नई शिक्षा नीति के तहत सभी संघटक कॉलेजों में पहली बार ग्रेजुएशन डिग्री में सेमेस्टर सिस्टम से होगी पढाई

नई शिक्षा नीति के तहत सभी संघटक कॉलेजों में पहली बार ग्रेजुएशन डिग्री में सेमेस्टर सिस्टम से होगी पढाई

इस साल से ये व्यवस्था लागू कर दी गई है

 
MLSU

नई शिक्षा नीति के तहत इस साल से मोहनलाल सुखाड़िया विवि के सभी संघटक कॉलेजों में पहली बार बीए, बीकॉम, बीएससी में सेमेस्टर सिस्टम से पढाई होगी। ये व्यवस्था लागू कर दी गयी है।ऐसे में अब इसी सिस्टम के आधार पर परीक्षाएं आयोजित की जाएगी। गौरतलब है की अब तक केवल कुछ कोर्सेज में ही, सेमेस्टर सिस्टम था। लेकिन अब सभी स्नातक संकायों के लिए सेमेस्टर सिस्टम शुरू किया गया है। 

ये है सेमेस्टर सिस्टम

सेमेस्टर सिस्टम में हर 6 महीने में परीक्षा होती है, यानि छात्र को वार्षिक परीक्षा प्रणाली की तुलना में कोर्स को विस्तार से समझने के लिए पर्याप्त समय मिलता है।एक्सपर्ट के मुताबिक़ इस पद्धति में छात्र पर कम बोझ होता है। 6 माह की पढाई के लिहाज से कोर्स कम रहता है, छात्र पूरा फोकस कर सकते है।

सेमेस्टर सिस्टम में अध्यापक आसानी से मूल्यांकन कर पाते है। यही नही 3 साल में सेमेस्टर की छह परीक्षाओं के परिणाम जोड़कर ग्रेजुएशन के नतीजे आएंगे, जो छात्र की योग्यता के ज्यादा अनुरूप हो सकते है।

पहले 1200 पर प्रवेश, इस साल केवल 800 पर, 400 सीटें कम 

कॉमर्स कॉलेज के डीन प्रो.पीके सिंह ने बताया की इस साल से सुविवि से संबंध सभी कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया गया है। बीकॉम तीन साल का ही है, लेकिन बीकॉम ऑनर्स दो कर दिए गये है, जो चार साल का है। इसमें एक सामान्य ऑनर्स और दूसरा रिसर्च ऑनर्स है। पहले सेल्फ फाइनेंस और कोर सीट्स को मिलाकर कुल 1200 सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा था। इस साल ये घटाकर केवल 800 सीट्स कर दी गई है ताकि क्वालिटी बनी रहे है। 

आर्ट्स कॉलेज के डीन प्रो.सीआर.सुथार ने बताया की इस साल से बीए में भी सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया गया है। पास कोर्स 730 और सेल्फ फाइनेंस की कुल 700 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा.काउंसलिंग प्रक्रिया 20-21 जुलाई से शुरू की जाएगी।

पहले इन कोर्सेज में था सेमेस्टर सिस्टम

एमकॉम, बीबीए, बी वॉक, बीकॉम ऑनर्स और प्रोफेशनल कोर्सेज जेसे एमएचआरएम, एआइबी, एमए, एमएससी.


 

 

 

 

To join us on Facebook Click Here and Subscribe to UdaipurTimes Broadcast channels on   GoogleNews |  Telegram |  Signal