केन्द्रीय जल आयोग ने बाँध सुरक्षा पर गिट्स ने किया दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

केन्द्रीय जल आयोग ने बाँध सुरक्षा पर गिट्स ने किया दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

गीतांजली इन्स्टिटियूट ऑफ़ टेक्नीकल स्टडीज, उदयपुर में केन्द्रीय जल आयोग दिल्ली एवं जल संसाधन विभाग उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में बाँध सुरक्षा एवं सुदृणीकरण पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।

 

केन्द्रीय जल आयोग ने बाँध सुरक्षा पर गिट्स ने किया दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

गीतांजली इन्स्टिटियूट ऑफ़ टेक्नीकल स्टडीज, उदयपुर में केन्द्रीय जल आयोग दिल्ली एवं जल संसाधन विभाग उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में बाँध सुरक्षा एवं सुदृणीकरण पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।

संस्थान के निदेशक डाॅ. विकास मिश्र ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि जल संसाधन विभाग उदयपुर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता भुवन भास्कर द्वारा किया गया। उद्घाटन के दौरान मुख्य अतिथि ने कहा कि सृष्टि के लिए जल कितना महत्वपूर्ण हैं यह बात किसी से छिपी हुई नही हैं। बाँध बहते जल को रोककर जलाशय बनाने में मदद करता हैं। यही जलाशय मानव जाति को विशाल पैमाने पर पेयजल, सिंचाई एवं ऊर्जा जैसी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु अविस्मरणीय सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। आज जब वर्षा का वितरण सही नहीं हैं कही सुखा तो कही बाढ का कहर हैं ऐसे समय में बाँध का योगदान मानव जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हो जाता हैं।

मुख्य अतिथि ने अपनी बात को आगे बढाते हुए कहा कि राजस्थान का सबसे बडा बाँध‘‘माही बाँध’’उदयपुर संभागीय क्षेत्र में ही आता हैं। जो कि आदिवासी अंचल की जीवनदायी परियोजना के नाम से प्रसिद्ध हैं। इस बाँध के देखरेख का ऑनलाइन मोनीटरिंग ‘‘डेम हेल्थ एण्ड रिहेबलीटेशन मोनीटरिंग एप्लीकेशन (धर्मा)’’ साॅफ्टवेयर के माध्यम से किया जायेगा। इस कार्यशाला में भाग लेने वाले गिट्स सिविल इंजिनियरिंग के विद्यार्थियों को धर्मा साॅफ्टवेयर सिखाया जायेगा क्योंकि आज के विद्यार्थी आने वाले कल के भावी इंजीनियर हैं।

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सिविल इंजिनियर के विभागाध्यक्ष डाॅ. मनीष वर्मा के अनुसार बाँध के तकनीकी डाटा के संकलन हेतु धर्मा साॅफ्टवेयर का प्रयोग किया जायेगा । इसके अतिरिक्त अधिशासी अभियंता श्री विनीत शर्मा एवं वी.पी. जोशी ने जल अपवर्तन पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होनें कहा कि साबरमती के बेसिन का पानी जल अपवर्तन के माध्यम से उदयपुर की लाइफ लाइन कही जाने वाली फतेहसागर व पिछोला झील में लाने के लिए प्रयासरत हैं। इस कार्यशाला में सी डब्ल्यू सी के अधिकारी प्रशान्त कुमार मजुमदार, शरद कौशल व नरेन्द्र मीणा प्रशिक्षण देंगे। इस कार्यक्रम में उदयपुर एवं जोधपुर संभाग के 30 जलाधिकारियों एवं वरिष्ठ अभियंताओं सहित पूरा गीतांजली परिवार उपस्थित था।

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