GMCH में लैब टेक्नीशियंस के लिए कोरोना सैंपल को एकत्रित करने की ट्रेनिंग

कार्यशाला का हुआ आयोजन
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गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, उदयपुर 13 वर्षों से सतत् रूप से विश्वस्तरीय सुविधाएँ देता आया है। आज कोरोना महामारी के दौरान गीतांजली हॉस्पिटल में सभी कोरोना प्रोटोकॉल्स का पालन करते हुए मेडिकल लैब टेक्नीशियन के लिए कोरोना सैंपल को एकत्रित करके किस तरह से आर.टी.पी.सी.आर (Real time polymerase chain reaction) में भेजा जाता है की ट्रेनिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया| इसके अंतर्गत राजस्थान के उदयपुर ही नहीं बल्कि चित्तोडगढ, कांकरोली, बांसवाडा, राजसमंद, इत्यादि जगहों से 50 मेडिकल लैब टेक्नीशियंस ने भाग लिया।   

कार्यक्रम का प्रारंभ जीएमसीएच के सीईओ प्रतीम तम्बोली, माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. ए.एस. दलाल, मेडिकल सुप्रिटेनडेंट डॉ. नरेन्द्र मोगरा, जीएम मेडिकल सर्विसेस डॉ. तरुण व्यास, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उपासना भूम्बला द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। 

जीएमसीएच सीईओ, डॉ. ए.एस. दलाल व डॉ. नरेन्द्र मोगरा द्वारा कोरोना सैंपल को लेते समय सही तरीके व सावधानियों पर प्रकाश डाला गया| इस मौके पर सम्पूर्ण माइक्रोबायोलॉजी विभाग उपस्तिथ था। डॉ. अक्षत ने पीपीई किट व सैंपल कलेक्शन पर अपना व्याखान प्रस्तुत किया। 

इसके पश्चात डॉ उपासना भूम्बला द्वारा सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए आये हुए सभी टेक्नीशियंस को समूहों में विभाजित करके गीतांजली हॉस्पिटल के सैंपल कलेक्शन एरिया में ट्रेनिंग दी गयी जहाँ रोगी के सैंपल को एकत्रित करने से लेकर वायरोलोजी लैब तक उसे ध्यानपूर्वक कैसे पहुचाया जाता है। जिसके अंतर्गत मुख्य बिंदु थे:

  • कोरोना के सैंपल को लेने के सम्पूर्ण तरीके व महत्व। 
  • सैंपल को लेते समय हैंड हाइजीन के लिए हाथों को कब कहाँ व कितनी बार सेनेटाइज़ करना है व इसका क्या महत्व है। 
  • कोरोना सैंपल लेते समय उपयोग में आने वाले सामान व पीपीई किट को 2018 की बी.एम.डब्ल्यू (बायो मेडिकल वेस्ट) के मानकों के अनुसार कैसे अलग किया जाता है। 

इस तरह सम्पूर्ण ट्रेनिंग होने के पश्चात वर्कशॉप का समापन किया गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस तरह की वर्कशॉप पहली बार दक्षिणी राजस्थान के प्राइवेट कॉलेज में आयोजित की गयी है। 

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