नारीत्व संस्थान का स्तन कैंसर जागरूकता अभियान
अक्टुबर माह कैंसर माह के रूप में जाना जाता है। नारीत्व संस्थान ने पिछले 5 वर्षो से महिलाओं में स्तन व बच्चेदानी ग्रीवा का कैंसर के लिए जन-जागरण अभियान चलाया है। इसके तहत संस्थान ने गांव, ढाणियों से लेकर शहर के विभिन्न संस्थानों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनवाड़ी केन्द्रों में कैंसर जागरूकता शीविर लगाकर स्तन कैंसर जैसी घातक बिमारी का पहली स्टेज पर ही कैसे पता लगाये तथा कैसे कहां इलाज कराये व क्या-क्या सावधानियां रखी जाए के बारे में बताती है। महिला में रोग का पता चलने पर हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

अक्टुबर माह कैंसर माह के रूप में जाना जाता है। नारीत्व संस्थान ने पिछले 5 वर्षो से महिलाओं में स्तन व बच्चेदानी ग्रीवा का कैंसर के लिए जन-जागरण अभियान चलाया है। इसके तहत संस्थान ने गांव, ढाणियों से लेकर शहर के विभिन्न संस्थानों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनवाड़ी केन्द्रों में कैंसर जागरूकता शीविर लगाकर स्तन कैंसर जैसी घातक बिमारी का पहली स्टेज पर ही कैसे पता लगाये तथा कैसे कहां इलाज कराये व क्या-क्या सावधानियां रखी जाए के बारे में बताती है। महिला में रोग का पता चलने पर हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।
इसी कड़ी में नारीत्व संस्थान की ओर से आज शहर के भूपाल नोबल्स महाविद्यालय की स्नात्कोत्तर छात्राओं के साथ एक संगोष्ठी रखी हुई है जिसमें कुल 400 छात्राओं और फेकल्टीज ने भाग लिया। डाॅ. गरीमा मेहता (स्तन कैंसर रोग विशेषज्ञ) ने छात्राओं को बताया कैसे इस बिमारी का स्वयं स्तन परिक्षण कर पता लगाया जा सकता है और बचा जा सकता है। क्या-क्या सावधानियां रखनी चाहिए व किस उम्र की महिलाओं को मेमोग्राम करवाना चाहिए।
छात्राओं को श्रीमती प्रेमलता चौधरी जो कैंसर सर्वाइवर है ने भी संबोधित किया ओर कहा कि कैंसर का पता चलने पर घबराना नहीं चाहिए। सही इलाज व सकारात्मक सोच से इस बिमारी के साथ जंग लड़ कर जीत हासिल की जा सकती हेै।
वहां मौजूद डाॅ. प्रेमसिंह जी रवलोत, प्राचार्य एवं डाॅ. अपर्णा शर्मा, अधिष्ठाता, महाराणा भूपाल नोबल्स काॅलेज, उदयपुर ने कहा इस पहल से नयी पीढ़ी जागरूक होगी व अपने घर में सबको जागरूक करेगी।