बौद्धिक सम्पदा अधिकार पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन


बौद्धिक सम्पदा अधिकार पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन
 

अपने व्यावसायिक हितों की रक्षा हेतु जागरूक होना जरूरी: श्री रमेश सिंघवी
 
बौद्धिक सम्पदा अधिकार पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन
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उदयपुर चैम्बर ऑफ़ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा एमएसएमई विकास संस्थान, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान यूसीसीआई भवन के पायरोटेक टेम्पसन्स सभागार में “एमएसएमई हेतु बौद्धिक सम्पदा अधिकार" विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस जागरूकता सेमिनार में देश की बौद्धिक सम्पदा अधिकार से जुडी प्रमुख फर्म ट्रेड इनोवेशन सर्विसेज, जयपुर के आईपीआर अटार्नी डाॅ. रोहित जैन मुख्य वक्ता थे।

उदयपुर, 20 नवम्बर 2019। "यदि आप बौद्धिक सम्पदा अधिकार द्वारा अपने बिजनेस के लिये मोनोपाॅली बनाते हैं तो आप प्रतिस्पर्धी कम्पनियों को अपने व्यवसायिक क्षेत्र में प्रवेश करने से रोक सकते हैं। व्यवसाय के लिये कानूनन ट्रेड मार्क जरूरी नहीं है किन्तु अपने ब्रांड को प्रोटेक्ट करने के लिये अपने ट्रेड मार्क का रजिस्ट्रेशन अवश्य करावें।“ उपरोक्त जानकारी आईपीआर अटाॅर्नी डाॅ. रोहित जैन ने यूसीसीआई में दी।

उदयपुर चैम्बर ऑफ़ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा एमएसएमई विकास संस्थान, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान यूसीसीआई भवन के पायरोटेक टेम्पसन्स सभागार में “एमएसएमई हेतु बौद्धिक सम्पदा अधिकार" विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस जागरूकता सेमिनार में देश की बौद्धिक सम्पदा अधिकार से जुडी प्रमुख फर्म ट्रेड इनोवेशन सर्विसेज, जयपुर के आईपीआर अटार्नी डाॅ. रोहित जैन मुख्य वक्ता थे। 

कार्यक्रम के आरम्भ में यूसीसीआई अध्यक्ष रमेश कुमार सिंघवी ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का यूसीसीआई में स्वागत करते हुए बौद्धिक सम्पदा अधिकारों के प्रति सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को जागरूक रहने की सलाह दी। अध्यक्ष सिंघवी ने पेटेन्ट और ट्रेडमार्क के सम्बन्ध में किसी विवाद के पैदा होने की स्थिति से बचने के लिए अपने आविष्कार अथवा ब्रांड का पहले से आईपी में रजिस्टर करवाने की आवश्यकता पर बल दिया। 

प्रदीप ओझा ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिये आईपीआर हेतु सरकारी अनुदान, पेटेन्ट एवं भौगोलिक सूचकों के बाबत पुनर्भरण प्राप्त करने की सरकारी योजनाओं तथा इसमें सहायता प्रदान करने वाली एजेन्सियों के बारे में जानकारी दी। प्रदीप ओझा ने सेमिनार में उपस्थित प्रतिभागियों को बताया कि वे अपने उत्पाद को बढावा देने हेतु इसका विपणन करने के साथ साथ ट्रेड मार्क अथवा काॅपीराईट के द्वारा संरक्षित कर सकते है।

एमएसएमई विकास संस्थान, जयपुर के उप-निदेशक प्रदीप ओझा ने एमएसएमई मंत्रालय की क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सबसिडी स्कीम, जेड सर्टीफिकेशन, एमएसई-सीडीपी स्कीम-क्लस्टर डेवलपमेन्ट, इनक्यूबेशन स्कीम, लीन मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड मार्क, जीआई, प्रोक्योरमेन्ट एण्ड मार्केटिंग सपोर्ट स्कीम आदि के बारे में जानकारी दी। 

एमएसएमई विकास संस्थान, जयपुर के सहायक निदेशक प्रशांत शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा एमएसएमई विकास संस्थान की स्थापना लघु एवं मध्यम उपक्रम हेतु देश एवं विदेश में नये व्यापारिक सम्बन्धों की तलाश और तकनीकी के आदान-प्रदान व हस्तान्तरण की आज की जरूरत को ध्यान में रखकर की गई है। 

एमएसएमई विकास संस्थान लघु उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिये वित्तीय एवं तकनिकी सहायता के वैकल्पिक और नये तरीके उपलब्ध करता है। एमएसएमई विकास संस्थान उत्पादन, विकास, डिजाईन और नई तकनीक के विकास में लघु उद्योगो की सहायता करता है।

तकनीकी सत्र में जयपुर की ट्रेड इनोवेशन सर्विसेज के आईपीआर अटार्नी डाॅ. रोहित जैन ने बौद्धिक सम्पदा अधिकारों की उपयोगिता एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए पेटेन्ट एवं ट्रेड मार्क के विभिन्न स्वरूपों को पावर पाॅईन्ट प्रेजेनटेशन के माध्यम से समझाया। 

डाॅ. रोहित जैन ने बौद्धिक सम्पदा संरक्षण तथा आई.पी.आर. के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रावधानों व प्रभावों पर भी जानकारी दी। उन्होंने बौद्धिक सम्पदा अधिनियम के तहत पंजीकरण कराने की प्रक्रिया तथा भारत में बौद्धिक सम्पदा अधिकारों को किस प्रकार संरक्षित किया जाता है, विषय पर अपना विस्तृत विवेचन प्रस्तुत किया एवं कई केस स्टडीज व उदाहरण भी दिये। डाॅ. रोहित जैन ने स्टार्ट-अप को आईपी में रजिस्टर करवाने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया।

यूसीसीआई के पूर्वाध्यक्ष एवं पायरोटेक टेम्पसन्स ग्रुप के डायरेक्टर वी.पी. राठी ने कम्पनी द्वारा जेड सर्टीफिकेशन प्राप्त करने की सक्सेस स्टोरी प्रतिभागियों को बताते हुए यह प्रमाणीकरण प्राप्त करने से कम्पनी को हुए परिलाभों की जानकारी दी।

एनर्जी एफिशियेन्ट सर्विसेज लिमिटेड के आशीष पारीक ने उद्योग अथवा क्लस्टर में एनर्जी एफिशियेन्ट इक्यूपमेन्ट लगाने हेतु योजनाओं की जानकारी दी। पारीक ने मोटर रिप्लेसमेन्ट स्कीम के विषय में भी जानकारी दी। 

प्रश्नकाल के दौरान एमएसएमई विकास संस्थान के अधिकारियों, वक्ताओं व प्रतिभागियों के बीच सजीव एवं सूचनाप्रद चर्चा हुई तथा विषय विशेषज्ञों ने पेटेन्ट एवं ट्रेडमार्क से सम्बन्धित प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर दिए। 

कार्यक्रम में हेमन्त जैन, प्रतीक हिंगड, वी.पी. राठी, विजय गोधा, अचल अग्रवाल, महेन्द्र माण्डावत, मनोज जोशी आदि सदस्यों के अलावा विभिन्न उद्योगों व संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 

सेमिनार का संचालन मानद महासचिव प्रतीक हिंगड ने किया। कार्यक्रम के समापन पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमन्त जैन ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। 


 

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