उदयपुर – सीसारमा मे डिजिटल वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन
राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक द्वारा सीसारमा गांव में सीता माता मंदिर प्रांगण में 70 स्वयं सहायता समूहों के लिए डिजिटल वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। बैंक के सीसारमा शाखा प्रमुख दिलीप सांखला ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित इस शिविर में 350 से अधिक महिलाओं ने […]
राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक द्वारा सीसारमा गांव में सीता माता मंदिर प्रांगण में 70 स्वयं सहायता समूहों के लिए डिजिटल वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। बैंक के सीसारमा शाखा प्रमुख दिलीप सांखला ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित इस शिविर में 350 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया जो कि 70 विभिन्न स्वयं सहायता समूह के माध्यम से मरुधरा ग्रामीण बैंक की शाखा से जुड़ी हुई है उन्होंने बताया कि प्रत्येक समूह में 10 से 15 महिला सदस्य हैं और इस प्रकार के 70 बैंक खाते सीसारमा में खोले गए हैं।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय प्रबंधक मरुधरा ग्रामीण बैंक कमल सक्सेना ने ग्रामीण महिलाओं को अपना जीवन स्तर ऊपर उठाने मे स्वयं सहायता समूह की भूमिका पर प्रकाश डाला एवं ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल वित्तीय साक्षरता के लिए शिक्षित बनने, आधुनिक संसाधनों जैसे मोबाइल के बैंकिंग उपयोग सीखने, जनधन खाता खुलवाने में लघु व कुटीर उद्योगों से अर्जित आय को नियोजित रूप से निवेश करने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर उपस्थित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय प्रोफेसर उमाशंकर शर्मा, कुलपति महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर ने उपस्थित स्वयं सहायता समूह की सदस्य महिलाओं को प्रेरणा देते हुए बताया कि कृषि विश्वविद्यालय, मरुधरा ग्रामीण बैंक, स्वयंसेवी संस्थाओं व ग्राम पंचायत के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर ग्रामीण महिलाएं अपने कौशल विकास के जरिए अपना ही नहीं अपने परिवार और ग्राम के साथ ही महिला समुदाय के विकास में योगदान कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने की कार्य योजना बनाई है उसमें अनेक कृषि आधारित उद्योगों से स्वरोजगार को बढ़ाकर अतिरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इसके लिए कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी, मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, मत्स्य बीज पालन खाद्य प्रसंस्करण, वर्मी कंपोस्ट, जैविक खेती, देसी गाय के दूध उत्पादन इत्यादि अनेक कार्यों से लघु स्तर पर आय प्राप्त की जा सकती है।
इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को बैंक के प्रशिक्षण केंद्र के प्रिंसिपल मिश्रा जी, उदयपुर प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी चंद्र सिंह चौहान, मोतीलाल जी, सरपंच सीसारमा, डॉ. सुबोध शर्मा, अधिष्ठाता मात्स्यकी महाविद्यालय, उदयपुर, अशोक पुरोहित, पन्नालाल जी नागदा इत्यादि ने संबोधित किया इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन बैंक अधिकारी कोमल ने किया एवं बैंक अधिकारियों के साथ ही बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह के सदस्य और ग्रामीण इस कार्यक्रम में उपस्थित थे

