ई-मित्रधारको के लिये एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
आचार्य टेक्नोलोजीस की ओर से सोमवार को ई मित्रों के लिए 100 फीट रोड स्थित अशोका ग्रीन पैलेस में स्थाई रोजगार बेहत आय के आधार को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन रखा गया। इस प्रशिक्षण में सम्भाग भर से करीब 500 से ज्यादा प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया और ई-मित्र के बारे में कई तरह की जानकारियां हासिल की। सम्भाग में वर्तमान में 1800 से ज्यादा ई- मित्र कार्य कर रहे हैं।

आचार्य टेक्नोलोजीस की ओर से सोमवार को ई मित्रों के लिए 100 फीट रोड स्थित अशोका ग्रीन पैलेस में स्थाई रोजगार बेहत आय के आधार को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन रखा गया। इस प्रशिक्षण में सम्भाग भर से करीब 500 से ज्यादा प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया और ई-मित्र के बारे में कई तरह की जानकारियां हासिल की। सम्भाग में वर्तमान में 1800 से ज्यादा ई- मित्र कार्य कर रहे हैं।
आचार्य टेक्नोलोजी के मार्केटिंग हेड रूपसिंह सिसोदिया ने बताया कि केन्द्र सरकार की जनहित की ऐसी कई योजनाएं हैं जिनमें से कई तरह की योजनाओं की जानकारी पूरी तरह से न तो आम जनता को है और न ही ई-मित्र संचालकों को है। इसके अभाव में न तो जनता इन योजनाओं को पूरी तरह से लाभ उठा पा रही है और न ही ई-मित्र संचालक वो उन योजनाओं का काम करके अपनी आय बढ़ा पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में उन तमाम याजनाओं की जानकारी एवं ई-मित्र संचालकों की इन योजनाओं से कैसे आय बढ़े के इसके तरीके बताये गये। ई-मित्र संचालकों को बताया गया कि आचार्य टेक्नोलोजीस 24 घंटे ई-मित्र संचालकों की समस्याओं को दूर करने का काम करती है। कोई भी समस्या हो आॅन लाईन आप शिकायत दर्ज कराओ और हाथों-हाथ समाधान पाओ। इस प्रशिक्षण में कई कम्पनियों ने सहयोग दिया है।
उन्होंने बताया कि ई- मित्र गांव हो या शहर कहीं भी संचालित किये जा सकते हैं। ई मित्र पर बैंक मित्र बना सकते हैं जिसमें लोगों के आॅन लाईन खाते खोलना, एफडी करना, मनरेगा का कार्य, एटीएम सेवा, कैश डिपेजिट एवं अन्य बैंकिंगसेवाएं करके स्थाई रोजगार प्राप्त कर अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। ऐसा करने के लिए आप लोगों को जागरूक भी कर सकते हैं। इसके साथ ही आरएससीआईअी के माध्यम से नये ज्ञान केन्द्र स्थापित किये जा सकते हैं। इसके लिए कुशल प्रशिक्षक, आधुनिक कम्प्यूटर लैब, प्रशिक्षण हेतु कुछ जरूरी कम्प्यूटर उपकरणों की ही आवश्यकता होती है। ई- मित्र संचालक फास्टेग का कार्य भी कर सकते हैं।
उन्होेंने बताया कि इसे प्राप्त करने के लिए आपके गाड़ी की आरसी, आधार कार्ड ओर मोबाईल नम्बर देकर यह प्राप्त किया जा सकता है। एडले के तहत ई कियोस्क भी खोले जा सकते हैं। इसके लिए मात्र 10वीं पास की योग्यता, कम्प्यूटर और इन्टरनेट का सामान्य ज्ञान होना चाहिये साथ ही आधार कार्ड भी होना जरूरी है। अगर यह है कि तो आपको सरकार इसे संचालित करने की अनुमति प्रदान कर सकती है। इनके अलावा ई मित्र पर एक कार्य और होता है जिसे एडले कहा जाता है। इसके तहत आॅन लाईन बैंक से लेन-देन और मोबाईल रिचार्ज, पेन कार्ड, रेल टिकिट, बस टिकिट आदि की भी बुकिंग आॅन लाईन कर सकते हैं। सरकार में आवश्यक दस्तावेज जमा करवा कर आधार के लिए मशीन रजिस्टर्ड करवानी होगी।
उन्होंने कहा कि ई- मित्र में रोजगार की कोई कमी नहीं है। लेकिन जानकारी के अभाव में ऐसे काम हो नहीं पाते हैं। इसलिए ई-मित्र वालों के पास काम की कमी के साथ ही आय भी नहीं हो पाती है। इस प्रशिक्षण से रोजगार और आय की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकेगा।
