उदयपुर बर्ड फेस्टिवल में प्रदर्शनियों का रहेगा आकर्षण
उदयपुर, 1 जनवरी 2020 । पक्षी प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे उदयपुर बर्ड फेस्टिवल का आयोजन 9 से 12 जनवरी तक किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा इस तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के उदयपुर बर्ड फेस्टिवल के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। पक्षीप्रेमियों के लिए अच्छी खबर यह है कि सर्दियों की दस्तक के साथ ही मेवाड़ के जलाशयों में मेहमान परिंदों के आने का क्रम भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
मुख्य वन संरक्षक बी. प्रवीण ने बताया कि मेवाड़-वागड़ की जैव विविधता से जन-जन को रूबरू करवाने और लेकसिटी को बेस्ट बर्डवॉचिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दृष्टि से उदयपुर बर्डफेस्टिवल के तहत इस बार भी विशिष्ट आयोजन किए जा रहे हैं। इन समस्त आयोजनों की तैयारियों के लिए वन विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ पक्षीप्रेमियों द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।
प्रदर्शनियों में दिखेगा परिंदों व तितलियों का संसार
मुख्य वन संरक्षक ने बताया कि बर्डफेस्टिवल के तहत बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी को देखते हुए जानकारीपरक प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया जाएगा। इसके तहत पक्षियों पर आधारित प्रदर्शनी के साथ ही तितलियों तथा समूचे विश्वभर में पक्षियों पर जारी किए गए डाक टिकटों की प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र रहेगी।
डाक टिकटों पर दिखेगा परिंदों का संसार
प्रदर्शनी स्थल पर विश्वभर में पक्षियों पर जारी किए गए डाक टिकटों की विशाल प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। इस प्रदर्शनी के तहत उदयपुर की डाक टिकट संग्रहकर्त्ता पुष्पा खमेसरा द्वारा भारत सहित विश्व के 333 से अधिक देशों द्वारा जारी किए गए दस हजार से अधिक डाक टिकटों को प्रदर्शित किया जाएगा।
करीब 5 लाख टिकटों का संग्रह करने वाली श्रीमती खमेसरा ने पक्षी केन्द्रित प्रदर्शनी में सन् 1871 का पश्चिमी आस्ट्रेलिया के प्राचीन टिकट से लेकर 2019 के कलेक्शन में से टिकटों का चयन कर प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ 25 से अधिक देशों द्वारा पक्षियों पर जारी किए गए सिक्कों व मुद्राओं का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
तितलियों के जीवनचक्र का होगा जीवंत प्रदर्शन
प्रदर्शनी में 6 प्रजातियों की तितलियों के जीवनचक्र का लाईव प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसमें तितलियों पर शोध कर रहे डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा कस्बे के तितली विशेषज्ञ मुकेश पंवार द्वारा तितलियों के जीवनचक्र के फोटोग्राफ्स के साथ होस्ट प्लांट पर लार्वा व प्यूपा का लाईव प्रदर्शन किया जाएगा। यहां आगंतुकों को तितलियों के जीवनचक्र के बारे में जानकारी भी दी जाएगी।
