GMCH में NAAC प्रत्यायन एवं मूल्यांकन पर हुआ फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम

GMCH में NAAC प्रत्यायन एवं मूल्यांकन पर हुआ फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम

"NAAC प्रत्यायन एवं मूल्यांकन में शिक्षको के प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका": प्रोफ. सर्राफ

 
NAAC

विगत सप्ताह गीतांजलि यूनिवर्सिटी में "स्वास्थय एवं जनरल यूनिवर्सिटीज का NAAC प्रत्यायन एवं मूल्यांकन" शीर्षक पर ऑनलाइन पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम के उद्घाटन उद्बोधन में रायपुर यूनिवर्सिटी के अधिष्ठाता, फार्मेसी कौंसिल ऑफ़ इंडिया के पूर्व उपाध्यक्ष एवं NAAC के सीनियर मूल्यांकनकर्ता प्रो. शैलेन्द्र सराफ ने शिक्षण संस्थानों के NAAC मूल्यांकन की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और कहा कि NAAC के नए फॉर्मेट में संस्थान की प्रणाली गुणवत्ता उत्थान में संस्थान के शिक्षकों की महती भूमिका होती है और उनका उचित प्रशिक्षण आवश्यक है। 

इस शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में NAAC मूल्यांकन के सभी बिन्दुओ पर विस्तार से चर्चा की गयी व ज़ोर दिया गया कि संसथान की शिक्षण गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों को स्वेच्छा से आगे आना चाहिए और नाक मूल्यांकन के लिए आवेदन करना चाहिये।  

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में देश क़े 1,043 विश्वविद्यालयों व 42,343 उच्च शिक्षण संस्थानों में से क्रमश मात्र 392 व 8,483 ही NAAC से मूल्यांकित व प्रत्यायित (एक्रेडिटेटेड) है। इसको देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने अपने क्वालिटी मैंडेट में सभी प्रकार क़े उच्च शिक्षण संस्थानों क़े लिए NAAC मूल्यांकन अनिवार्य कर दिया है।  इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में NAAC क़े मूल्यांकन कार्यविधि पर देश क़े जाने माने शिक्षाविदों ने अपने विचार व्यक्त किये।

कार्यक्रम क़े पहले दिन गीतांजलि यूनिवर्सिटी क़े फार्मेसी संकाय क़े डॉ महेंद्र सिंह राठौड़ ने NAAC मूल्यांकन पर सामान्य जानकारी पर अपना व्याख्यान दिया। इस पांच दिवसीय प्रोग्राम क़े दौरान महाराष्ट्र की डी वाई पाटिल यूनिवर्सिटी क़े प्रो संतोष भुजबल, मणिपाल यूनिवर्सिटी क़े डॉ श्रीधर पाई, महाराष्ट्र क़े विभिन्न कॉलेजो क़े विद्वानो डॉ हेमंत, डॉ पियूष पहाड़े, डॉ दीपक ननवारे क़े संग मध्यप्रदेश क़े डॉ रुपेश शुक्ल व डॉ दिनेश मिश्रा ने NAAC क़े सात क्राइटेरिया पर जानकारी दी व राजस्थान के डॉ चेतन सिंह, डॉ बी पी नागोरी , डॉ राजेश असीजा , डॉ धर्मेंद्र आहूजा , हरियाणा के डॉ विपिन सैनी व गुजरात के डॉ ऐस ऐस पंचोली ने कार्यक्रम के विभिन सत्रों में अध्यक्षता की । 

इस कार्यक्रम में देश की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओ की 210 फैकल्टी ने भाग लिया व प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन समारोह में NAAC द्वारा उच्चतम ग्रेड (A ++) से अलंकृत एम् एम् डीम्ड यूनिवर्सिटी, मुलाना, अम्बाला के वाईस चांसलर प्रोफेसर हरीश कुमार गुप्ता ने अपनी विशेषज्ञता व NAAC एक्रेडिटेटेशन के दौरान संसथान के अनुभव साझा किये। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन में गुरुग्राम की संसथान क्लीमेड रिसर्च सलूशन व महाराष्ट्र की आई क्यू ए सी क्लस्टर सह सहयोगी रहे। 

समापन समारोह में क्लीमेड के सी इ ओ डॉ अजित सिंह ने धन्यवाद् ज्ञापित किया। संस्थान के कुलपति डॉ ऍफ़ एस मेहता, रजिस्ट्रार व यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने गीतांजलि फार्मेसी के प्रिंसिपल डॉ महेंद्र सिंह राठौड़ व अन्य अध्यापको को बधाई प्रेषित की
            

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