“सर्फ टू स्नो“ अभियान पर निकले नौसेना के अधिकारी
युवाओं को भारतीय नौसेना की कार्यप्रणाली से रूबरू कराने और उन्हें नौसेना की सेवा के प्रति आकर्षित करने हेतु विशेष अभियान “सर्फ टू स्नो“ पर निकले भारतीय नौसेना के अधिकारियों का दल शनिवार को उदयपुर पहुंचा। युवाओं से किया संवाद
युवाओं को भारतीय नौसेना की कार्यप्रणाली से रूबरू कराने और उन्हें नौसेना की सेवा के प्रति आकर्षित करने हेतु विशेष अभियान “सर्फ टू स्नो“ पर निकले भारतीय नौसेना के अधिकारियों का दल शनिवार को उदयपुर पहुंचा।
दल ने कलेक्ट्रेट में जिला कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक से भेंट की। मल्लिक ने उन्हें जिले की भौगोलिक, सांख्यिकीय और आर्थिक स्थिति के बारे में अवगत कराया। जिले के प्रशासनिक ढांचे के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। 26 सदस्यीय दल के लीडर कमोडोर भूपेश तातेड़ ने दल के उद्देश्यों के बारे में जिला कलक्टर को अवगत कराया और कहा कि मुंबई से निकला यह दल बड़ौदा, उदयपुर, जयपुर, दिल्ली होते हुए लेह-लद्दाख पहुंचेगा। 30 दिन की यात्रा में जगह-जगह पर युवाओं से संवाद स्थापित कर उन्हें भारतीय नौसेना के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी और नौसेना की सेवा के प्रति युवाओं में आकर्षण पैदा करने का कार्य किया जाएगा। यह यात्रा देश के करीब 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से होते हुए पुणे मुंबई पर समाप्त होगी। कलेक्ट्रेट में हुई इस बहस के दौरान अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक शहर हर्ष रतनू भी उपस्थित रहे।
युवाओं से किया संवाद
जिला कलक्टर के साथ यह दल गीतांजलि इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीस पहुंचा और वहां युवाओं से संवाद किया। कमोडोर तातेड़ ने युवाओं को नौसेना की कार्यप्रणाली पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म दिखाई। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नौसेना की सेवा एक कैरियर नहीं बल्कि एक जीवन है । इसमें युवाओं के लिए विभिन्न प्रकार के अवसर हैं और युवाओं को चाहिए कि वे नौसेना में अपना भविष्य तलाशें। देश की सेवा के साथ ही एक श्रेष्ठ जीवन जीने का अवसर प्राप्त करें लड़कियों के लिए भी नौसेना में पर्याप्त अवसर हैं और वे इन अवसरों का लाभ उठाएं। इस अवसर पर तातेड़ के साथ आए अधिकारियों ने नौसेना की भर्ती प्रक्रिया एवं उसके विभिन्न विभागों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला कलक्टर ने भी युवाओं को उनके बेहतर भविष्य शुभकामनाएं देते हुए पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई करने का आह्वान किया।
युवाओं ने दिखाई जिज्ञासा
युवाओं ने भी इस अवसर पर अपनी जिज्ञासा प्रकट करते हुए नौसेना एवं सशस्त्र सेना से जुड़े कई सवाल किए। पनडुब्बी इंजीनियर कैसे बन सकते हैं, क्या शारीरिक योग्यता के साथ-साथ शैक्षणिक योग्यता भी आवश्यक है, लड़कियों के लिए नौसेना में क्या अवसर हैं, एयरफोर्स के पायलट और नेवी के पायलट में क्या फर्क है, जैसे कई सवालों के माध्यम से युवाओं ने अपनी जिज्ञासा रखी और नौसेना के अधिकारियों ने उनके संतोषजनक उत्तर दिए।
लोक अदालत शिविर का किया अवलोकन
नौसेना के इस दल ने जिला कलक्टर के साथ मावली के बड़गांव में चल रहे राजस्व लोक अदालत शिविर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को भारत के सशस्त्र बलों के बारे में जानकारी दी एवं वहां उपस्थित युवाओं से आह्वान किया कि वे सशस्त्र सेना में भर्ती हो और अपने भविष्य का बेहतर निर्माण करें। उन्होंने लोक अदालतों के माध्यम से मामलों के निस्तारण एवं विशेषकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन द्वारा शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि यह आम लोगों के लिए बहुत ही फायदेमंद है।
