एमपीयूएटी मे  मेवाड़-ऋतु नाम से  मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च  की

इस ऐप में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, भारत सरकार द्वारा जारी कि गई 5 दिनों की मौसम भविष्यवाणी उपलब्ध रहेगी।

 | 
यह सेवा एमपीयूएटी के अधिकार क्षेत्र के तहत दक्षिणी राजस्थान के 7 जिले (उदयपुर, राजसमन्द, प्रतापगढ़, चितौडगढ़, भीलवाड़ा, डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा) के लिए उपलब्ध होगी।

उदयपुर 19 दिसंबर 2020 । महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलपति डाॅ. नरेन्द्र सिंह राठौड़ द्वारा मेवाड़-ऋतु नाम से आज शनिवार को एक मोबाइल एप्लिकेशन को लॉन्च करते हुए कहा की डिजिटल टेक्नोलाॅजी के युग में मोबाईल ऐप का विशेष महत्व है। खासतौर पर कृषि के क्षेत्र में मोबाईल ऐप किसानों के लिए विशेष महत्व का है। 

किसानों को अगर मौसम की जानकारी तथा कृषि क्रियाओं की सलाह घर बैठे मिल जाए तो किसान मौसम के अनुसार सही समय पर कृषि कार्य कर समय की बचत एवं विपरित मौासम के नुकसान को कम कर सकते है। देश में करीब 750 मोबाईल ऐप रिस्क कम करने के लिए कार्य कर रहे है। देश में मौसम सम्बन्धित जानकारी एवं मौसम आधारित कृषि सलाह द्वारा 10 से 30 प्रतिशत तक कृषि आय में हानि रोकी जा सकती है। 

अनुसन्धान निदेशक डाॅ. एस. के. शर्मा ने बताया कि इस ऐप में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, भारत सरकार द्वारा जारी कि गई 5 दिनों की मौसम भविष्यवाणी उपलब्ध रहेगी। अखिल भारतीय समन्वित परियोजना कृषि मौसम के डाॅ. नारायण सिंह सोलंकी ने इस ऐप के बारे में बताया कि यह ऐप हिंदी भाषा में किसानों को फसल और पशुधन विशिष्ट मौसम आधारित कृषि परामर्श प्रदान करेगा। 

यह सेवा एमपीयूएटी के अधिकार क्षेत्र के तहत दक्षिणी राजस्थान के 7 जिले (उदयपुर, राजसमन्द, प्रतापगढ़, चितौडगढ़, भीलवाड़ा, डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा) के लिए उपलब्ध होगी। ऐप में तापमान की वर्षा, आर्द्रता और हवा की गति और हवा की दिशा से संबंधित 5 दिन का पूर्वानुमान प्रदान किया जाएगा, जो किसानों को उनकी फसलों और पशुधन की देखभाल करने के लिए कृषि कार्यों और कृषि सलाह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हर मंगलवार और शुक्रवार को सप्ताह में दो बार ऐप की जानकारी अपडेट की जाएगी। इस ऐप को अखिल भारतीय समन्वित परियोजना कृषि मौसम के डाॅ. नारायण सिंह सोलंकी एवं निकिता जैन द्वारा विकसित किया गया है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव, वित्तनियत्रक, अनुसन्धान निदेशक डाॅ़ एस. के. शर्मा, डाॅ. एस. एल. मुन्दड़ा, निदेशक प्रसार, डाॅ. अरूणाभ जोशी, अधिष्ठाता राजस्थान कृषि महाविद्यालय, डाॅ. अजय शर्मा, अधिष्ठाता, सीटीएई, डाॅ. सीताराम भाखर, डाॅ. सुधीर जैन एवं डाॅ. विरेन्द्र नेपालीया व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News