औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर का आयोजन
राज्य सरकार की 100 दिवसीय कार्य योजना के तहत उदयपुर चेम्बर ऑफ़ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के यूसीसीआई भवन के अरावली सभागार में सम्भाग स्तरीय औद्योगिक शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उद्योगों से सम्बन्धित जिला एवं राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा उद्यमियों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

स्वरोजगार हेतु स्टार्ट-अप यूनिट कई युवाओं द्वारा लगाये जा रहे हैं। किन्तु कुछ समय बाद अनार्थिक होने के कारण कई स्टार्ट-अप इकाईयां बन्द होने के कगार पर हैं। जिला उद्योग केन्द्र एवं यूसीसीआई को युवाओं को उद्यमिता हेतु प्रोत्साहन प्रदान करने के साथ ही सफल उद्यमी बनने की ट्रेनिंग भी प्रदान करनी चाहिये। उपरोक्त सुझाव युवा उद्यमियों द्वारा यूसीसीआई में औद्योगिक शिविर में दिया गया।
राज्य सरकार की 100 दिवसीय कार्य योजना के तहत उदयपुर चेम्बर ऑफ़ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के यूसीसीआई भवन के अरावली सभागार में सम्भाग स्तरीय औद्योगिक शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उद्योगों से सम्बन्धित जिला एवं राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा उद्यमियों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
अध्यक्ष हंसराज चौधरी ने सभी का स्वागत करते हुए उदयपुर सम्भाग में उद्योगों के संतुलित विकास के लिये यूसीसीआई की ओर से सुझाव दिए। देश में लगभग 15 करोड युवा रोजगार की तलाश में हैं। यदि एक करोड युवाओं को स्वयं का उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाता है तो बेरोजगारी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। यूसीसीआई द्वारा युवाओं के कौशल विकास हेतु संचालित वोकेशनल ट्रेनिंग सेन्टर के बारे में जानकारी देते हुए श्री चौधरी ने बताया कि उद्योगों की जरूरत के अनुसार ट्रेनिंग प्रदान करना इसकी विशेषता है। यूसीसीआई द्वारा सम्भाग के आठ जिलों उदयपुर, राजसमन्द, भीलवाडा, चित्तौडगढ, प्रतापगढ, बांसवाडा, डूंगरपुर एवं सिरोही में वोकेशनल ट्रेनिंग सेन्टर की शाखाएं स्थापित कर रोजगार प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरान्त परीक्षा में उत्तीर्ण युवाओं को यूसीसीआई की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किया जायेगा।
Download the UT Android App for more news and updates from Udaipur
जिला उद्योग केन्द्र के संयुक्त सचिव विपुल जानी ने कहा कि कई युवा स्वयं का उद्योग लगाना चाहते हैं किन्तु उद्योग लगाने की प्रक्रिया नहीं जानते हैं। भावी उद्यमी तैयार करने के उद्देश्य से औद्योगिक शिविर का आयोजन रखा गया है। रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबन्धक एम.के. शर्मा ने नया उद्योग लगाने हेतु वेबसाईट के माध्यम से भूखण्ड आवन्टन की ऑन-लाईन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी।
राजस्थान वित्त निगम के शाखा प्रबन्धक जी.सी. जैन ने निगम की युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना एवं अन्य ऋण योजनाओं की जानकारी देते हुए स्वरोजगार हेतु ऋण प्राप्त करने के लिए ऑनलाईन आवेदन करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। जैन ने चयन प्रक्रिया, ऋण पर ब्याज दर, किश्तों आदि के बारे में भी बताया।
जीएसटी विभाग के रवीन्द्र सिंह चुण्डावत ने नये जीएसटी प्रावधानों की जानकारी दी। चुण्डावत ने नये उद्योग हेतु जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न फाईलिंग तथा रिफण्ड प्राप्त करने के बारे में भी जानकारी दी। शिविर में उद्योग एवं उद्यमों की स्थापना से सम्बन्धित समस्त विभागों यथा जिला उद्योग केन्द्र, रीको, राजस्थान वित्त निगम, फैक्ट्रीज एण्ड बाॅयलर्स, जीएसटी, नाबार्ड आदि के अधिकारियों द्वारा उनसे सम्बन्धित योजनाओं तथा क्रियाकलापों व अन्य विषयो के बारे में जानकारी दी गई तथा औद्योगिक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान उद्योगों से सम्बन्धित विभागों द्वारा विभिन्न योजनाओं की जानकारी तथा विभिन्न कार्यों से सम्बन्धित प्रक्रियाओं एवं प्रावधानों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। साथ ही उद्यमों से सम्बन्धित विचाराधीन कार्यों को भी सम्पादित किया गया। उद्योगों से सम्बन्धित समस्याओं का समाधान एवं नई उद्योग नीति के सम्बन्ध में उद्यमियों के सुझावों पर चर्चा की गई।
मानद महासचिव केजार अली ने युवाओं को गृह कुटीर उद्योग के तहत हैण्डीक्राफ्ट एवं हस्तशिल्प उत्पाद तैयार करने के बारे में जानकारी दी। केजार अली ने स्टार्ट-अप इकाई के नहीं चलने का कारण आत्ममंथन के द्वारा स्वयं पता लगाने का सुझाव दिया। शिविर के समापन के अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष छाबडा ने विभिन्न सरकारी विभागों के सभी अधिकारियों, यूसीसीआई सदस्यों एवं भावी युवा उद्यमियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
