फोर्टिस जेके हाॅस्पिटल में डायबिटीज फुट क्लिनिक की शुरूआत

डायबिटीक फुट वह अवस्था जिसमें घाव के साथ संवेदी तंत्रिकाएं त्वचा से तापमान, दर्द, कंपन या स्पर्श जैसी सुचनाएं भेजना बन्द कर देती है। घाव के स्थान व आस पास की तंत्रिकाएं मृृतप्राय हो जाती है, जब यह घाव नहीं भरें, संवेदी तंत्रिकाएं सुचनाएं देना बंद कर दे वह पैर न्यूरोपैथी फुट हो जाता है, अन्दर ही अन्दर बढ़कर विकराल रूप ले लेता है, जो जीवनभर बनी रहने वाली अवस्था में आ जाता है। गंभीर मामलों में सर्जरी कर पैर अलग कर दिया जाता है। इसके उपरान्त आर्थोसिस फुट सपोर्ट की जरूरत होती है। उचित देखभाल एवं उपचार द्वारा इससे बचाव सम्भव है।

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फोर्टिस जेके हाॅस्पिटल में डायबिटीज फुट क्लिनिक की शुरूआत

डायबिटीज जीवनशैली रोगों में प्रमुख है। भारत डायबिटीज का गढ़ बनता जा रहा है और दस में से सात व्यक्ति डायबिटीज से जुड़ी बीमारियों से गृसित होते जा रहे है। समय पर सही उपचार एवं दिनचर्या में बदलाव लाकर डायबिटीज पर काबू पाया जा सकता है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में इसका उपचार एवं रख-रखाव के कई वैकल्पिक साधन उपलब्ध है। आज हम डायबिटीज फुट की बात कर रहे है जिससे डायबिटीज फुट क्लिनिक मुधमेह की देखरेख में मदद करता है साथ ही मधुमेह व्यक्ति के जीवन यापन को आसान बनाता है।

इसके प्रारम्भिक लक्षणों में घाव, कट लगना या चोट के कारण लम्बे समय ठीक नही होना है। डायबिटीज की अवस्था में यह घाव जब पैर के तलवे में हो जाता है, जो लम्बे समय तक नहीं भरता साथ ही घाव अल्सर और संक्रमण होने से अधिक प्रभावी होकर गहराई तक फैलता जाता रहता है।

डायबिटीक फुट वह अवस्था जिसमें घाव के साथ संवेदी तंत्रिकाएं त्वचा से तापमान, दर्द, कंपन या स्पर्श जैसी सुचनाएं भेजना बन्द कर देती है। घाव के स्थान व आस पास की तंत्रिकाएं मृृतप्राय हो जाती है, जब यह घाव नहीं भरें, संवेदी तंत्रिकाएं सुचनाएं देना बंद कर दे वह पैर न्यूरोपैथी फुट हो जाता है, अन्दर ही अन्दर बढ़कर विकराल रूप ले लेता है, जो जीवनभर बनी रहने वाली अवस्था में आ जाता है। गंभीर मामलों में सर्जरी कर पैर अलग कर दिया जाता है। इसके उपरान्त आर्थोसिस फुट सपोर्ट की जरूरत होती है। उचित देखभाल एवं उपचार द्वारा इससे बचाव सम्भव है।

डायबिटीक फुट ऐसे रोगियों के लिए वरदान है जोे लम्बे समय से मधुमेह से पीड़ित हैै। डायबिटीक फुट संक्रमण, घाव को आगें बढने से रोकता है, साथ ही दैनिक कार्य कलाप में भी मदद करता है एवं जीवन को आसान बनाता है। चलने फिरने में सुविधाजनक होने के साथ ही ईलाज व दवाईयों में सहयोग करता है।

उपलब्ध सुविधाएं-डायबिटीक फुट क्लिनिक, डायबिटीक फुट, डायबिटीक न्यूरोपैथी सपोर्ट, डायबिटीक आर्थोसिस सपोर्ट।

फोर्टिस जेके हाॅस्पिटल के हार्मोन एवं मधुमेह रोग विशेषज्ञ डाॅ. जय चोरडिया ने बताया कि डायबिटीज की देखभाल आपसे बेहतर कोई और नहीं कर सकता। डायबिटिज संबंधी हर छोटी जानकारी आपके उपचार योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वास्तव में डायबिटीज संबंधी जानकारी का मतलब हैं डायबिटीज के साथ किस तरह एक स्वस्थ और सामान्य जीवन जीयें।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आकड़ो के मुताबिक डायबिटिज एशिया की सबसे बडी समस्या के रूप में सामने आयी है। एशियाई सबसे ज्यादा मधुमेह के शिकार बनते जा रहे है। अन्तर्राष्ट्रीय मधुमेह फडरेशन के अनुसार भारत में इस समय 6.5 करोड़ लोग मधुमेह की समस्या से ग्रसित है। और लगभग 7.7 करोड लोगो मे प्री डायबिटिक की आशंका दिखाई दे रही हैं इसमें 40 साल से कम उम्र के लगभग 15 प्रतिशत 1.5 करोड लोग मधुमेह की समस्या से ग्रस्त है।

मधुमेह की समस्या से पार पाने के लिए उचित और दृढ़ संकल्प होना जरूरी हैं। इसके अलावा रक्त ग्लुकोज कि नियमित जांच के साथ-साथ उचित देखभाल भी मधुमेह की समस्या से निबटने का एक महत्वपुर्ण साधन हैं। ऐसा पाया गया हैं कि मधुमेह के साथ साथ अन्य बिमारियां जैसे मोटापा, डिप्रेशन, हाई ब्लड पे्रशर, सुनने की समस्या, आॅर्थोपेडिक जटिलताएं और दय संबन्धित रोगों का शिकार हो जाते है।

फोर्टिस जेके हाॅस्पिटल में डायबिटीज व हार्मोन रोगों की उचित देखभाल व चिकित्सा के लिए नवीनतम तकनीक पर आधारित उपचार की सुविधाएं प्रदान करता है। डायबिटीज देखभाल के लिए अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सक, आहार विशेषज्ञ, डायबिटीज फुट क्लिनिक की सुविधा उपलब्ध है।

इस अवसर पर डायबिटीज फुट क्लिनिक के डायरेक्टर ने प्रेस वार्ता में फोर्टिस जेके हाॅस्पिटल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया, प्रेस वार्ता में फोर्टिस जेके हाॅस्पिटल के सीनियर कंसल्टेन्ट डाॅ. जय चोरडिया, डाॅ. संदीप भटनागर डायबिटीक न्युरोपैथी पर डाॅ. मनीष कुलश्रेष्ठ व आर्थोपेडिक सर्जन डाॅ. आशिष सिंघल ने आर्थोसिस सपोर्ट पर पत्रकारों के सवालो के जवाब दियें।

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