MLSU में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेंटर एवं रूसा 2.0 शोध परियोजना का आयोजन

1 जून को एक पैनल चर्चा का आयोजन, पैनल चर्चा का विषय ब्रेनस्टॉर्मिंग ऑन परसोना मैग्नीफिकेशन 

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MLSU

सुखाड़िया विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एवम् प्लेसमेंट सेंटर की ओर से आयोजित की जा रही प्री प्लेसमेंट ट्रेनिंग श्रृंखला के क्रम में 1 जून को एक पैनल चर्चा का आयोजन मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति जी के मार्गदर्शन में किया गया l पैनल चर्चा का विषय ब्रेनस्टॉर्मिंग ऑन परसोना मैग्नीफिकेशन विषय पर था l

ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेंटर की समन्वयक प्रोफेसर मीरा माथुर ने बताया कि पैनल चर्चा के अंतर्गत शुभम अवस्थी, सुश्री हेमी दवे एवं इन्नोवेटिव ब्रैंज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर अंबुज जैन थेl पैनलिस्ट ने समूह चर्चा के दौरान बताया कि हम सभी को अपने आसपास की हर चीज की सराहना करना सीखना चाहिएl सीखना कभी न खत्म होने वाली प्रक्रिया है और हम सभी को खुले दिल से अपने आसपास के सभी लोगों से सीखना चाहिए l

अंबुज जैन ने बताया कि स्वयं के व्यक्तित्व को समझने के लिए आत्म जागरूकता बहुत महत्वपूर्ण है, उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम लक्ष्य के रूप में हमेशा सुख और शांति की भावना होनी चाहिए l सुश्री हेमी दवे ने बताया कि हम सभी को अपने स्वयं के बेहतर संस्करण बनने के प्रयास करना चाहिए l उन्होंने कई प्रमुख हस्तियों जैसे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, डॉक्टर वल्लभभाई पटेल, रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी जी और कई अन्य लोगों को उद्धृत कियाl उन्होंने प्रतिष्ठित व्यक्तित्व को समझने के लिए कई अभूतपूर्व तथ्यों को भी बताया जिनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, असफलता से सीखना, आत्मनिर्भरता एवं निस्वार्थ सेवा सम्मिलित है l

 शुभम अवस्थी ने पैनल चर्चा के दौरान बताया कि प्रतिष्ठित व्यक्तियों की पहचान करने के लिए हमें पहले उनके अनुभवों को सीखना चाहिएl उन्होंने यह भी कहा कि आज निरीक्षण और आत्म ध्यान के लिए किसी को भी हिमालय की तरह एकांत स्थान पर नहीं जाना पड़ता है,  लोग ध्यान भी कर सकते हैं कि वे कहां है l

ट्रेनिंग एवम् प्लेसमेंट सेंटर की समन्वयक प्रो मीरा माथुर ने बताया कि  इस तरह के पैनल चर्चा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को  पर्सनालिटी से संबंधित मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करना है जिसका उपयोग आप अपने संदेश को सही समय पर सही दर्शकों तक पहुंचाने के लिए कर सकते हैं। वे आपको बाजार अनुसंधान, लक्षित विज्ञापन, उपयोगिता परीक्षण और खोजशब्द अनुसंधान को अधिक कुशलता से करने में सक्षम बनाते हैं।

ट्रेनिंग एवम् प्लेसमेंट सेंटर के उप समन्वयक डॉ सचिन गुप्ता ने बताया कि इस तरह के पैनल डिस्कशन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक, सामाजिक, आध्यात्मिक एवं भावनात्मक रूप से तैयार करना है जिससे की एक विद्यार्थी अपने व्यक्तिगत विकास लक्ष्यों को सरलता से प्राप्त कर सकेंl विश्वविद्यालय की सभी संकाय के छात्र छात्राओं ने उत्साह पूर्वक भाग लियाl

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