गीतांजली फार्मेसी के वार्षिक समारोह ‘सांझ’ का आयोजन

गीतांजली फार्मेसी के वार्षिक समारोह ‘सांझ’ का आयोजन

गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ़ फार्मेसी, गीतांजली यूनिवर्सिटी, उदयपुर के वार्षिक समारोह ‘सांझ 2019’ का आयोजन गीतांजली सभागार में हुआ। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनिल दीक्षित (उपाध्यक्ष, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल लिमिटेड, गोवा) एवं विशिष्ट अतिथि कार्यकारी निदेशक गीतांजली ग्रुप अंकित अग्रवाल, नरेश शुक्ला (सीनियर प्रोडक्शन मैनेजर सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, देवास), वाईस चांसलर गीतांजली यूनिवर्सिटी डाॅ आर के नाहर, रजिस्टार गीतांजली यूनिवर्सिटी भुपेंद्र मंडलिया, डीन गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ़ फार्मेसी डाॅ अशोक दशोरा एवं सीईओ गीतांजली मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल प्रतीम तम्बोली द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रजवल्लन से हुआ।

 

गीतांजली फार्मेसी के वार्षिक समारोह ‘सांझ’ का आयोजन

गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ़ फार्मेसी, गीतांजली यूनिवर्सिटी, उदयपुर के वार्षिक समारोह ‘सांझ 2019’ का आयोजन गीतांजली सभागार में हुआ। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनिल दीक्षित (उपाध्यक्ष, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल लिमिटेड, गोवा) एवं विशिष्ट अतिथि कार्यकारी निदेशक गीतांजली ग्रुप अंकित अग्रवाल, नरेश शुक्ला (सीनियर प्रोडक्शन मैनेजर सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, देवास), वाईस चांसलर गीतांजली यूनिवर्सिटी डाॅ आर के नाहर, रजिस्टार गीतांजली यूनिवर्सिटी भुपेंद्र मंडलिया, डीन गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ़ फार्मेसी डाॅ अशोक दशोरा एवं सीईओ गीतांजली मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल प्रतीम तम्बोली द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रजवल्लन से हुआ।

इस अवसर पर डाॅ सी पी जैन (डीन, डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मेसी, एम एल एस यू, उदयपुर ), डाॅ आई जे सिंघवी (डीन, फैकल्टी ऑफ़ फार्मेसी, पेसेफिक यूनिवर्सिटी, उदयपुर), डाॅ एम एस राणावत (डीन, फैकल्टी ऑफ़ फार्मेसी, बीएन यूनिवर्सिटी, उदयपुर), डाॅ वाई एस सारंगदेवोत (प्रिंसिपल बी एन काॅलेज ऑफ़ फार्मेसी, उदयपुर) एवं आलोक भार्गव (कार्यकारी समिति सदस्य, पी सी आई, नई दिल्ली) आदि उपस्थिति थे।

कार्यक्रम की शुरुआत में डाॅ अशोक दशोरा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने आगामी समय में मूल्यों के प्रति अपने मिशन के बारे में बात की और गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ़ फार्मेसी के अब तक के सफर को प्रेंजेटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने कौशल, क्षमता तथा ज्ञान को अद्यतन करने के लिए सतत शिक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने हेल्थकेयर सिस्टम में फार्मासिस्ट की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी। आमजन फार्मासिस्ट के ज्ञान, कौशल और निर्णय पर बहुत भरोसा करते है इसलिए फार्मासिस्ट को पेशेवर आचरण, अप-टू-डेट ज्ञान और क्षमता के उच्च मानकों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता होती है। चूंकि भारत में फार्मास्युटिकल क्षेत्र में जबरदस्त वृद्धि देखी जा रही है इसलिए गुणवत्ता और प्रभावशाली मुद्दों को संबोधित करने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि साल 2018 में गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ़ फार्मेसी को फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया की तरफ से पोस्ट बीसी की 10 सीटें एलौट की गई है। उदयपुर व आस-पास के क्षेत्र में इस कोर्स की परमिशन प्राप्त करने वाला यह एकमात्र इंस्टीट्यूट है।

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उन्होंने यह भी बताया कि इस साल गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ़ फार्मेसी के बी.फार्मा. के चार विद्यार्थी प्रमोद सुथार, घनश्याम तेली, रतन देवासी व हितेश भारद्वाज ने जीपेट में क्वेलीफाई किया है जिससे उन्हें एम.फार्मा करने के लिए हर महीने 12000 रू की स्कोलरशिप प्रदान की जाएगी जो काॅलेज के लिए गर्व की बात है।

मुख्य अतिथि अमित दीक्षित ने अपने वकतव्य में उद्योग संस्थान के सहयोग के महत्वपर बल दिया। उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल संस्थानों और उद्योग के बीच बेहतर बातचीत की जरुरत है। इससे फार्मेसी कोर्सेज में छात्रों को औद्योगिक वातावरण का अनुभव मिलेगा जिससे देशभर में युवा स्नातक फार्मासिस्ट के प्लेसमेंट पर अच्छा प्रभावपड़ेगा। उन्होंने दवा उद्योग में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त करने के बारे में भी छात्रों को निर्देशित किया।

नरेश शुक्ला ने उद्योग संस्थानों पर बातचीत करते हुए कहा कि वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था के उदय में रणनीतिक साझेदारी की आवश्यकता को तेज करती है। संस्थान बुनियादी ज्ञान और कौशल प्रदान कर रहे है, लेकिन उद्योग -संस्थान इंटरैक्शन उद्योग के लिए प्रासंगिक कर्मचारियों और छात्रों द्वारा अनुसंधान करने में सक्षम होगा। विभिन्न कौशलों को विकसित कर, फार्मेसी के क्षेत्र में विश्वस्तर की जनशक्ति तैयार करने के लिए उद्योग-संस्थान सहभागिता को लंबी अवधि तक चलाने के लिए डिज़ाइन किया जाना चाहिए जिससे बड़े स्तर पर आर्थिक और सामाजिक विकास में योगदान हो।

तत्पश्चात् गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ़ फार्मेसी के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई जिनमें तनुजा चोहान व उदित्य सिंह ने सोलो डांस प्रस्तुत किया। जया रेगर व पूजा राव एवं आर्फा खान व रिद्धि पांचाल ने ड्यूट डांस प्रस्तुति दी। आयुषी एंड ग्रुप, सुशील एंड ग्रुप एवं भूमिका एंड ग्रुप ने अद्भुत नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। तनुजा चौहान व किन्नी एंड ग्रुप ने संगीत प्रस्तुत कर माहौल को संगीतमयी कर दिया। विमला एंड ग्रुप व फुरकान एंड ग्रुप ने नाटकीय प्रस्तुति दी। इसके पश्चात् रेम्प वाॅक का पहला (पारंपरिक), दूसरा (पश्चिमी) एवं तीसरा राउंड सम्पन्न हुआ जिसके परिणाम स्वरूप आर्यन झा मिस्टर व चेतना शर्मा मिस जीआईपी घोषित किए गए। इस अवसर पर दस वर्षों से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे भेरू जी, लोकेश, बाबूलाल एवं नानालाल का भी सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। और वही विजेताओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। डाॅ उदिचि कटारिया ने धन्यवाद पारित किया।

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