गिट्स में स्मार्ट इण्डिया हैकेथन-2019 का शुभारम्भ देशभर से प्रतिष्ठित तकनीकी काॅलेजों की 22 टीमों ने लिया भाग


गिट्स में स्मार्ट इण्डिया हैकेथन-2019 का शुभारम्भ देशभर से प्रतिष्ठित तकनीकी काॅलेजों की 22 टीमों ने लिया भाग

भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं ए.आई.सी.टी.ई. नई दिल्ली के सयुंक्त तत्वाधान में स्मार्ट इण्डिया हैकेथन -2019 के फाइनल का समारोह पूर्वक उद्घाटन गिट्स परिसर में हुआ जो कि 2 मार्च से शुरू होकर 3 मार्च तक चलेगा। इस हैकेथन के शुरूआती दौर में देश के नामी गिरामी तकनीकी संस्थानों के 42 हजार टीम के 2 लाख स्टूडेंट्स ने भाग लिया। जिसके अंतर्गत होने वाले ग्राण्ड फिनाले के लिए 11000 छात्रों का चयन हुआ।

 

गिट्स में स्मार्ट इण्डिया हैकेथन-2019 का शुभारम्भ देशभर से प्रतिष्ठित तकनीकी काॅलेजों की 22 टीमों ने लिया भाग

भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं ए.आई.सी.टी.ई. नई दिल्ली के सयुंक्त तत्वाधान में स्मार्ट इण्डिया हैकेथन -2019 के फाइनल का समारोह पूर्वक उद्घाटन गिट्स परिसर में हुआ जो कि 2 मार्च से शुरू होकर 3 मार्च तक चलेगा। इस हैकेथन के शुरूआती दौर में देश के नामी गिरामी तकनीकी संस्थानों के 42 हजार टीम के 2 लाख स्टूडेंट्स ने भाग लिया। जिसके अंतर्गत होने वाले ग्राण्ड फिनाले के लिए 11000 छात्रों का चयन हुआ।

इस ग्राण्ड फिनाले की प्रतियोगिता को आयोजित करने के लिए विभिन्न मापदण्डों के अनुसार पूरे देश भर में 48 नोडल सेंटर का चयन किया गया। इसी के तहत गिट्स का चयन भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा स्मार्ट इण्डिया हैकेथन -2019 के फाइनल हेतु नोडल सेन्टर के रूप में हुआ हैं।

संस्थान के निदेशक डाॅ. विकास मिश्र ने बताया कि स्मार्ट इण्डिया हैकेथन -2019 में देश भर के तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी अपनी-अपनी रिसर्च के जरिये देश के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के विकास में योगदान करेंगे। इस प्रतियोगिता के जरिये जहां एक तरफ युवाओं को उनकी रचनात्मकता को एक मंच मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ अपनी खोज एवं रिसर्च के जरिये इण्डिस्ट्री एवं देश की समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान प्रदान करेंगे।

यह एक देश व्यापी प्रतियोगिता हैं जिसका उद्देश्य नये इनोवेशन करना तथा तकनीकी समस्याओं के निदान के लिए नई टेक्नोलोजी विकसित करना हैं। यह टेक्नोलोजी की ही देन हैं कि 11000 टेक्नोक्रेट एक साथ मिलकर समाज एवं इण्डस्ट्रीज की चुनौतियों का सामना करेंगे तथा नये भारत निर्माण में सहयोग करेंगे।

भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावेडकर ने अपने ऑनलाइन उद्बोधन में कहा कि यह खोज की स्पर्धा हैं और खोज की यात्रा हैं जो खोज करते हैं वही आगे बढ़ते हैं हमें अपने इनोवेशन से भारत को आगे ले जाना हैं। दुनिया की हर बडी खोज में भारत का योगदान होता हैं। लेकिन खोज का मालिकाना हक भारत का नहीं होता हैं। इस प्रथा को हमें खत्म करना हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह अपनी प्रकार की विश्व की सबसे बडी प्रतियोगिता हैं।

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अखिल भारतीय शिक्षा परिक्षद नई दिल्ली के चैयरमेन प्रो. अनिल डी सहश्रबुदे ने विडियों कान्फ्रेंसिंग के जरिये कहा कि हमारी नजर में 11 हजार ही नहीं अपितु शुरूआती दौर में भाग लेने वाले दो लाख प्रतिभागी भी विजेता हैं। हैकेथन विद्यार्थियों के लिए कुछ नया करने के लिए प्लेट फाॅर्म मुहैया कराता हैं। हैकेथन आज भारत तक ही सीमित नहीं हैं अपितु भारत से बाहर दूसरे देशों में भी अपनी छाप छोड रहा हैं।

