ज़िला कलेक्टर ने की स्वास्थ्य विभाग के कार्यो की समीक्षा


ज़िला कलेक्टर ने की स्वास्थ्य विभाग के कार्यो की समीक्षा

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न

 
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समय पर पूर्ण हो आंकड़ो की ऑनलाइन एंट्री

उदयपुर, 5 फरवरी। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित हो रहे कार्यक्रमों की समीक्षा हेतु आज जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। 
 

जिला डीओईटी केंद्र से हुई इस वीसी में सीईओ जिला परिषद मयंक मनीष, अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर अशोक कुमार, सीएमएचओ डॉ दिनेश खराड़ी, आरसीएचओ डॉ अशोक आदित्य, डिप्टी सीएमएचओ डॉ राघवेंद्र राय, एडिशनल सीएमएचओ रागिनी अग्रवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी जिला स्तरीय एवं खंड स्तरीय अधिकारी जुड़े रहे।
 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर दिनेश खराड़ी ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से कोविड टीकाकारण, आरसीएच प्रोग्राम, मुख्यमंत्री निशुल्क दवा एवं जांच योजना, मौसमी बीमारियों एवं परिवार कल्याण सहित एजेंडा अनुरूप स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट पेश की।

सोनोग्राफी केंद्रों का हो सघन निरीक्षण
 

समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने जिले के अंतर्गत संचालित सोनोग्राफी केंद्रों के निरीक्षण के बारे में पूछा। उन्होंने जिले की अभी तक कि निरीक्षण रिपोर्ट पर असंतुष्टि जताते हुए कहा कि सभी सोनोग्राफी केंद्रों का नियमित समय अंतराल पर सघन निरीक्षण किया जाए एवं इसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराने को कहा।
 

परिवार कल्याण के अंतर्गत संचालित नसबंदी कार्यक्रम की लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नही होने पर कलेक्टर ने इस संदर्भ में ठोस कार्ययोजना तैयार करने हेतु निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्च माह तक के दिए गए लक्ष्य की पूर्ति हेतु अंतर विभागीय समन्वय स्थापित कर खंड स्तर पर बैठक आयोजित की जाए जिसमे योग्य दंपतियों की सूची बना विभागवार नसबंदी केस के लक्ष्य आवंटित कर कार्य मे प्रगति लाई जाए।
 

इस दौरान उन्होंने अंतराराज सॉफ्टवेयर में ऑनलाइन एंट्री के गैप को अगले 7 दिवस में पूर्ण करने को कहा।

समय पर पूर्ण हो आंकड़ो की ऑनलाइन एंट्री

बैठक के दौरान यह सामने आया कि कई कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य पूर्ण करने के बावजूद ऑनलाइन एंट्री के अभाव में जिले की प्रगति कम प्रदर्शित हो रही है। सीएमएचओ डॉक्टर दिनेश खराड़ी ने बताया कि वर्तमान परिपेक्ष में डाटा एंट्री ऑपरेटर के कोविड वैक्सीनेशन संबंधित कार्य मे व्यस्तता के चलते नियमित कार्यक्रमो की ऑनलाइन एंट्री प्रभावित हुई है। इस संबंध में जिला कलेक्टर ने कहा कि समय पर ऑनलाइन एंट्री नहीं होने से कार्य करने के बावजूद भी राज्य स्तर पर जिले की प्रगति का सही आकलन नहीं हो पाता है जो कि उचित नही है। उन्होंने ई औषधि, एमएनजेवाई, राजश्री, आईएचआईपी पोर्टल सहित अन्य सभी कार्यक्रम जहां ऑनलाइन एंट्री लंबित है को अगले 7 दिवस में प्राथमिकता से पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने सभी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी अधिकारी, कर्मचारी इस कार्य में लापरवाही बरते उसके खिलाफ कार्यवाही की जाए।
 

वीसी में जिला एनसीडी कार्यक्रम समन्वयक डॉ विकास मीणा ने बताया कि एनसीडी कार्यक्रम के सभी सेक्टर में जनसंख्या के अनुपात में 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगो का सर्वे कर गैर संक्रामक रोगों की जांच कर सीबैक फॉर्म भरे जा रहे हैं जिसके अंतर्गत जिले की अभी तक की प्रगति 50% ही है। जिला कलेक्टर ने इसे गंभीर गंभीरता से लेते हुए सभी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया की निरोगी राजस्थान माननीय मुख्यमंत्री महोदय की फ्लैगशिप योजनाओं में से एक है अतः इस कार्य को मिशन मोड पर लेते हुए जल्द से जल्द शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए।
 

समीक्षा बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ अंशुल मट्ठा ने क्षय रोग में जिले की प्रगति को प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को निक्षय दिवस के रूप में मनाया जाएगा जिसके अंतर्गत क्षय रोगियों को स्वास्थ्य केंद्र पर बुलवा उनके उपचार सहित पोषण योजना के  तहत मिल रहे लाभ इत्यादि मामलों पर चर्चा की जाएगी। डॉक्टर मट्ठा ने बताया कि सरकार द्वारा अब आशाओ को सक्रिय टीबी रोगी की खोज पर प्रोत्साहन राशी भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक नए टीबी रोगी की खोज पर आशा को एकबारगी 500 रुपये की प्रोत्साहन राशी देने का प्रावधान है।

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