सुहानी सर्दी आन्दोलन-पांच घंटे में एकत्र हुए 2 लाख 10 हजार ऊनी परिधान
उदयपुर के समाजसेवी युवा सेवा भिक्षुओं ने रविवार 4 नवम्बर को फिर एक इतिहास रच दिया। जरूरतमंदों की सेवा को समर्पित इन युवाओं ने घर-घर जाकर महज कुछ घंटों में 2 लाख 10 हजार नए-पुराने ऊनी परिधान एकत्र किए। उदयपुर संभाग की जनता ने भी दिल खोल कर इन युवाओं के समर्पण का स्वागत किया और हाथ खोलकर उन्हें ऊनी परिधानों का दान दिया। सुहानी सर्दी आंदोलन ने अपने चौथे साल में पूरे विश्व के सामने उदाहरण पेश कर दिया कि आसमान में छेद हो सकता है, बस एक पत्थर को तबीयत से उछालने की देर है

उदयपुर के समाजसेवी युवा सेवा भिक्षुओं ने रविवार 4 नवम्बर को फिर एक इतिहास रच दिया। जरूरतमंदों की सेवा को समर्पित इन युवाओं ने घर-घर जाकर महज कुछ घंटों में 2 लाख 10 हजार नए-पुराने ऊनी परिधान एकत्र किए। उदयपुर संभाग की जनता ने भी दिल खोल कर इन युवाओं के समर्पण का स्वागत किया और हाथ खोलकर उन्हें ऊनी परिधानों का दान दिया। सुहानी सर्दी आंदोलन ने अपने चौथे साल में पूरे विश्व के सामने उदाहरण पेश कर दिया कि आसमान में छेद हो सकता है, बस एक पत्थर को तबीयत से उछालने की देर है
सुहानी सर्दी आंदोलन के प्रणेता प्रवीण रतलिया ने बताया कि रविवार सुबह 9 बजे शुरू हुए इस अभियान का लक्ष्य एक लाख नए व पुराने ऊनी परिधान एकत्र करने का था और यह कार्य 5 घंटे में किया जाना था। पूरे उदयपुर संभाग में इस पुनीत कार्य में मानो घर-घर जुड़ा और देखते ही देखते 2 लाख 10 हजार नए-पुराने ऊनी परिधान एकत्र हो गए।
इस कार्य के लिए उदयपुर शहर में 370 टोलियां लगीं और हर टोली में दस-दस सदस्य थे। इस अभियान को वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थापित करने के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम उदयपुर में रही। उदयपुर शहर से एक लाख 60 हजार ऊनी परिधान एकत्र हुए और शेष संभाग के अन्य जिलों से एकत्र हुए। इस अभियान के साथ घर-घर में हर व्यक्ति से यह संकल्प पत्र भी भरवाया गया कि वे आयड़ और उदयपुर की झीलों में कचरा नहीं डालेंगे, अरावली को कटने नहीं देंगे और हर साल एक पेड़ लगाएंगे। कुल 24 हजार घरों से संकल्प पत्र भरे गए।
अभियान के साथ हर घर से 2 रुपए लेकर मिट्टी के दीपक दिए गए और बदले में ऊनी परिधानों का दान मांगा गया। शुरुआत के तीन घंटे में ही 1 लाख से अधिक ऊनी परिधान एकत्र हो गए। यह अभियान पूरे संभाग में चला है और हर जिले में युवा समाजसेवियों की टोलियों ने इतिहास रचा। अभियान के दौरान ऐसे दृश्य सामने आए कि उन लोगों ने भी घर से बाहर आकर युवा समाजसेवियों को पुराने ऊनी परिधान दिए जो खुद एक कमरे में रहते हैं और गरीबी की रेखा से नीचे हैं। उनका जज्बा देख युवाओं का जोश और बढ़ गया।
