GITS में IOT Appliocations in Agriculture का शुभारम्भ

GITS में IOT Appliocations in Agriculture का शुभारम्भ

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा एवं गिट्स में चौधरीचरण सिंह नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मार्केटिंग द्वारा प्रायोजित 

 
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उदयपुर 29 जनवरी 2024 । गीतांजली इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज डबोक उदयपुर में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा एवं गिट्स में चौधरी चरण सिंह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्च मार्केटिंग द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम‘‘आईओटी एप्लीकेशन्सइन एग्रीकल्चर’’ का शुभारम्भ हुआ।

संस्थान निदेशक डॉ.एन.एस. राठौड़ ने बताया की बढ़ती हुयी आबादी और सीमित जमीन के साथ पर्याप्त भोजन उपलब्ध करवाना एक चुनौती पूर्ण कार्य हो गया है । कृषि आधारित जमीन दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है। भविष्य में यह चुनौती दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जायेगी। ऐसे में कृषि में आधुनिक तकनीकों के प्रयोग के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। 

कृषि आधारित आधुनिक तकनीकों में इन्टरनेट ऑफथिग्ंस (आई ओ टी) का प्रमुख स्थान है। आईओटी के माध्यम से हम स्मार्ट एवं सत्त कृषि का सपना साकार कर सकते हैं। इस तकनीक मे सेंसर के माध्यम से हम प्रकाश, नमी, तापमान, फसल के स्वास्थ्य, जमीन की उर्वरा शक्ति के साथ साथ कब और कितना पानी की आवश्यकता है उसको मालूम कर सकते है। जो अनावश्यक पानी के बरबादी को रोकने में सहायक सिद्ध होने के साथ साथ किसानों की आय उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती है। कौनसी फसल कब रोपनी है कितने मात्रा में रोपनी है खाद और बीज का अनुपात क्या होगा, कौन से कीटनाशक का प्रयोग कब करना है इसकी जानकारी हम अपने प्राप्त कर सकते है। साथ ही पूर्वत फसल पैदावार के डाटा के विश्लेषण से हम आने वाली फसल के पैदावार की भविष्यवाणी कर सकते है। 

एक रिसर्च के मुताबिक 80 प्रतिशत पानी कृषि उपयोग में, 15 प्रतिशत पानी इन्डस्ट्रीज में और सिर्फ 5 प्रतिशत पानी घरेलु उपयोग में लिया जाता है। जो की आश्चर्यजनक है यदि कृषि में तकनीक का उपयोग करेंगे तो पानी के अनावश्यक बर्बादी से निजात मिल पायेगी। कुछ चुनौतियों के बावजूद यदि किसान आईओटी तकनीक को अपनाते है तो किसानों के आय में वृद्धि के साथ उनको कठिन परिश्रम से छुटकारा मिल सकता है। इस तकनिक के फायदों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए चौधरी चरण सिंह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मार्केटिंग द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम ‘‘आईओटी एप्लीकेशन्सइन एग्रीकल्चर’’ का शुभारम्भ किया गया। जिसमे राजस्थान तकनीक विश्वविद्यालय, कोटा के डीन प्रोफेसर डॉ. राजीव गुप्ता की गरिमा मयी प्रस्तुती रही। 

आने वाले 2 दिनों में कॉलेज ऑफ टेक्नोलोजी एण्ड इंजीनियरिंग, उदयपुर के प्रोफेसर डॉ. सुनील जोशी, जेसीबी यूनीवर्सिटी ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलोजी के डॉ. वासुदेव मल्होत्रा, बिग हॉट इण्डिया के को-फाउण्डर एवं डायरेक्टर सचिन नन्दवाना, कॉलेज ऑफ टेक्नोलोजी एण्ड इंजीनियरिंग, उदयपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विक्रमादित्य दवे, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के असिसटेन्ट प्रोफेसर डॉ. दीपक भाटिया एवं बाइनोमियल सोल्यूशन्स प्रा. लि. के को-फाउण्डर एण्ड सीटीओ राजा बृजभुषण अपने-अपने तकनीकी ज्ञान से उदयपुर एवं आस पास के महाविद्यालयों के लोगों को अवगत करवायेंगे। 

कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड कम्यूनिकेशन्स इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमृत अनिल राव पुरोहित द्वारा एवं संचालन असिसटेन्ट प्रोफेसर शैलजा राणावत द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अनुराग पालीवाल एवं असिसटेन्ट प्रोफेसर रवि तेली द्वारा किया गया।
 

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