भारत सरकार के मानव संसाधन विकास विभाग के सचिव डाॅ. आर सुब्रहमणयम ने भी अपने ऑनलाइन उद्बोधन में कहा कि आपको अपने इनावेशन के जरिये भारत को आगे ले जाना हैं इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित करने से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता हैं तथा उनके बौद्धिक क्षमता में बढोतरी होती हैं।

डाॅ आनंद शर्मा (डिप्टी डायरेक्टर, अखिल भारतीय शिक्षा परिक्षद नई दिल्ली) ने कहा कि अब वह वक्त आ गया हैं कि किताबों के लबादे से बाहर निकलकर अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के लिए कुछ करें। इसके अतिरिक्त मुख्य अतिथि पी.एस. तलेसरा (डायरेक्टर पायरोटेक इलेक्ट्राॅनिक्स प्रा.लि.) ने तकनीकी यात्रा पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के संयोजक डाॅ. अमित सिंहल के अनुसार गिट्स में आने वाली टीमे प्रसिद्ध कम्पनी आई.टी.सी. एवं ए.जी.आर. मुम्बई की साॅफ्टवेयर आधारित समस्याओं का निदान करेंगे। इस दो प्रमुख कम्पनी के समस्याओं के समाधान के लिए देश के प्रमुख तकनीकी संस्थान जैसे महर्षि मार्केण्डेश्वर इन्जिनियरिंग काॅलेज अम्बाला, के.एस. इन्स्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलोजी बैंग्लोर, ऐस. काॅलेज हैदराबाद, एन.आई.टी. जालंधर, आई.एस.एम. धनबाद, एफ. जी. एम. काॅलेज ऑफ़ इन्जिनियरिंग एण्ड टेक्नोलोजी मुम्बई, महाराजा अग्रसेन इन्स्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलोजी दिल्ली जैसे प्रसिद्ध 22 तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी गिट्स के प्रांगण में सम्मिलित होकर समाज व देश की तकनीकी संस्थाओं का निदान करेंगे। दोनों कम्पनीज द्वारा कुल 6 टास्क विद्यार्थियों को दिये जायेंगे जिसमें प्रति टास्क 1 लाख रूपये का इनाम निर्धारित हैं। यह स्मार्ट इण्डिया हैकेथन -2019 लगातार 36 घण्टे तक चलने वाला सतत कार्यक्रम हैं जिसमे विद्यार्थी साॅफ्टवेयर से जुडी समस्याओं का हल निकालेंगे।

इस कार्यक्रम में विभिन्न इण्डस्ट्री व तकनीकी संस्थानों के 13 जज विनोद बिडला, (वाइस प्रेसिडेन्ट वी.टु. सोल्युशन्स), डाॅ. सुनील जोशी (प्रो. एण्ड हेड सी.टी.ए.ई.,उदयपुर), विशाल कोडिया (सिनियर एज्यूकेटिव ई-कनेक्ट सोल्युशन्स), सुधीर जैन (सिनियर कन्सलटेंट, अदविया सोल्युशन्स), प्रदीप चौहान (जी.के.एम.आई.टी), सुमित सनाढ्य (प्रार्थना एसोसिएट), राजकुमार राथीनवेलू (सिनियर लीड साइंटिस्ट, आई.टी.सी.) श्रीमती शिवानी शुक्ला (असिस्टेंट मेनेजर, डेटा साइंस प्रोजेक्ट, आई.टी.सी.), संदीप कुमार सिरम (असिस्टेंट मेनेजर, डिजीटल एग्री बिजनेस डिवीजन, आई.टी.सी.), मृदुल भारद्वाज (असिस्टेंट मेनेजर, एक्सीलेंस, आई.टी.सी.), अमित श्रीवास्तव (कंस्टम ए.आई.), अखिल भट्ट (स्पोक ए.जी.आर. मुम्बई), अंकुर रस्तोगी (डायरेक्टर ए.जी.आर. मुम्बई), ऋषिकेश देशपाण्डे (सी.इ.ओ. ए.जी.आर. मुम्बई) प्रतिभाग करने वाली टीमों द्वारा निकाले गये समाधानों का मुल्यांकन करेंगे।

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