एक उदाहरण नानी गली में खमेसरों का टिम्बा पर रहने वाली बुजुर्ग भागवंती देवी सिकलीगर का भी सामने आया कि उन्होंने अपने बेटे की शादी का ब्लेजर दान में दिया और यह भी कहा कि तुम लोगों को देने के लिए ही यह निकाल रखा है। वहां के कार्यकर्ताओं ने महसूस किया कि वे खुद आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, लेकिन उनके मन में भी लोगों की मदद करने का जज्बा बरकरार है। शायद यही हमारी भारतीय संस्कृति की विरासत है जो हर वक्त, हर परिस्थिति में जरूरतमंद की मदद के लिए प्रेरित करती है।
अभियान का समय खत्म होने के बाद भी ऊनी परिधानों को लेकर शहरवासी आते रहे। सभी ऊनी परिधान अशोका ग्रीन पैलेस में एकत्र किए गए। कुछ काॅलोनीवासियों ने स्वतः ही घर-घर से ऊनी परिधान एकत्र किए और जब वहां युवा समाजसेवियों की टीम नहीं पहुंच सकी तो शाम को आॅटो-कार में भरकर जमा कराने पहुंचे। किसी घर से एक तो किसी-किसी ने नए-पुराने मिलाकर 15 ऊनी परिधान भी प्रदान किए।
सुहानी सर्दी आन्दोलन का यह चौथा साल है.इसी अभियान के आधार पर रतलिया को पिछले वर्ष दुबई में ‘यंगेस्ट सोश्यल एक्टिविस्ट ऑफ़ एशिया’ के अवार्ड से इन्टरनेशनल फैडरेशन द्वारा दुबई में सम्मानित किया था और पिछले साल भी ज़िला प्रशासन द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया था।
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रतलिया ने बताया कि आचार संहिता के मद्देनजर इन परिधानों का वितरण विधानसभा चुनाव के बाद जनजाति क्षेत्रों में जरूरतमंदों को किया जाएगा।
मुख्य भूमिका में सत्येन्द्र सोलंकी, भूपेन्द्र सोलंकी, कृष्णा अग्रवाल, योगेश भटनागर, महिपाल सिंह, योगेश कटारिया, कुलदीप सोलंकी, ललित कटारिया, जयदीप सोनी, साहिल कुमावत, निशांत कुमावत, तुषार कुमावत, वर्धमान दोषी, अतुल भटनागर, निश्चय सिंह, प्रमोद सोनी, इन्द्रलाल मणि, महिमा चुग, शिरीष माथुर, राज परिहार, अरुण पाठक, दामोदर भोई, जयदीप ओझा, राहुल भावसार, हेमन्त, सोनू गुस्सर, मुकेश गायरी, हिमांशु जैन, निखिल राज माली, विश्वास धीवर, हर्षिल सांखला, जीवन वैष्णव, सृष्टि कोटिआ, सूरज उपाध्याय, जितेश डांगी, अजय बडाला, नरगिस राठौड़, मोहित जम्भ, वर्तुल माहेश्वरी, हरीश सोनी, नरेंद्र आमेटा, रानी नलवाया, अरविन्द सिंह, चेतन, राजेश साल्वी, दुर्गा शंकर रावल, रानी माली, कार्तिक शर्मा, संतोषी लाल गर्ग, चेतन जोशी, रेखा माली, नितिन सिंह चौहान, श्याम साहू, हेमेंद्र मंगरेरा, कल्पेश कलाल, अरुणा सुराणा, जैनेश जैन, बाबाराम, आशीष गोयल, दिवाकर माली, पूजा माली, भारत माली, विष्णु नायर, प्रियांशु शर्मा, पुष्कर माली, देवराज इन्द्र, भारत पांडेय, चिंतन गुप्ता, शकुंतला देवी, गुलाब राजवानी, अरविन्द शर्मा, मनीष शर्मा, पंकज सिंह यादव, देवेंद्र नाथ, मनु शुक्ला, अभय दशोरा, रोहित जोशी, रोहित राठौड़, कइलेश साल्वी, नमन मुर्डिया, पराग वैष्णव, अजय वैष्णव, शिवकांत जोशी, गौरव शर्मा, राहुल पटेल, पियूष परिहार, विप्लव कुमार जैन, राहुल कुमावत, चिराग कोठरी, आशीष जैन, दिलीप शर्मा, सतीश अग्रवाल, संदीप चौहान, संजय अग्रवाल, राघव वर्मा, अतुल भटनागर, रवि सिंह रावत, प्रियेश मेहता, नरेन्द्र वसीटा, दीपक खंडेलवाल, दीपक आसोलिया, हर्ष पंचोली रहे।