MLSU: इस वर्ष से बीए में पत्रकारिता भी होगा एक विषय

MLSU: इस वर्ष से बीए में पत्रकारिता भी होगा एक विषय

आर्ट्स कॉलेज में प्रथम वर्ष की ऑफलाइन काउंसिलिंग 24 से

 
MLSU: इस वर्ष से बीए में पत्रकारिता भी होगा एक विषय
रेगुलर के साथ वोकेशनल मोड पर भी होगा शिक्षण

उदयपुर। मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के संघटक सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष पास कोर्स एवं आनर्स की ऑफ़लाइन काउंसलिंग कोविड गाइडलाइन के अनुरूप 24 से 30 सितम्बर तक होगी। इस वर्ष से अन्य विषयों के साथ बीए में पत्रकारिता एवम जनसंचार को ऐच्छिक विषय के तौर पर शामिल किया गया है। काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थी इस विषय को चुन सकते हैं। एकेडमिक कॉउंसिल में निर्णय के बाद विश्वविद्यालय में पहली बार यह विषय पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

महाविद्यालय की डीन प्रो सीमा मलिक ने बताया कि जिन विद्यार्थियों का पहली मेरिट लिस्ट में एडमिशन हो चुका है और फीस  जमा कराने के लिए वेबसाइट पर अपलोड सूची में जिनका नाम है उनको छोड़कर वे विद्यार्थी जो अभी तके प्रवेश से वंचित हैं लेकिन जिनका नाम वरीयता सूची में अंकित है ऐसे विद्यार्थी काउंसलिंग में भाग ले पाएंगे। इन विद्यार्थियों को विषय की उपलब्धता के हिसाब से वरीयता क्रम के अनुसार प्रवेश दिया जाएगा। 24 से 30 सितंबर तक होने वाली ऑफलाइन काउंसलिंग के लिए वरियता क्रम के अनुसार तारीख और समय की विस्तृत सूचना वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसमे विद्यार्थी अपने प्रवेश आवेदन पत्र एवं शुल्क रसीद की हार्ड कॉपी के साथ  दसवीं एवं बारहवी की अंकतालिका, गेप सर्टिफिकेट एवं ओबीसी नॉनक्रीमीलेयर का नवीनतम प्रमाण पत्र साथ लेकर आएं।

प्रोफ़ेसर मलिक ने बताया कि इस वर्ष से अन्य विषयों के साथ बीए में पत्रकारिता एवम जनसंचार को ऐच्छिक विषय के तौर पर शामिल कर लिया गया है। काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थी विभिन्न विषय समूहों में से इस विषय को चुन कर अपने तीन विषयों में शामिल कर सकते  हैं।

स्व वित्तपोषी पाठ्यक्रम(एसएफएस) में प्रवेश लेने के विद्यार्थियों को भी इसी मेरिट लिस्ट के अनुसार शामिल किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थी student.ucssh@mlsu.ac.in पर मेल करके ऑनलाइन प्रवेश ले सकते हैं।

रेगुलर के साथ वोकेशनल मोड पर भी होगा शिक्षण

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति के अनुरूप रेगुलर के साथ वोकेशनल मोड पर शिक्षण कार्य शुरू करवाने के प्रति गंभीर है एवं कुलपति प्रोफ़ेसर अमेरिका सिंह इस दिशा में शीघ्र ही कार योजना लाने वाले हैं ताकि विद्यार्थियों को रोजगार परक शिक्षा की ओर प्रवृत्त किया जा सके। 

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ कुंजन आचार्य ने बताया कि नई शिक्षा नीति आउटकम बेस्ड एजुकेशन पर आधारित है और इसमें बच्चे को उसकी इच्छा के अनुसार अध्ययन करने की सुविधा प्रदान की जाती है। नए दौर में कागजी डिग्री के साथी रोजगार परक एवं स्किल डेवलपमेंट वाली शिक्षा का प्रबंध भी महत्वपूर्ण हो गया है। इसी के तहत सुखाड़िया विश्वविद्यालय में रेगुलर के साथ वोकेशनल डिग्री मोड भी जल्द शुरू होगा। 

फिलहाल भारत में केवल 5 प्रतिशत विद्यार्थी वोकेशनल पाठ्यक्रमों में रुचि रखते हैं जबकि साउथ कोरिया में 96 परसेंट,  जर्मनी में 70 परसेंट, चाइना में 50 परसेंट डेनमार्क में 40 परसेंट विद्यार्थी इसमे रुचि रखते है। इस योजना के तहत यदि इतिहास का विद्यार्थी भौतिक शास्त्र पढ़ना चाहेगा तो उसकी सुविधा भी प्राप्त होगी। इसके लिए विद्यार्थी का क्रेडिट बैंक तैयार होगा जो उसकी प्रगति रिपोर्ट पर नजर रखेगा। 

कुलपति प्रो सिंह विद्यार्थियों के हित में कई सारे निर्णय कर रहे हैं और यह निर्णय भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रो सिंह ने कहा कि विद्यार्थी मन मस्तिष्क और ह्रदय से अध्ययन  में जुटे ताकि शिक्षा के साथ उसकी रोजगार संबंधी जरूरतें भी पूरी हो सके।
 

To join us on Facebook Click Here and Subscribe to UdaipurTimes Broadcast channels on   GoogleNews |  Telegram |  Signal