बच्चो ने उकेरा ‘उदयपुर अपना-मेरा सपना’


बच्चो ने उकेरा ‘उदयपुर अपना-मेरा सपना’

जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान ‘जार’ की पहल
 
बच्चो ने उकेरा ‘उदयपुर अपना-मेरा सपना’
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उदयपुर अपना-मेरा सपना’, इस विषय को लेकर जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान ‘जार’ की उदयपुर इकाई के तत्वावधान में नई पीढ़ी के विजन को जानने और शहर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में नन्हें चितेरों ने कूंची से अपने सपनों के शहर की भावनाओं को उकेरा।

‘उदयपुर अपना-मेरा सपना’, इस विषय को लेकर जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान ‘जार’ की उदयपुर इकाई के तत्वावधान में नई पीढ़ी के विजन को जानने और शहर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में नन्हें चितेरों ने कूंची से अपने सपनों के शहर की भावनाओं को उकेरा।

जार उदयपुर के जिलाध्यक्ष नानालाल आचार्य ने बताया कि अम्बामाता स्थित एमडी एकेडमी में विजन-2020 को लेकर ‘उदयपुर अपना-मेरा सपना’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नई पीढ़ी की भावनाओं को जानने के लिए सामाजिक सरोकार और शहर विकास के विजन के मद्देनजर यह प्रतियोगिता रखी गई। 

जार पत्रकारों का संगठन है और पत्रकारों को नई पीढ़ी की भावनाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए कि आखिर बच्चे अपने आने वाले भविष्य के बारे में क्या सोचते हैं। आचार्य ने बताया कि इसी विजन को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी आयोजन किए जाएंगे ताकि आज की पीढ़ी न केवल अपने क्षेत्र के प्रति जागरूक हो सके, बल्कि बड़े होकर भी उनके मन में इस सपने को साकार करने की ललक बनी रहे।

विद्यालय के निदेशक सतीश शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि एक चित्र हजार शब्द के बराबर होता है। रंगों के माध्यम से बच्चा अपनी कल्पना को साकार करने की कोशिश करता है। इससे न केवल बच्चों की प्रतिभा की पहचान होती है, बल्कि उनकी भावनाओं को समझ कर निकटवर्ती भविष्य की योजना बनाई जा सकती है, भले ही वह शहर के विकास की हो या बच्चे के स्वयं के विकास की। शिक्षक उसकी नन्हीं कूंची की भावनाओं से बच्चे का व्यवहार भी समझ सकते हैं और उसी अनुरूप उसके व्यक्तित्व को निखार सकते हैं। उन्होंने कहा कि शहर के प्रति अपने नजरिये के उद्देश्य से आयोजित यह चित्रकला प्रतियोगिता बच्चों को बड़े होने तक शहर के विकास के प्रति संकल्पित बनाए रखेगी।

प्रतियोगिता में चौथी कक्षा से दसवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। ज्यादातर बच्चों का सपना साफ-सुंदर झीलें, स्वच्छ-सपाट सडक़ और हेरिटेज के महत्व के इर्द-गिर्द रहा। प्रतियोगिता में हर्षनंदिनी कुंवर चुण्डावत, हर्षवर्धन सिंह चुण्डावत, कशिश सोनी, खुशी बंसल, कोमल पालीवाल, मानसी नकवाल, रंजीत सिंह, तनिषा चौधरी, तनिष्का स्वर्णकार आदि बच्चों के चित्र सराहनीय रहे। अंत में निदेशक कपिल शर्मा व प्रधानाध्यापिका बेनू शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

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