तैयारी है इसके लिए हमने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. धर्मपाल जारोली से बातचीत की

1. CBSE बोर्ड की परीक्षाएं 4 मई 2021 से शुरु होने जा रही है, RBSE की परीक्षाएं भी क्या 15 मई से शरु होगी?

नहीं हमारे पुरी कोशिश होगी की राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10वीं और 12वीं की जल्द ही परीक्षाएं शुरु करवाई जाएंगी। हम चाहते है कि बच्चों के लिए सिलेबस कम कर दिया गया है तो ऐसे में स्टूडेंट्स को परीक्षा में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। हमारा पुरा प्रयास है कि परीक्षाएं मई की पहले सप्ताह से ही शुरु हो जाये ताकि आगामी 3 जुलाई से जेईई एडवांस की परीक्षाओं के लिए छात्र तैयारी करे सके अतः प्रयास किए जा रहे है कि जल्द बोर्ड की परीक्षा करवाई जा सके। 

2. क्या आपको नहीं लगता की इस बार 9वीं के छात्रों को प्रमोट कर दिया है ऐसे में 10वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में परेशानी होगी?

हमारे पुरे प्रयास है कि सभी बच्चे परीक्षा में पास हो और पूरी संभवाना है कि 10वीं और 12वीं के बच्चे सिलेबस में कटौती होने की वजह से परीक्षा में आसानी से सफल हो सकेगें। हमारा बेहतर प्रयास है कि हम बच्चों का जल्द से जल्द सिलेबस पूर्ण करवाया जाए। बच्चों को परीक्षा में आसानी रहे इसलिए हमने इस बार ऑब्जेक्टिव प्रश्ऩ रखे है। कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए बोर्ड ने 40% सिलेबस पहले ही कम कर दिया गया है, जो शेष 60% सिलेबस है उसमें से भी और कम हिस्से से प्रश्न दिए जाएंगे। ऐसे में छात्रों को यह फायदा होगा कि आधा सिलेबस पढ़ने के बाद भी प्रश्न पत्र हल करने में सक्षम रहेगा । अभी तक प्रश्नपत्र में एक प्रश्न के लिए एक विकल्प ('अथवा') दिया जाता था।  अब कोशिश की जा रही हैं कि एक से अधिक विकल्प ('अथवा') दिए जाएं। विद्यार्थी को 3 प्रश्नों में से एक प्रश्न हल करना होगा। 

3. 10वी से 12वीं की कक्षाएं शुरु हो गई है। क्या जल्द ही कक्षा 1 से 8वीं की कक्षाएं शुुरु होेने वाली है?

हमारी पुरी कोशिश है कि हम कक्षा 1 से 8वीं तक की कक्षा भी शुरु करे लेकिन हम अभी 10वीं और 12वीं की कक्षा पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेंगे क्योंकि बोर्ड परीक्षाएं नज़दीक है। ऐसे में 10वी से 12वीं की कक्षा शुरु करना बहुत जरुरी था। 

4. ऑनलाइन क्लासेज का बच्चो पर क्या प्रभाव रहेगा ?

यह सही है की ऑनलाइन क्लासेज समय और परिस्थिति की मांग थी। लेकिन दीर्घकालीन में बच्चो के सर्वांगीण विकास के लिए उचित नहीं।  ऑनलाइन क्लासेज़ से छात्र वह हासिल नहीं कर पाए जो स्कूल की कक्षाओं में उपस्थित रह कर हासिल कर पाते।    

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