पक्षीप्रेमियों और विद्यार्थियों ने जलाशयों पर देखी परिंदों की जलक्रीड़ाएं


पक्षीप्रेमियों और विद्यार्थियों ने जलाशयों पर देखी परिंदों की जलक्रीड़ाएं

उदयपुर बर्ड फेस्टिवल का दूसरा दिन
 
पक्षीप्रेमियों और विद्यार्थियों ने जलाशयों पर देखी परिंदों की जलक्रीड़ाएं
उदयपुर बर्ड फेस्टिवल का दूसरे दिन शनिवार भी पक्षियों के नाम रहा। इस दौरान जिला मुख्यालय से पक्षी प्रेमियों की टीमें विभिन्न संभाग भर के जलाशयों पर पहुंची और यहां पर स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की अटखेलियों को देखा तथा इनसे संबंधित डाटा का संग्रहण किया।
 

उदयपुर बर्ड फेस्टिवल का दूसरे दिन शनिवार भी पक्षियों के नाम रहा। इस दौरान जिला मुख्यालय से पक्षी प्रेमियों की टीमें विभिन्न संभाग भर के जलाशयों पर पहुंची और यहां पर स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की अटखेलियों को देखा तथा इनसे संबंधित डाटा का संग्रहण किया।

मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) आर.के.सिंह ने बताया कि बर्डवॉचिंग की दृष्टि से पांच अलग-अलग टीमें बनाई गई थी। इसमें पक्षी विशेषज्ञ विनय दवे, डॉ राम मेघवाल, प्रदीप जोशी, डॉ कमलेश शर्मा, डॉ. पंकज सेन के नेतृत्व में तीन दलों ने मेनार, बड़वाई और किशन करेरी तालाबों का दौरा किया। 

किशन करेरी व बड़वई तालाब पर प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एनसी जैन भी पहुंचे और उन्होंने बच्चो और पक्षी प्रेमियों के साथ बर्ड वॉचिंग की। यहां उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को प्रकृति की इस सुंदर सौगात को समझने और इसके साथ समन्वय स्थापित करने की बात कही। इस दौरान मेनार, बड़वई और किशन करेरी के पक्षी मित्रों भैरूलाल पुरोहित, उमेश मेनारिया, पुखराज द्विवेदी आदि के दलों ने पक्षीप्रेमियों और विशेषज्ञों के साथ बर्डवॉचिंग की व इन तालाबों के संरक्षण के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। 

इसी प्रकार पक्षी विशेषज्ञ शरद अग्रवाल और विजेंद्र परमार के दल ने मंगलवाड़, मेनार और नगाबली तालाब का तथा पक्षी विशेषज्ञ अनिल रोजर के दल ने जवाई बांध का दौरा कर पक्षी प्रजातियों के बारे में जानकारी एकत्र की। इन दलों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी और पर्यावरण प्रेमी भी पहुंचे जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा बर्डवाचिंग करवाई गई।

बर्डवॉचिंग कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए जिसमें सेवानिवृत्त आईएएस मुनीश गोयल, साईंस कॉलेज के रिटायर्ड डीन प्रो. महिप भटनागर, रिटायर्ड डीआईजी शरद मंत्री, हिंदुस्तान जिंक के पूर्व महाप्रबंधक एनसी बंसल, एनटीपीसी के पूर्व महाप्रबंधक केएस समोता, श्रीमती सुषमा गोयल, ख्यातनाम पक्षी विज्ञानी रजत भार्गव, डीएफओ शैतानसिंह देवड़ा, पक्षी विशेषज्ञ देवेन्द्र श्रीमाली आदि सम्मिलित हुए।    

इन प्रजातियों के पक्षियों को देखा:

बर्डवॉचिंग दौरान विशेषज्ञों व विद्यार्थियों ने दुर्लभ प्रजाति के फाल्कन, स्टेपी ईगल, ग्रेटर स्पोटेड ईगल, ईगल ऑउट को देखकर अभिभूत हुए वहीं बार हेडेड गीज़, ग्रे लेग गीज, नॉदर्न शावलर, नॉर्थरन पिनटेल, ब्लैक टेल्ड गोडविट , ग्रेट व्हाईट पैलिकेन, डालमेशन पेलिकन, गढ़वाल, कॉमन टील, फेरुजीनियस पोचार्ड, कॉमन पोचार्ड आदि प्रवासी पक्षियों को देखा। 

इसी प्रकार पक्षीप्रेमियों ने ग्रेट क्रस्टेड ग्रीब्स की कोर्टशीप की अटखेलियांे को देखने के साथ-साथ लार्क्स के समूहों और कॉमन क्रेस्टल की गतिविधियों पर पक्षीप्रेमी रोमांचित हो उठे।  इस बार एक्वा बर्ड के साथ-साथ टेरिस्टोरियल बर्ड्स भी अच्छी संख्या में दिखाई दी जिसमें यलो फुटेड ग्रीन पीज़न, क्लेमरस रिड वाबलर, यूरेशियन राइनेक (कठफोड़वा परिवार), डस्की क्रेग मार्टिन, बूटेड वाबलर को देखा गया।

15 प्रजातियों की तितलियों को भी देखा

उदयपुर बर्ड फेस्टिवल के दूसरे दिन क्षेत्रीय भ्रमण दौरान तितली विशेषज्ञों ने 15 प्रजातियों की तितलियों को भी देखा और इनके बारे में जानकारी संग्रहित की। सागवाड़ा के ख्यातनाम तितली विशेषज्ञ मुकेश पंवार, शर्मिला पंवार, तथा वेनिका पंवार ने आज मेनार, बड़वाई और किशन करेरी तालाब पर ब्लू प्रेसी, लेमोन पेंसी, यलो पेंसी, ग्रे पेंसी, पिकॉक पेंसी, प्लेन टाइगर, डनाइड एगफ्लाई, कॉमन ग्रास यलो, स्पोटलेस ग्रास यलो, ग्राम ब्लू, लेसर ग्राम ब्लू, टाइनी ग्रास ब्लू, प्लेन टाइगर, इंडियन पॉम बाब, डार्क ग्रास ब्लू आदि प्रजातियों की तितलियों को देखा। विशेषज्ञों ने यहां पर तितलियों के होस्ट प्लांट और कैटरपिलर के बारे में स्थानीय विद्यार्थियों को भी जानकारी प्रदान की।

पेंटिंग प्रतियोगिता का हुआ आयोजन:

इस मौके पर किशन करेरी में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की तरफ से पक्षियों पर आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के संभागीय प्रभारी अरुण सोनी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसमें से विजेता रहे समस्त प्रतिभागियों को राजस्थान के प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ एनसी जैन के मुख्य आतिथ्य में आयोजित  समारोह में सम्मानित किया गया। समारोह में लकड़ी से सारस क्रेन की प्रतिकृति बनाने वाली बेटी रीना पुत्री सुरेश सुथार का भी सम्मान किया गया।

समापन आज:

छठे उदयपुर बर्ड फेस्टिवल 2020 का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह रविवार 12 जनवरी को सुबह 10 बजे रानी रोड़ स्थित हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान में आयोजित होगा। समारोह के मुख्य अतिथि खेल व युवा राज्य मंत्री श्री अशोक चांदना होंगे तथा विशिष्ट अतिथि डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अध्यक्ष श्री रवि सिंह होंगे।

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